Dalit Attacked for Playing Bhajan-? “सावन में शिव भजन बजाने पर दलित युवक की पिटाई! ई-रिक्शा बना जुल्म का गवाह | Muradabad Shocker”
Dalit Attacked for Playing Bhajan-?

? मुरादाबाद की चौंकाने वाली घटना: सावन में शिव भजन बजाने पर दलित को पीटा गया, 25 लोगों पर केस!
Dalit Attacked for Playing Bhajan-? उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक ऐसी खबर सामने आई है जो पूरे देश को झकझोर देने वाली है। सावन माह में जब देशभर में भगवान शिव की भक्ति चरम पर होती है, तब मुरादाबाद के एक इलाके में सिर्फ भजन बजाने पर एक हिन्दू दलित युवक को बेरहमी से पीटा गया। ये मामला न सिर्फ धार्मिक सहिष्णुता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि जातिवाद की जड़ें कितनी गहरी हैं – यह भी सामने लाता है।
? क्या है पूरा मामला?
Dalit Attacked for Playing Bhajan-? यह घटना बिलारी थाना क्षेत्र के रुस्तमनगर सहसपुर के जाटवान मोहल्ले की है। पीड़ित युवक अंकित उर्फ छोटू, पेशे से ई-रिक्शा चालक है। गुरुवार शाम जब वह अपना ई-रिक्शा चार्जिंग के लिए मोहल्ला इमली के नीचे ले जा रहा था, तब उसमें भगवान शिव का भजन बज रहा था।
Dalit Attacked for Playing Bhajan-? जब अंकित साबिर चौक पर पहुंचा, तो कुछ युवकों ने ई-रिक्शा रोक कर भजन बंद करने को कहा। अंकित ने शांतिपूर्वक जवाब दिया कि यह कोई अश्लील गाना नहीं है, सिर्फ भजन है। वह आगे बढ़ गया, लेकिन किसी को क्या पता था कि उसकी यह ‘भक्ति’ जानलेवा हमले में बदल जाएगी।
? लौटते समय जानलेवा हमला
Dalit Attacked for Playing Bhajan-? जब अंकित वापसी में उसी रास्ते से जा रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे भूरा, समीर और उनके 15-20 साथी अचानक हमला कर बैठे। जातिसूचक शब्दों के साथ गालियां दी गईं और फिर गला दबाकर मारने की कोशिश की गई। भीड़ ने मिलकर उसे पीटा और धमकी देते हुए चले गए।
? संगठनों का आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए। शुक्रवार को सभी कार्यकर्ता पीड़ित अंकित को लेकर बिलारी थाने पहुंचे। वहाँ उन्होंने हंगामा करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस पर पुलिस ने पांच नामजद और 15-20 अज्ञात आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
⚖️ दर्ज हुई ये गंभीर धाराएं:
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मारपीट
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जानलेवा हमला (Section 307 IPC)
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एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा
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धमकी देना
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साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश
बिलारी सर्किल के CO अशोक कुमार सिंह के अनुसार, पुलिस ने प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच जारी है।
? बड़ा सवाल: क्या अब शिव भजन बजाना भी गुनाह है?
भारत में धार्मिक स्वतंत्रता संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है। कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक रूप से अपनी भक्ति या श्रद्धा व्यक्त कर सकता है — बशर्ते कि वह दूसरों की धार्मिक भावनाओं को आहत न करे। तो सवाल उठता है कि भजन बजाने को लेकर इस हद तक हिंसा क्यों? क्या केवल इसलिए कि पीड़ित दलित है?
? दलितों पर अत्याचार: एक पुरानी परंपरा?
भारत में दलितों को लंबे समय से सामाजिक और धार्मिक रूप से हाशिए पर रखा गया है। चाहे मंदिर प्रवेश हो, या धार्मिक जुलूस – कई बार दलितों को केवल इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे अपनी धार्मिक आस्था को सार्वजनिक रूप से व्यक्त करते हैं।
? सोशल मीडिया पर उठे सवाल:
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी बवाल मचा दिया है। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #JusticeForAnkit, #DalitLivesMatter और #BhajanNahiGunah जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। लोग सवाल पूछ रहे हैं:
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क्या ये नया भारत है जहां भजन भी जातिवादी हिंसा का कारण बनता है?
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यदि यही हरकत किसी दूसरे समुदाय के साथ होती तो क्या प्रतिक्रिया यही होती?
?️ चश्मदीदों की गवाही:
कुछ स्थानीय लोगों ने गुप्त रूप से बताया कि आरोपियों ने पहले से ही अंकित की जाति और ई-रिक्शा पर बजते भजन को लेकर कई बार आपत्ति जताई थी। यानी ये हमला एक पूर्व नियोजित जातीय और धार्मिक घृणा से प्रेरित था।
? सरकार और प्रशासन को क्या करना चाहिए?
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फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाया जाए।
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सुरक्षा के लिए पीड़ित को संरक्षण दिया जाए।
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सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान लेकर निष्पक्ष जांच की जाए।
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दोषियों पर रासुका (NSA) लगाने की मांग की जाए।
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धार्मिक स्वतंत्रता और जातीय समानता पर संवाद शुरू किया जाए।
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? निष्कर्ष:
Dalit Attacked for Playing Bhajan-? सावन में शिव भक्ति को लेकर हुआ ये हमला एक संकेत है कि जातिवाद और धार्मिक असहिष्णुता अभी भी हमारे समाज के अंदर कितनी गहराई से जमी हुई है। यह सिर्फ एक दलित युवक की पिटाई नहीं थी, यह संविधान, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय पर हमला था।
अब समय आ गया है कि हम न सिर्फ न्याय की मांग करें बल्कि समाज में सहानुभूति, सम्मान और समानता के मूल्यों को फिर से जीवित करें।












