LPU हिंसा के बाद CM मान का एक्शन, DGP गौरव यादव को ग्राउंड पर जाने के निर्देश

 चंडीगढ़
 लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों को लेकर स्टूडेंट के प्रदर्शन और नेशनल हाईवे जाम किए जाने के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सख्त रुख अपनाया है।मुख्यमंत्री ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही डीजीपी गौरव यादव को खुद ग्राउंड पर जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। डीजीपी गौरव यादव को मौके पर पहुंचकर कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के साथ स्टूडेंट से बातचीत और पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

अफवाह इंटरनेट पर वायरल होने के बाद भड़के छात्र 
एलपीयू में छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों से जुड़ा मैसेज इंटरनेट
मीडिया पर वायरल होने के बाद स्टूडेंट बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए थे। नेशनल हाईवे जाम कर दिए जाने के कारण जालंधर और लुधियाना के बीच यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। एलपीयू से रामा मंडी होते हुए पीएपी तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया। रामा मंडी की तरफ आने वाले वाहनों को होशियारपुर रोड की ओर भेजा गया, जबकि जालंधर से कैंट की तरफ जाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से कैंट और नकोदर के रास्ते हाईवे पर भेजने की व्यवस्था की गई।

स्टूडेंट का प्रदर्शन जारी रहने के कारण पुलिस को यातायात सामान्य करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

यूनिवर्सिटी ने वायरल दावों को बताया झूठा
एलपीयू की रजिस्ट्रार डा मोनिका गुलाटी ने इंटरनेट मीडिया पर फैल रहे संदेशों और दावों को झूठा, बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया है। यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्व इंटरनेट मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिये अफवाहें फैला रहे हैं, जिससे स्टूडेंट के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है और यूनिवर्सिटी के शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।

यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें और केवल यूनिवर्सिटी के आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी को ही सही मानें।
एफआइआर दर्ज, मैसेज के स्रोत की भी जांच

इस मामले में पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम के साथ इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए मैसेज के स्रोत की भी जांच कर रही है। साइबर सेल यह पता लगाने में जुटा है कि संदेश सबसे पहले किस नंबर या अकाउंट से सामने आया और इसके बाद किस तरह इसे आगे फैलाया गया।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब डीजीपी स्तर पर मामले की निगरानी की जा रही है। ग्राउंड पर स्थिति का जायजा लेने के बाद पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश देकर साफ किया है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


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