Cow Care Tips- ठण्ड में घायल गौवंश की हुई मौके पर सर्जरी: पशुचिकित्सक डॉ. सुभाष घारू की तत्परता ने बचाई जान…
Cow Care Tips-

गोपालसर, दिसंबर 2024
Cow Care Tips- कड़ाके की ठण्ड और अलसुबह का समय, जब पशुपालक लालसिंह को अपने प्रिय बैल (गौवंश) की दर्दनाक स्थिति का पता चला, तो उन्होंने तुरंत प्रथम श्रेणी पशुचिकित्सालय, दुलचासर का रुख किया। उनकी चिंता और समय पर मिली मदद ने गौवंश की जान बचा ली।
लालसिंह ने पशुचिकित्सालय प्रभारी डॉ. सुभाष घारू को बताया, “मेरा बैल खारिये कुएं के पास घायल अवस्था में घूम रहा है। उसके आगे के बांये पैर की चमड़ी लटक रही है और खून बह रहा है। संभवतः किसी गाड़ी ने उसे टक्कर मारी है। उसकी हालत इतनी खराब है कि वह अब चलने में भी असमर्थ है। कृपया जल्दी से मदद करें।”

त्वरित कार्रवाई और सावधानीपूर्वक सर्जरी
Cow Care Tips- डॉ. घारू ने तुरंत आवश्यक सामग्री के साथ अपनी टीम सहित मौका स्थल का रुख किया। सबसे पहले, घायल गौवंश को सुरक्षित तरीके से पशुपालक के घर पहुंचाया गया। वहां, वैज्ञानिक विधि और जायलाजिन सीडेशन (एक विशेष इंजेक्शन) की सहायता से गौवंश को नियंत्रित किया गया।
गौवंश को इस प्रकार लिटाया गया कि घायल पैर ऊपर की ओर रहे। डिटोल साबुन से घाव को अच्छी तरह साफ किया गया ताकि उसमें किसी प्रकार की गंदगी न रहे। बालों को साफ करने और स्थानीय निश्चेतक लगाने के बाद, एक्सीडेंटल घाव पर सिल्क से टांके लगाए गए।
सर्जरी के बाद, गौवंश को एंटीबायोटिक और दर्द निवारक इंजेक्शन दिए गए। साथ ही, पशुपालक को सलाह दी गई कि टांकों को गंदगी और धूल से बचाएं तथा प्रतिदिन स्प्रिट से सफाई करें ताकि घाव जल्दी ठीक हो सके।

ग्रामवासियों और पशुपालक की राहत
Cow Care Tips- इस सर्जरी के बाद लालसिंह और अन्य ग्रामवासियों ने राहत और खुशी व्यक्त की। सभी ने डॉ. घारू और उनकी टीम की तत्परता और सेवा भावना की सराहना की। इस कार्य में पशुधन निरीक्षक ममता कुमारी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निष्कर्ष
इस घटना ने दिखाया कि सही समय पर की गई पशुचिकित्सा न केवल जान बचा सकती है बल्कि पशुपालकों को मानसिक सुकून भी देती है। ऐसे उदाहरण पशुपालन और पशुचिकित्सा की आवश्यकता और महत्व को रेखांकित करते हैं।












