पाकिस्तान समर्थित साजिश का खुलासा, लश्कर के इशारे पर खड़ा हुआ नेटवर्क; NIA ने कसी नकेल

अमृतसर
पंजाब के अमृतसर में रहने वाला अंकुश कपूर पूरी तरह पाकिस्तान की कठपुतली बन चुका था. पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर उसने अमृतसर में नार्को-टेरर की पूरी लंका तैयार कर ली थी. उसकी इस लंका के तार सिर्फ अमृतसर या पंजाब तक सीमित नहीं थे, बल्कि उसका नेटवर्क इटली, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) तक फैल चुका था. अब नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने उसकी इस लंका के दहन की पूरी तैयारी कर ली है. इसकी सिलसिले में एनआईए ने अंकुश के अमृतसर स्थिति बंगले को जब्त कर लिया है।
एनआईए का दावा है कि इस बंगले को नार्को-टेरर की काली कमाई से तैयार किया गया था. जांच में सामने आया है कि आरोपी अंकुश कपूर ही लश्कर-ए-तैयबा के नार्को-टेरर नेटवर्क को भारत में संभाल रहा था. अंकुश कपूर के संबंध दुबई में बैठे उन लोगों से थे, जिनके तार सीधे तौर पर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे. एनआईए का मानना है कि यह नेटवर्क केवल नशीले पदार्थों की तस्करी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका मकसद ड्रग्स से होने वाली कमाई को आतंकी गतिविधियों तक पहुंचाना भी था।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ड्रग से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंक की जड़ों को मजबूत करने के लिए करता आया है. आरोपी अंकुश कपूर भी इसी कड़ी का एक अहम चेहरा था. वह लश्कर के इशारे पर ड्रग्स की तस्करी के साथ स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन में अहम भूमिका निभाता था. एनआईए की जांच में यह भी सामने आया कि नेटवर्क के तार सिर्फ भारत और पाकिस्तान तक सीमित नहीं थे. इसका नेटवर्क इटली, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तक फैला हुआ था।
जांच में यह भी सामने आया है कि ड्रग्स की कमाई को अगल अगल तरीके से विभिन्न देशों में भेजा जाता था. बाद में, इसी कमाई का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जाता था. मंगलवार को जिस मकान को जब्त किया गया, उसे यूएपीए के तहत आतंक से अर्जित संपत्ति माना गया है. जांच एजेंसी के अनुसार, अंकुश कपूर को टेरर फंडिंग, आपराधिक साजिश और गैरकानूनी गतिविधियों के तहत गिरफ्तार किया गया था. उस पर एनडीपीएस एक्ट और भारतीय दंड संहिता (आईपीएस) की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामले दर्ज हैं. इस पूरे मामले में अब तक 26 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।












