Pinarayi Vijayan के करीबी घेरे पर ED की रेड, 10 लोकेशन पर जांच तेज

तिरुवनन्तपुरम
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ ईडी की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने बुधवार सुबह सुबह चीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पिनाराई विजयन के आवास पर तलाशी अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई चल रही जांच के तहत की गई। इसमें कथित वित्तीय अनियमितताओं और धनशोधन के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। बता दें कि केरल में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत लगभग 10 जगहों पर तलाशी ली गई। Pइनमें राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम में विजयन का किराए का आवास भी शामिल था।
जानें क्या है मामला
बता दें कि केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पी. विजयन से जुड़ी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) वित्तीय लेनदेन मामले में केरल हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की जांच को जारी रखने की अनुमति दे दी है। न्यायमूर्ति टीआर रवि ने कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड और उसके चार वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दायर उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें ईडी की जांच और ईसीआईआर को चुनौती दी गई थी। हालांकि यह मामला सीधे तौर पर पी. विजयन से जुड़ा नहीं है, लेकिन तब यह बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया था। जब आरोप लगे कि सीएमआरएल ने एक्सलोगिक सोलूशन्स को संदिग्ध भुगतान किए थे। यह कंपनी उनकी बेटी वीणा थाइकांडियिल की बताई जाती है।
लगे थे ये आरोप
आरोपों के अनुसार, सीएमआरएल ने बिना किसी वास्तविक सेवा के वीणा के कंपनी को हर महीने भुगतान किया था, जिसके बाद केरल में राजनीतिक विवाद तेज हो गया था। विपक्ष ने बार-बार विजयन और उनके परिवार पर सवाल उठाए थे। सीएमआरएल और उसके अधिकारियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर ईडी की कार्रवाई को रद्द करने की मांग की थी। उनका कहना था कि इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत कोई अपराध नहीं बनता, इसलिए ईडी को जांच का अधिकार नहीं है।
कोर्ट के फैसले के बाद जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता मिला
याचिकाकर्ताओं में सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक एस.एन. ससीधरन कर्था, सीएफओ के.एस. सुरेश कुमार, सीनियर मैनेजर एन.सी. चंद्रशेखरन और सीनियर अधिकारी अनु रैचल कुरुविला शामिल थे। इससे पहले सुनवाई के दौरान कुछ अधिकारियों ने ईडी पर पूछताछ के दौरान अवैध हिरासत का आरोप लगाया था। इसके बाद जून 2024 में हाई कोर्ट ने ईडी को पूछताछ की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। विजिलेंस अदालतों और हाई कोर्ट द्वारा पहले भी इस मामले में विजिलेंस जांच की मांग खारिज की जा चुकी थी। अब मंगलवार के फैसले के बाद ईडी को इस हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता मिल गया है।











