योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, यूपी आउटसोर्स सेवा निगम को मिलेगा ₹20 करोड़ का ब्याजमुक्त ऋण

यूपी आउटसोर्स सेवा निगम को मिलेगा 20 करोड़ का ब्याजमुक्त ऋण
5 वर्षों तक निगम पर ऋण अदायगी का नहीं रहेगा दायित्व, उसके बाद 2 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष करना होगा भुगतान
सार्वजनिक सेवाओं को मिलेगा नया आधार, आउटसोर्स व्यवस्था होगी और सुदृढ़
लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के संचालन को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्यय में प्रावधानित 20 करोड़ रुपये की धनराशि निगम को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस निर्णय से नवगठित निगम के संचालन को मजबूती मिलेगी व प्रदेश में आउटसोर्स सेवाओं के प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन कंपनी अधिनियम-2013 की धारा-8 के अंतर्गत एक गैर-लाभकारी पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में किया गया है। निगम का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संचालित करना है।
प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का प्रयास
उन्होंने कहा कि वर्तमान में निगम अपने संचालन के शुरुआती चरण में है। ऐसे में इसके प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, आउटसोर्सिंग एजेंसियों से लिए जाने वाले सेन्टेज चार्ज सहित अन्य व्यवस्थाओं को विकसित करने, कार्य संचालन को सुचारु रूप से शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता थी। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने 20 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि निगम प्रारंभिक वर्षों में अपनी आय के माध्यम से ऋण चुकाने की स्थिति में नहीं होगा। प्रारंभिक आंकलन के आधार पर पहले पांच वर्षों तक निगम पर ऋण अदायगी का दायित्व नहीं रहेगा। इसके बाद निगम अपनी आय से 2 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की दर से अगले दस वर्षों में इस ऋण का भुगतान करेगा।












