15 सितंबर तक भेजने होंगे प्रस्ताव, बिहार में नए नगर निकाय बनाने और दर्जा बढ़ाने की तैयारी

पटना
बिहार में नगर निकायों की सीमा और स्वरूप बदलने की प्रक्रिया तेज होने जा रही है। सरकार ने जिलों से नगर निकायों के विलय, सीमा विस्तार, दर्जा बढ़ाने और नए नगर निकाय बनाने के प्रस्ताव मांगे हैं। इन प्रस्तावों पर पहले जिला स्तर पर समीक्षा होगी।
प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में होगी प्रस्तावों की समीक्षा
नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है। डीएम अपने जिले के प्रभारी मंत्री से जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक बुलाने का अनुरोध करेंगे। बैठक में नगर निकायों से जुड़े सभी प्रस्तावों की समीक्षा की जाएगी।
चार तरह से बदल सकता है नगर निकायों का स्वरूप
सरकार के स्तर पर चार प्रमुख बदलावों पर विचार किया जा रहा है। दो या अधिक नगर निकायों का विलय कर एक नया निकाय बनाया जा सकता है। नगर निकाय से सटे ग्रामीण क्षेत्रों को भी उसकी सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार होगा।
पुराने निकायों का बढ़ेगा दर्जा, नए भी बनेंगे
जरूरत के अनुसार छोटे नगर निकायों को बड़े निकाय में मिलाने या उनका दर्जा बढ़ाने पर भी विचार होगा। तेजी से शहरीकरण वाले ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निकाय का दर्जा देने की संभावना है। इससे नए नगर निकायों के गठन का रास्ता भी खुल सकता है।
शहरीकरण वाले इलाकों पर रहेगा खास फोकस
विभाग ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों को चिह्नित करेगा जहां आबादी और शहरी गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। इन क्षेत्रों को नजदीकी नगर निकाय में शामिल करने या नया निकाय बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा सकता है। इससे शहरों की सीमा का विस्तार होगा।
15 सितंबर तक विभाग को भेजने होंगे प्रस्ताव
जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की अनुशंसा के बाद जिलाधिकारी प्रस्ताव निर्धारित प्रपत्र में विभाग को भेजेंगे। इसके लिए सरकार ने 15 सितंबर 2026 की समय-सीमा तय की है। प्रस्तावों के आधार पर बिहार में नगर निकायों के पुनर्गठन की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।











