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कोरबा में बस्ताविहीन शाला की शुरुआत, प्राथमिक व माध्यमिक शाला आपाली में रोपे गए फूल व छायादार पौधे रोपे गए koraba mein bastaaviheen shaala kee shuruaat, praathamik va maadhyamik shaala aapaalee mein rope gae phool va chhaayaadaar paudhe rope gae

कोरबा | [छत्तीसगढ़ बुलेटिन] | छत्तीसगढ़ शासन की योजनानुरूप प्रत्येक शनिवार को सुबह स्कूल लगना है एवं बच्चों को खाली हाथ यानी बस्ता नहीं लाना है। एक दिन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वालम्बन, पेंटिंग, कबाड़ से जुगाड़, ज्ञानवर्द्धक वाद-विवाद प्रतियोगिता, स्लोगन प्रतियोगिता, बाल बैंक, योगा, आदि कलाओं को सीखेंगे। इसी योजनानुरूप प्राथमिक व माध्यमिक शाला आपाली में बच्चे बिना बस्ते के स्कूल पहुंचे। जहां 9 जुलाई 2022 शनिवार की सुबह स्कूल लगने पर विद्यार्थयों व शिक्षकों द्वारा स्कूल प्रांगण में पौधरोपण किया गया।

शाला आपाली में शिक्षकों व विद्यार्थीयों द्वारा किए गए पौधरोपण में 3 नीम, 3 करण, 2 कोसम के छायादार पौधे व 10 गुलाब, 50 गेंदा, 15 चिरैया फूलदार पौधे लगाए गए। माध्यमिक शाला आमापाली के प्रधानपाठक ओमप्रकाश पारीक, वरिष्ठ शिक्षक मुकुन्द उपाध्याय ने बताया छत्तीसगढ़ शासन के योजनानुरूप प्रत्येक शनिवार को सुबह स्कूल लगाना है।

 

बच्चों को खाली हाथ यानी बस्ता नहीं लाना हैं, एक दिन बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वालम्बन, पेंटिंग, कबाड़ से जुगाड़, ज्ञानवर्द्धक वादविवाद प्रतियोगिता, स्लोगन प्रतियोगिता, बाल बैंक, योगा, आदि कलाओं को सीखेंगे।

शाला के मुख्यमंत्री गौरव अलंकृत शिक्षक मुकुन्द उपाध्याय ने बताया कि प्रत्येक शनिवार को हमारे स्कूल के बच्चों को अलग अलग गतिविधियों को बताया, सिखाया जाएगा। शासन के इस निर्णय से स्कूल के बच्चों में बहुत उत्साह है और वे हर कार्य के लिये उत्सुक होते हुए तैयार हैं।

 

 

Start of schoolless school in Korba, flowers and shady plants planted in primary and secondary school Aapali

 

Korba | [Chhattisgarh Bulletin] | As per the plan of Chhattisgarh government, school is to be started every Saturday in the morning and children should not be brought empty handed. One day, for the all-round development of the children, sports, cultural programs, self-help, painting, juggling with junk, knowledge-enhancing debate competition, slogan competition, children’s bank, yoga, etc. will be learned in the arts. According to this plan, children in primary and secondary school Aapali reached school without bags. Where, on the morning of 9th July 2022, when the school started, the students and teachers planted saplings in the school premises.

Three neem, 3 karan, 2 kosam shady plants and 10 roses, 50 marigolds, 15 chiraya flowering plants were planted in Shala Aapali by the teachers and students. Omprakash Pareek, headmaster of secondary school Amapali, senior teacher Mukund Upadhyay told that the school has to be set up every Saturday morning as per the plan of Chhattisgarh government.

खेलबो जीतबो गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ | ऑनलाइन बुलेटिन
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Children do not have to bring empty-handed bags, one day for the all-round development of children, sports, cultural programs, self-reliance, painting, juggling with junk, knowledge-building debate competition, slogan competition, children’s bank, yoga, etc. will learn arts.

The Chief Minister of the school, Gaurav ornate teacher Mukund Upadhyay told that on every Saturday, different activities will be taught to the children of our school. Due to this decision of the government, there is a lot of enthusiasm among the school children and they are ready, eager for every task.

 

 

 

 

हार न मानने की जिद ने पैदा किया कवि और पायी परिस्थितियों पर जीत haar na maanane kee jid ne paida kiya kavi aur paayee paristhitiyon par jeet

 

 

 

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