अमेरिका-ईरान तनाव के बीच B-2 बॉम्बर वीडियो वायरल, क्या बड़े एक्शन का संकेत?

नई दिल्ली
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ डैन स्काविनो का एक सोशल मीडिया पैटर्न फिर सुर्खियों में है. दावा किया जा रहा है कि जब-जब उन्होंने B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर का वीडियो पोस्ट किया, उसके कुछ समय बाद ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान शुरू हुए. अब उनके नए वीडियो पोस्ट ने एक बार फिर संभावित अमेरिकी कार्रवाई की अटकलों को हवा दे दी है.

बताया जा रहा है कि फरवरी 2026 में स्काविनो ने पहली बार B-2 बॉम्बर का वीडियो शेयर किया था. करीब 24 घंटे बाद अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले शुरू कर दिए थे.

इसके बाद फरवरी के आखिर और मार्च की शुरुआत में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने "ऑपरेशन मिडनाइट हैमर" की पुष्टि की. इस अभियान में चार B-2 बॉम्बर्स ने अंडरग्राउंड मिसाइल और परमाणु ठिकानों पर 2,000 पाउंड के बम गिराए और सैकड़ों सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया.

मई 2026 में स्काविनो ने बिना किसी कैप्शन के फिर वही 17 सेकंड का B-2 बॉम्बर वाला वीडियो पोस्ट किया. इसके तुरंत बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बंदर अब्बास समेत ईरान के कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल ठिकानों पर नए हमलों का आदेश दिया.

अब फिर से स्काविनो ने एक और वीडियो शेयर किया है, जिसमें B-2 स्पिरिट बॉम्बर के साथ F-22 रैप्टर लड़ाकू विमान उड़ते दिखाई दे रहे हैं. यह पोस्ट ऐसे समय आया है जब ईरान लगातार अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है और राष्ट्रपति ट्रंप नए सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.

B-2 स्पिरिट को अमेरिका का सबसे आधुनिक स्टील्थ स्ट्रैटेजिक बॉम्बर माना जाता है. यह भारी सुरक्षा वाले इलाकों में रडार से बचते हुए घुस सकता है और भूमिगत बंकरों को नष्ट करने वाले शक्तिशाली "बंकर बस्टर" बम ले जाने में सक्षम है. यही वजह है कि विश्लेषकों का मानना है कि इस विमान की तस्वीरें या वीडियो सिर्फ सैन्य ताकत दिखाने के लिए नहीं, बल्कि ईरान को रणनीतिक संदेश देने के लिए भी इस्तेमाल किए जाते हैं. हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि स्काविनो की सोशल मीडिया पोस्ट किसी सैन्य कार्रवाई का संकेत होती हैं.


Back to top button