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मां-बाप ने बेटे-बहू पर ठोका था केस; 5 करोड़ या पोता दो maan-baap ne bete-bahoo par thoka tha kes; 5 karod ya pota do

हरिद्वार | [कोर्ट बुलेटिन] | पौत्र-पौत्री के सुख से वंचित रखने के मामले में महिला की ओर से पुत्र-पुत्रवधू के खिलाफ दायर वाद में मंगलवार को स्थानीय अधिकारी से रिपोर्ट नहीं आने पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए 30 मई 2022 तिथि तय की है। तृतीय एसीजे एसडी कोर्ट ने दायर वाद में मंगलवार को स्थानीय संरक्षण अधिकारी से रिपोर्ट तलब की थी।

 

अधिवक्ता ने बताया कि सिडकुल स्थित हरिद्वार ग्रीन निवासी महिला साधना प्रसाद पत्नी संजीव रंजन प्रसाद ने अपने पुत्र श्रेय सागर, पुत्रवधू शुभांगी के खिलाफ वाद दायर किया था। दायर वाद में महिला ने बताया था कि पुत्र श्रेय सागर उसकी एक मात्र संतान हैं।

 

उन्होंने अपने पुत्र की परवरिश में कोई कमी नहीं की। वर्तमान में श्रेय सागर एक प्रतिष्ठित एयर लाइन कम्पनी में बतौर पायलट कैप्टन है। महिला ने बताया कि पुत्र श्रेय सागर को पायलट बनाने के लिए यूएसए से प्रशिक्षण में पैंतीस लाख रुपये की फीस, रहन-सहन का खर्च बीस लाख और पुत्र व पुत्रवधू की खुशी के लिए 65 लाख की कार लोन पर खरीद कर दी हुई है।

 

दिसंबर 2016 में उसने वंश बढ़ाने के लिए अपने पुत्र श्रेय सागर की शादी शुभांगी निवासी सेक्टर 75 नोएडा यूपी के साथ कराई थी। यही नहीं, महिला ने नवविवाहित दंपति को हनीमून मनाने के लिए थाईलैंड भेजा था। आरोप है कि वहां से लौटने के बाद पुत्रवधू रोजाना अपने पति से झगड़ा करने लगी और महिला और उसके पति को झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

 

जिसपर तंग आकर महिला ने दोनों पुत्र-पुत्रवधू को संपत्ति से बेदखल कर दिया था। आरोप लगाया कि जब उसने अपने पुत्र और पुत्रवधू से एक पौत्र व पौत्री के जन्म के लिए कहा, तो दोनों ने अलग-अलग रहना शुरू कर दिया है। महिला ने दोनों पर शादी के 6 वर्ष होने के बाद भी पौत्र और पौत्री के सुख से वंचित कर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।

 

यही नहीं, दोनों पर संतान उत्पन्न न करने के लिए परिवार न्यायालय में विवाह विच्छेद का केस दायर करने का आरोप लगाया है। दोनों से हर्जाना स्वरूप 5 करोड़ रुपये की मांग भी की गई है। महिला ने पुत्रवधू पर अपने पिता, माता व दोनों भाइयों के कहने पर उसे वंश सुख से वंचित करने का आरोप लगाया हुआ है।

 


 

The parents had put the case on the son and daughter-in-law; Give 5 crores or grandson

 

 

Haridwar | [Court Bulletin] | In the case filed by the woman against the son-daughter-in-law in the matter of depriving the grandson and daughter-in-law, on Tuesday, the court has fixed 30 May 2022 for hearing after the report was not received from the local authority. In the suit filed by the Third ACJ SD Court, a report was summoned from the local conservation officer on Tuesday.

 

The advocate said that Sadhna Prasad, wife of Sanjeev Ranjan Prasad, a resident of Haridwar Green located in SIDCUL, had filed a suit against her son Shrey Sagar, daughter-in-law Shubhangi. In the suit filed, the woman had told that son Shreya Sagar is her only child.

 

He did nothing in the upbringing of his son. Presently Shrey Sagar is a Pilot Captain in a reputed airline company. The woman told that to make son Shreya Sagar a pilot, a fee of thirty five lakh rupees for training from USA, 20 lakh for living expenses and 65 lakh for the happiness of son and daughter-in-law has been purchased on loan.

 

In December 2016, he got his son Shrey Sagar married to Shubhangi resident Sector 75 Noida UP to increase his family. Not only this, the woman had sent the newly married couple to Thailand for a honeymoon. It is alleged that after returning from there, the daughter-in-law started quarreling with her husband daily and has been accused of threatening to implicate the woman and her husband in a false case.

 

Being fed up with which the woman had evicted both the sons and daughters-in-law from the property. It is alleged that when he asked his son and daughter-in-law for the birth of a grandson and granddaughter, both have started living separately. The woman has accused both of them of mental harassment by depriving them of the happiness of grandson and granddaughter even after 6 years of marriage.

 

Not only this, both have been accused of filing a divorce case in the family court for not producing children. A demand of Rs 5 crore has also been made from both of them in the form of damages. The woman has accused the daughter-in-law of depriving her of family happiness at the behest of her father, mother and both brothers.

 

 

सैनिक फार्म में अवैध निर्माण है तो बुल्डोजर से ध्वस्त कर दीजिए, हम कुछ नहीं कहेंगे sainik phaarm mein avaidh nirmaan hai to buldojar se dhvast kar deejie, ham kuchh nahin kahenge

 

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