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पारसमणी पाने बैगा को पीट-पीटकर मार डाला, महिला समेत 10 आरोपी गिरफ्तार paarasamanee paane baiga ko peet-peetakar maar daala, mahila samet 10 aaropee giraphtaar

जांजगीर-चांपा | [छत्तीसगढ़ बुलेटिन] | जिले में ‘पारस पत्थर’ के लालच में बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या कर दी गई। किवदंती अनुसार, लोहे को सोना बनाने वाले पारस पत्थर पाने बैगा को पूजा पाठ के बहाने अपने साथ जंगल ले गए थे। बदमाश उससे पारस पत्थर मांगते रहे और बैगा नहीं होने की बात कहता रहा। पत्थर नहीं देने पर उसे-पीट-पीट कर मार डाला और उसके शव को जंगल में ही दफना दिया था। पुलिस ने एक महिला सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बैगा की पत्नी से भी मारपीट की है। मामला छत्तीसगढ़ के जांजगीर थाना क्षेत्र के मुनुंद गांव का है।

 

जांजगीर-चांपा के एएसपी अनिल सोनी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मुनुंद गांव में बाबूलाल यादव नाम का बैगा अपनी पत्नी के साथ रहता था। बैगा की पत्नी रामवती यादव ने 9 जुलाई को कोतवाली थाना में पति के गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। 8 जुलाई की रात कुछ लोग घर आए और उसके पति को झाड़ फूंक का बाहना कर अपने साथ ले गये।

 

रात करीब 12 बजे फिर से 8 से 10 लोग घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाने लगे। दरवाजा खोलने पर आरोपियों के द्वारा मारपीट करते हुए उसके हाथ एवं मुंह को कपड़ा बांधकर घर के अंदर रखे नकदी 23 हजार, 2 सोने का फुल्ली, 1 चांदी की पायल, 2 जोड़ी चांदी की बिछिया साथ ले गए। बदमाशों ने घर के पूजा स्थान के पास सब्बल से खुदाई कर कुछ खोजा और फिर वापस चले गये।

 

कड़ाई से पूछताछ करने पर टूट गए आरोपी

 

एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बैगा को खोजने टीम बनाने के निर्देश दिए। महिला से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने टेकचंद जायसवाल और राजेश हरवंश को पहले हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बैगा बाबूलाल के पास पारस पत्थर होने की जानकारी उन्हें मिली थी।

 

पारस पत्थर को हासिल करने अपने अन्य साथियों रामनाथ श्रीवास, मनबोधन यादव, छवी प्रकाश, यासिन खान, खिलेश्वर पटेल, तेजराम पटेल, अंजू पटेल, सतीश केसकर के साथ मिलकर एक योजना बनाई। प्लानिंग के तहत सभी बाबूलाल के घर गए और झाड़ फूंक से इलाज कराने के नाम पर उसे अपने साथ कटरा के जंगल में ले गए।

 

बदमाशों ने बैगा को बंधक बना रखा था

 

एएसपी ने बताया कि जंगल में बाबूलाल से पारसमणी पत्थर के बारे में आरोपी पूछने लगे। बैगा द्वारा नहीं बताने पर उसे जगंल में ही बंधक बनाकर रखा गया था। सभी आरोपी बैगा के घर रात को फिर आए और उसकी पत्नी के हाथ हाथ-पैर बांधकर पारस पत्थर खोजने लगे। पत्थर नहीं मिलने से गुस्से में फिर जंगल पहुंचे। बैगा से फिर पारस पत्थर मांगे और नहीं मिलने पर हाथ मुक्का व लाठी, डंडे से बेदम पिटाई कर दी, जिससे बैगा की मौत हो गई।

 

हत्या के बाद शव को जंगल में दफना दिया और सभी अपने घर चले गये। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पंतोरा थाना क्षेत्र के डेम के पास बाबूलाल का थैला, जड़ी-बूटी और मोबाइल को जला दिया था। सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया है।

 

 

Baiga was thrashed to death to get parsmani, 10 accused including woman arrested

 

 

Janjgir- Champa | [Chhattisgarh Bulletin] | The elderly were brutally murdered in the district for the greed of ‘Paras Patthar’. According to legend, Paras, who made iron and gold, took Baiga to the forest with him on the pretext of worshiping to get the stone. The miscreants kept asking him for a Paras stone and kept telling him that he was not a Baiga. For not giving stones, he was beaten to death and his body was buried in the forest itself. The police have arrested 10 accused including a woman. The accused also beat up Baiga’s wife. The case is of Munund village of Janjgir police station area of ​​Chhattisgarh.

 

While disclosing the matter, Janjgir-Champa ASP Anil Soni said that a Baiga named Babulal Yadav lived with his wife in Munund village. Baiga’s wife Ramvati Yadav had lodged a missing complaint of her husband at the Kotwali police station on July 9. On the night of July 8, some people came home and took her husband with them under the pretext of extortion.

 

Around 12 o’clock in the night again 8 to 10 people reached the house and started knocking on the door. On opening the door, the accused took away 23 thousand cash kept inside the house, 2 gold phulli, 1 silver anklet, 2 pair of silver toenails by tying cloth to his hands and mouth. The miscreants dug something from the sable near the place of worship of the house and then went back.

 

The accused broke down after rigorous interrogation

 

In view of the seriousness of the matter, the SP directed to form a team to find Baiga. Based on the information received from the woman, the police first detained Tekchand Jaiswal and Rajesh Harvansh. After rigorous interrogation, both the accused confessed to their crime. The accused told the police that they had got information about Baiga Babulal having Paras stone.

 

To get Paras stone, along with his other comrades Ramnath Srivas, Manbodhan Yadav, Chhavi Prakash, Yasin Khan, Khileshwar Patel, Tejram Patel, Anju Patel, Satish Keskar made a plan. Under the planning, everyone went to Babulal’s house and took him with them to the forest of Katra in the name of getting treatment from the dust.

 

The miscreants had taken Baiga hostage

 

The ASP told that the accused started asking Babulal about the Parsimani stone in the forest. When Baiga did not tell, he was kept hostage in the jungle itself. All the accused came to Baiga’s house again at night and by tying his wife’s hands and feet, Paras started searching for the stone. Due to not getting the stone, he again reached the forest in anger. Paras again asked for a stone from Baiga and when he did not get it, he punched and beat him with sticks, due to which Baiga died.

 

After the murder, the dead body was buried in the forest and everyone went to their homes. The accused told the police that Babulal’s bag, herbs and mobile were burnt near Dam of Pantora police station area. All were arrested and produced before the court, from where all have been sent to jail.

 

 

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