मुफ्त सफर के आदेश बेअसर, रक्षाबंधन पर बहनों से किराया वसूली; बसों की कमी से यात्री बेहाल

हिसार
रक्षाबंधन पर्व पर बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी व स्वादिष्ट व्यंजन भी खिलाए। जिसके बाद भाइयों ने बहनों की रक्षा करने का भरोसा भी दिलाया। पर्व को लेकर सुबह 8 बजे से रात साढ़े 8 बजे तक बाजारों में रौनक देखने को मिली। महिलाओं ने भाईयों के लिए सुंदर-सुंदर राखियां खरीदी व स्वादिष्ट व्यंजन भी लिए। स्थानीय व दूर-दराज से आने वाली बहनों को निजी बस चालकों ने मायूस किया। उनसे किराया भी वसूला। जिसकी शिकायत रोडवेज अधिकारियों के पास भी पहुंची लेकिन एक भी समाधान का निदान नहीं हो पाया। जबकि सरकार ने रोडवेज व निजी बस चालकों को आदेश दिए थे कि रक्षाबंधन पर्व पर 27 अगस्त दोपहर 12 बजे से 28 अगस्त रात 12 बजे तक बहनों के लिए निश्शुल्क यात्रा सेवा के आदेश दिए। आदेश पत्राचार भी किए लेकिन निजी बस चालकों ने आदेशों को दरकिनार कर बहनों से किराया वसूला।
दोपहर 12 बजे बाद रूटों से गायब हुई निजी बसें
वीरवार दोपहर 12 बजे बाद विभिन्न रूटों से निजी बसें गायब हो गई। क्योंकि दोपहर 12 बजे से महिलाओं के लिए सरकार ने निशुल्क बस यात्रा सेवा शुरू करने के आदेश दिए थे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। 50 प्रतिशत निजी बसें गायब हो गई। जबकि शेष 50 प्रतिशत निजी बस चालकों ने महिलाओं से किराया वसूला। जिस कारण महिलाओं को रक्षाबंधन पर्व पर काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ा।
गर्मी व उमस ने भी छुड़ाए बहनों के पसीने
बस स्टैंड पर भी महिलाओं को खास सुविधा देखने को न मिली। बसों के इंतजार में लंबे समय से खड़ी महिलाओं को उमस व गर्मी ने भी परेशान किया। क्योंकि बस स्टैंड पर काफी भीड़ जमा हो गई जबकि महिलाओं की तुलना में सुविधाएं नाममात्र दिखी। ऐसा नहीं है अधिकारियों को इस बारे में पता नहीं था। पता होने के बावजूद भी अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया।
टीएम से लेकर एसएएस को नहीं पता कितनी दौड़ी बसें
रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज व निजी बसों का डाटा टीएम के पास होना जरूरी है। ताकि दुरुस्त रिपोर्ट सरकार को भेजी जा सकें। लेकिन हैरानी की बात है कि वीरवार रात 9 बजे तक टीएम व एसएएस के पास न रोडवेज बसों के और न ही निजी बसों के आंकड़े थे। जिससे प्रतीत होता है कि रोडवेज के अधिकारियों ने केवल कागजों में अपनी तैयारी रखी जबकि जमीनी हकीकत कुछ और रही।
विद्यार्थियों व यात्रियों को सताया बसों का टोटा
रक्षाबंधन पर्व पर जहां बहनों को परेशानी का सामना करना पड़ा तो दूसरी ओर अन्य रूटों पर यात्रा करने वाले विद्यार्थियों व यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। क्योंकि बस स्टैंड पर 50 प्रतिशत तक ही बसें चली। जिस कारण बसों के टोटे से अन्य रूटों के यात्रियों व विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ये बोली बहनें मुझे पानीपत जाना है। दो घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। लेकिन अभी तक रोडवेज बसों का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों की तरफ से भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। सरकार को दुरुस्त इंतजाम करने चाहिए थे। -नितेश, यात्री।
मुझे राखी बांधने के लिए कैथल जाना है लेकिन रोडवेज बसें नहीं मिल रही है। जिस कारण एक घंटे से इंतजार में खड़ी हूं। रोडवेज का कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। जबकि निजी बस चालक किराया वसूल रहे हैं। कोई कार्रवाई भी नहीं हो रही है। सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। -पूनम, 12क्वार्टर निवासी, यात्री।
बस स्टैंड पर हुई चोरी, पुलिस की नहीं दिखी सख्ती
बस स्टैंड पर वीरवार को रक्षाबंधन पर्व पर चोरी की घटनाएं भी हुई। दोपहर ढाई से साढ़े तीन बजे के बीच रोडवेज परिसर स्थित पुलिस चौकी में दो शिकायतें पहुंचीं। पहली शिकायत एक छात्रा के पर्स चोरी होने की थी।
छात्रा के अनुसार वह बस में चढ़ रही थी, तभी उसका पर्स गायब हो गया। पर्स और उसमें रखे पहचान पत्र पुलिस की तलाश के बाद मिल गए, लेकिन उसमें रखे रुपये नहीं मिले। छात्रा के अनुसार पर्स में कुल 6000 रुपये थे। वह हास्टल में रहती है और रक्षाबंधन पर घर जा रही थी।
पर्स में हाथ डालते पकड़ा
साढ़े तीन बजे काउंटर नंबर एक पर हुई। स्वजन को राखी के अवसर पर बस स्टैंड छोड़ने आए युवक ने एक महिला को उसके पर्स में हाथ डालते हुए पकड़ लिया। इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी और हाथापाई हुई। आसपास मौजूद लोगों ने 112 पर सूचना देने को कहा। पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। मुझे नहीं पता है कि कितनी रोडवेज व कितनी निजी बसें चली। -श्रवण, डीआइ, हिसार डिपो











