कुम्हारपारा आंगनबाड़ी केंद्र में सजा ‘आंगन मिलन’

​रायपुर 

 राज्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नारायणपुर  जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 28 सितंबर से ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को नगर पालिका क्षेत्र स्थित कुम्हारपारा आंगनबाड़ी केंद्र में सामुदायिक सहभागिता और अपनत्व से सराबोर कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
​सजी रंगोली से दिया पोषण का संदेश

इस अवसर पर कुम्हारपारा केंद्र में रंगोली के माध्यम से बच्चों के संतुलित एवं पौष्टिक आहार तथा स्वास्थ्य संबंधी संदेशों को बेहद रोचक तरीके से प्रदर्शित किया गया। उपस्थित लोगों ने रंगोली के जरिए पोषण के महत्व और बच्चों के खान-पान से जुड़ी आवश्यक जानकारियों को समझा।

​मासूमों से आत्मीय संवाद, जाना हाल-चाल

कार्यक्रम में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनका परिचय लिया और उनकी रुचियों व गतिविधियों के बारे में जाना। इस संवाद ने केंद्र में अपनत्वपूर्ण माहौल बना दिया। इस पहल के माध्यम से अभिभावकों को यह संदेश दिया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पूरक पोषण आहार वितरण का स्थल नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम हैं।

​पारंपरिक रीति-रिवाजों से गोद भराई और अन्नप्राशन

कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। गर्भवती माताओं को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों, नियमित स्वास्थ्य जांच और संतुलित आहार की जानकारी दी गई। शिशुओं को ऊपरी अथवा पूरक आहार देने की शुरुआत के साथ ही बाल पोषण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया गया।

​विभागीय योजनाओं की दी गई जानकारी

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उपस्थित माताओं और अभिभावकों को टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा तथा विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों से आंगनबाड़ी की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

​सामुदायिक सहभागिता से मजबूत हो रहा जुड़ाव

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य मती हीना नाग, पार्षद रमशिला नाग सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और कुपोषण-मुक्त भविष्य के लिए परिवार के साथ-साथ समाज और आंगनबाड़ी केंद्रों का एकजुट प्रयास आवश्यक है।  ​

आगामी दिनों में जिले के अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों में भी इसी तरह के ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे जन-सामान्य और आंगनबाड़ी केंद्रों के बीच का रिश्ता और मजबूत हो सके।


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