Patiala Police Under Scanner: CCTV न लगाने पर हाईकोर्ट सख्त, मांगा स्पष्टीकरण

पटियाला.
थाने में सी.सी.टी.वी. कैमरे न लगाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में दायर एक कंटेम्प्ट पटीशन के चलते पंजाब पुलिस घिरती नजर आ रही है। हाई कोर्ट ने इस मामले में पंजाब पुलिस के डी.जी.पी. सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
इस संबंध में पटियाला जेल में बंद कैदी अमन प्रजापत ने अपने वकील एडवोकेट मयूर करकड़ा के माध्यम से पटीशन दायर की थी। नोटिस जारी होने के बाद एडवोकेट मयूर करकड़ा ने बताया कि उनके क्लाइंट अमन प्रजापत ने पंजाब पुलिस के खिलाफ पटीशन दायर कर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों का गंभीर उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। पटीशन में दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के हर पुलिस थाने और चौकी में सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाना अनिवार्य किया था, लेकिन पटियाला पुलिस ने इन आदेशों की अवहेलना करते हुए कैमरे नहीं लगाए।
पटीशनर की ओर से वकील मयूर करकड़ा ने अदालत में पक्ष रखा। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने नोटिस ऑफ मोशन जारी करते हुए पंजाब पुलिस को 30 अप्रैल 2026 तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। करकड़ा ने बताया कि यह मामला एफआईआर नंबर 28 दिनांक 28.03.2024 से संबंधित है, जो एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत थाना सदर पटियाला में दर्ज हुई थी। पटीशनर का आरोप है कि पुलिस पोस्ट बहादुरगढ़ में सी.सी.टी.वी. कैमरे नहीं लगे थे, जिसके कारण उसके केस से जुड़े अहम सबूत उपलब्ध नहीं हो सके।
ट्रायल के दौरान पुलिस गवाहों ने भी स्वीकार किया कि संबंधित पुलिस पोस्ट पर सी.सी.टी.वी. कैमरे मौजूद नहीं थे, जिससे कंप्लायंस रिपोर्ट पर सवाल खड़े होते हैं। पटीशनर ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताते हुए पटियाला जिले में सी.सी.टी.वी. व्यवस्था की व्यापक जांच की मांग की है। यह भी उल्लेखनीय है कि इस केस की पैरवी पटियाला की अदालत में आपराधिक मामलों के वरिष्ठ वकील सतीश करकड़ा कर रहे हैं और मामला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरजीत सिंह की अदालत में विचाराधीन है।










