Ajakscg: फिर काटा एकलव्य का अंगुठा, MBBS के विद्यार्थियों को जानबूझकर कम अंक देकर किया अनुत्तीर्ण, अजाक्स ने कुलाधिपति/राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन…
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ajakscg रायपुर | [छत्तीसगढ़ बुलेटिन] | ऑनलाइन बुलेटिन : चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर में जातिवाद का मामला सामने आया है। यहां एक बार फिर एकलव्य का अंगुठा काटकर “द्रोण” ने एमबीबीएस प्रथम वर्ष के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकांश मेधावी विद्यार्थियों को जानबूझकर किसी विषय विशेष में कम अंक देकर अनुत्तीर्ण किया है। अनुसूचित समाज के विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कराने की मांग को लेकर अजाक्स के प्रांताध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण भारती व प्रांतीय संगठन सचिव जितेंद्र पाटले के द्वारा राज्यपाल व कुलाधिपति विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ शासन रायपुर को ज्ञापन सौंपा है। वहीं मामला सामने आने के बाद से अनुसूचित जाति व जनजाति संगठनों में गहरा आक्रोश है।
ajakscg बता दें कि दलित हितों पर काम करने वाली संस्था छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग राज्यपाल से की है। अजाक्स के प्रांताध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण भारती व प्रांतीय संगठन सचिव जितेंद्र पाटले के द्वारा ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल को अवगत कराया है कि अनुसूचित एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकांश विद्यार्थियों को जानबूझकर एमबीबीएस प्रथम वर्ष की परीक्षा में कम अंक दिए गए हैं।
ajakscg चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम जारी होने और इसके विवादों में आ जाने से अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति संगठनों में आक्रोष है। बता दें कि अभी 5 मई 2024 के हुई नीट परीक्षा का मामला पूरी तरह से ठंडे बस्ते में भी नहीं गया था कि छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में हुए कथित भेदभाव का मामला सामने आ जाने से माहौल एक बार फिर से तूल पकड़ने लगा है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ में अनुसूचित समाज की बाहुल्यता है। छत्तीसगढ़ का गठन इन्हीं वर्गों के उत्थान की परिकल्पना के साथ की गई थी। लेकिन अफसोस है कि इस अनुसूचित जनजाति बाहुल्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में अनुसूचित समाज के लोग ही खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
ajakscg छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) ने राज्यपाल को ज्ञापन में कहा है कि चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष में अध्य्यनरत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकांश विद्यार्थियों को जानबूझकर कम अंक दिए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अजाक्स ने राज्यपाल व कुलाधिपति विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ शासन रायपुर को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग किया है।
यहां देखें अंक तालिका

ajakscg ज्ञापन में छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (ajakscg) ने ज्ञापन के माध्यम से कहा है कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम को अवलोकन करने से यह प्रतीत हो रहा है कि अनुसूचित एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकांश विद्यार्थियों को जानबूझकर किसी विषय विशेष में कम अंक प्रदान कर अनुत्तीर्ण किया गया है।
ajakscg बता दें कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम जारी किया गया है। परीक्षा परिणाम जारी होने के साथ ही विवादों में आ गया है। इसे लेकर अनुसूचित जाति व अनुसूचति जनजाति संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। और मामले की बच्चों के भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए गंभीरता से जांच करने की मांग की है।
ajakscg शिक्षा जगत को शर्मशार करने वाला उक्त सहा. प्राध्यापक / परीक्षक पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्परीक्षण/जांच कर संशोधित परीक्षा परिणाम जारी करने की मांग छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (ajakscg) ने की है।
अजाक्स द्वारा राज्यपाल को सौंपा गया ज्ञापन.

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