Ambedkar statue- “बाबा साहेब की प्रतिमा से अभद्रता पर अमृतसर बंद, दलित समाज का गुस्सा फगवाड़ा तक फैल गया”

Ambedkar statue-

Ambedkar statue- अमृतसर, 27 जनवरी: गणतंत्र दिवस पर अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ की गई बर्बरता ने राज्य में गुस्से की लहर फैला दी है। 26 जनवरी को एक शरारती व्यक्ति ने हेरिटेज स्ट्रीट पर स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा को तोड़ने की कोशिश की और साथ ही वहां रखे संविधान को आग के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद पूरे दलित समाज में आक्रोश फैल गया है, जिसके विरोध में अमृतसर में बंद और फगवाड़ा में रोड जाम जैसी घटनाएं हुईं।

अमृतसर में विरोध प्रदर्शन और बंद

Ambedkar statue- अमृतसर में बाबा साहेब की प्रतिमा के साथ हुई इस घटना के विरोध में आज अमृतसर बंद का आह्वान किया गया। दलित समाज के लोग एकजुट होकर इस घटना का विरोध कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस सुरक्षा की कमी के कारण ही यह घटना घटित हुई, क्योंकि प्रतिमा के पास सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी।

Ambedkar statue- मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया, लेकिन विरोध का सिलसिला यहीं थमा नहीं। फगवाड़ा में भी दलित समुदाय के लोग सड़कों पर उतरे और हाईवे जाम कर दिया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत किया और उन्हें गुरु हरगोबिंद नगर में धरना देने के लिए मनाया।

फगवाड़ा में बढ़ता रोष

Ambedkar statue- फगवाड़ा में दलित समाज के लोग विशेष रूप से इस घटना से गुस्से में थे। उनके नेतृत्व में एसपी रूपिंदर कौर भट्टी से मांग की गई कि आरोपी के खिलाफ फगवाड़ा में भी एफआईआर दर्ज की जाए। एसपी ने उनकी बातों को सुना और मामले की गंभीरता को समझते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

भा.ज.पा. और कांग्रेस की प्रतिक्रिया

Ambedkar statue- भा.ज.पा. ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि यह घटना पंजाब में आप सरकार के तहत हुई और यह कानून व्यवस्था की भारी चूक का उदाहरण है। उन्होंने कहा, “यह घटना पुलिस स्टेशन के सामने हुई, जिससे साफ होता है कि पुलिस ने इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए।” भाजपा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से माफी की मांग की है और उनसे पार्टी के पद से इस्तीफा देने की चुनौती दी है।

पुलिस कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी

Ambedkar statue- इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अमृतसर से बाहर के जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि इस घटना के पीछे की मंशा का पता चल सके। एसपी अमृतसर सिटी विशालजीत सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपी से सख्ती से पूछताछ कर रही है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष:

Ambedkar statue- यह घटना केवल एक बर्बरता नहीं बल्कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के सम्मान का अपमान है। पूरे राज्य में इस घटना का विरोध हो रहा है और दलित समाज की तरफ से सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है। जहां एक ओर भाजपा और कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपनी राय दी, वहीं आम आदमी पार्टी की सरकार को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने घटना के बाद त्वरित कार्रवाई की, लेकिन यह घटना इस बात का संकेत देती है कि हमें समाज में एकता और सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने होंगे।


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