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साथ पढ़ी, साथ बढ़ी और सहेलियों में हो गया प्यार, घर से भागकर रह रहीं एकसाथ, कोर्ट की शरण पहुंचा परिवार भी लाचार, कोर्ट ने कहा- दोनों बालिग, अपनी जिंदगी के फैसले खुद ले सकतीं हैं | ऑनलाइन बुलेटिन

जबलपुर | [कोर्ट बुलेटिन] | जबलपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां 2 लड़कियां एक-दूसरे पर मर मिटने को तैयार हैं। दोनों ने एक दूसरे के साथ जीने मरने की कसमे खा डालीं हैं। इन दोनों लड़कियों को एक-दूसरे से प्यार इतना कि इन्हें अपने प्यार के आगे अपने भी पराए लगने लगे हैं। इन दोनों की एक दूसरे के प्रति दीवानगी इतनी कि इनको कतई मंजूर नहीं है कि इनका परिवार इनके बीच में दीवार बने। दोनों अपने प्रेम में इस तरह पागल है कि ना तो इन्हें अपने परिवार की चिंता है.. नहीं समाज की..

 

लव की केमिस्ट्री में कहा जाता है कि अट्रैक्शन हमेशा अपोजिट जेंडर में होता है, लेकिन यदि यह अट्रैक्शन सेम जेंडर में हो जाए तो फिर क्या कहना।

 

साथ पढ़ी, साथ बढ़ी और प्यार हो गया

 

दरअसल, 14 अगस्त को घर से फरार जबलपुर की दोनों लड़कियां रिलेशनशिप में हैं। दोनों बचपन से साथ में खेली, पढ़ीं और बड़ी हुईं. फिर दोनों को प्यार हो गया। समाज और परिवार ने जब उंगली उठाना शुरू किया तो दोनों घर छोड़कर भाग गई। सवाल कुछ भी हो जवाब दोनों का सिर्फ एक है कि दोनों साथ रहना चाहती हैं। बताया जा रहा है कि 16 अगस्त परिवार ने नजदीकी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई।

 

कोर्ट की शरण पहुंचा परिवार भी लाचार

 

एक लड़की की उम्र 18 साल है तो दूसरी 22 साल की है। 18 साल की एक लड़की के पिता के आगे जब कोई रास्ता नहीं बचा, तो मजबूर पिता ने हाईकोर्ट की शरण ली, लेकिन जब हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया तो पिता भी लाचार हो गया। हाईकोर्ट ने साफ-साफ कह दिया कि दोनों बालिग हैं, लिहाज अपने जिंदगी का फैसला लेने का उन्हें पूरा अधिकार है।

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सरकारी वकील सुयश ठाकुर ने बताया कि याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि मलिमठ और विशाल मिश्रा की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की। इस दौरान पिता ने कहा कि उनकी बेटी गलत राह पर जा रही है। वहीं बेटी ने कोर्ट को बताया कि घर वाले मुझे पीटते हैं। मैं बालिग हूं। समझदार हूं। अपने पैरों पर खड़ी हूं, इसलिए मुझे अपना जीवन जीने की इजाजत दी जाए।

 

कोर्ट ने दोनों को एक घंटे का समय दिया। कहा- दोनों आपस में सलाह कर लें। एक घंटे बाद दोनों फिर हाईकोर्ट के सामने पेश हुए। यहां युवती अपनी सहेली के साथ रहने की बात पर अड़ी रही। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि लड़की बालिग है, इसलिए अपनी जिंदगी से जुड़े फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है।

 

14 अगस्त को घर से भागी थी लड़कियां

 

दोनों लड़कियां 14 अगस्त को अपने अपने घर से फरार हुई थी। दो दिन बाद उनके परिवार ने 16 अगस्त को थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। एएसपी प्रदीप शेंडे के मुताबिक युवती के पिता ने खमरिया थाने में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने लड़की को ढूंढकर उनके घर पहुंचा था, लेकिन लड़की ने अपने पिता के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया है।

 

पड़ोस में रहते-रहते हो गया प्यार

 

दोनों लड़कियां जबलपुर के खमरिया इलाके में ईस्टलैंड में रहती हैं। बताया जा रहा है कि, पड़ोसी होने के साथ-साथ दोनों एक दूसरे की रिश्तेदार भी हैं। 22 साल की युवती के माता-पिता नहीं हैं, जिसकी वजह से उसकी देखभाल भी 18 साल की लड़की का परिवार ही करता था।

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18 साल की युवती के पिता ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से रिटायर हैं। शराब पीकर आए दिन झगड़ा करते थे। पेरेंट्स जब उसे पीटते, तो वह बचने के लिए दूसरी युवती के घर चली जाती थी। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती गहराती गई और दोनों के बीच प्यार परवान चढ़ गया।

 

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