पंचायत चुनाव की तैयारी तेज: बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने जनसंख्या डेटा प्रकाशन 4 मई को किया

पटना
बिहार में होने वाले आगामी पंचायत आम निर्वाचन की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आयोग ने वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर तैयार होने वाले प्रपत्र-1 यानी राजस्व ग्रामवार जनसंख्या विवरण के प्रकाशन की पूर्व निर्धारित तिथि में बदलाव कर दिया है। अब इसका प्रारूप प्रकाशन 27 अप्रैल को नहीं बल्कि 04 मई को किया जाएगा।
इस कारण से लिया गया निर्णय
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हए बताया कि किसी अपरिहार्य कारणों से समय-सारणी में संशोधन किया गया है। नए शेड्यूल के तहत अब निर्वाचन क्षेत्रों के लिए जनसंख्या आधारित आंकड़ों का मिलान और सत्यापन नए सिरे से तय समय-सीमा में पूरा किया जाएगा। संयुक्त निर्वाचन आयुक्त का कहना है कि डाटा प्रविष्टि और इसके सत्यापन का कार्य चुनावी पारदर्शिता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को प्रक्रिया का अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
दावा और आपत्ति के लिए मिलेगा समय
राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि प्रपत्र-1 के प्रारूप प्रकाशन के बाद यदि किसी नागरिक या मतदाता को इसके आंकड़ों को लेकर कोई शिकायत है, तो वे अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आपत्ति दर्ज कराने की तिथि 04 मई से 18 मई तक निर्धारित की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग का स्पष्ट रूप से कहना है कि आपत्ति का आधार केवल वर्ष 2011 की जनसंख्या ही मान्य होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि निर्धारित 4 मई की समय-सीमा के भीतर प्रपत्र-1 का प्रकाशन सुनिश्चित करें ताकि चुनावी प्रक्रिया में कोई और विलंब न हो।
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विशेष जानकारी कहाँ से लें?
आम जनता की सुविधा के लिए आयोग ने प्रकाशन स्थलों की सूची भी जारी की है। पंचायत एवं पंचायत समिति सदस्य पद के लिए ग्राम पंचायत कार्यालय और प्रखंड (Block) कार्यालय बनाया गया है। वहीं जिला परिषद सदस्य पद के लिए प्रखंड कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय और जिला पदाधिकारी कार्यालय निर्धारित किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि किसी भी तरह की जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.sec.bihar.gov.in से भी जानकारी ली जा सकती है।
ऑनलाइन सुविधा और टोल-फ्री नंबर
राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाताओं के लिए इस बार तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। नागरिक आयोग की वेबसाइट पर जाकर न केवल प्रपत्र-1 देख सकते हैं, बल्कि ऑनलाइन दावा या आपत्ति भी दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की सहायता, सुझाव या शिकायत के लिए आयोग के टोल-फ्री नंबर 1800-3457-243 पर संपर्क किया जा सकता है।











