Monica Khursail की जयंती पर बिलासपुर में शानदार संगीत आयोजन: मेयर पूजा विधानी व डीपीओ जितेन्द्र कुमार पाटले हुए शामिल, देखें वीडियो… “
Monica Khursail-

Monica Khursail- “मोनिका खुरशैल की जयंती पर बिलासपुर में संगीत का जादू, एक बेहतरीन सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन!”
Monica Khursail- मोनिका खुरशैल , छत्तीसगढ़ की प्रख्यात पार्श्व गायिका, जिनकी आवाज़ ने कई दिलों को छुआ और जिन्होंने संगीत के क्षेत्र में अपनी अद्वितीय पहचान बनाई, उनकी जयंती पर बिलासपुर में एक शानदार संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन न केवल उनके योगदान को याद करने का एक अवसर था, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के समाजिक और सांस्कृतिक सरोकारों को भी उजागर करता है।

समाज सेवा और संगीत का अद्भुत मेल:
23 फरवरी 2025, रविवार को आयोजित यह कार्यक्रम बिलासपुर के रामलीला मैदान के पास स्थित बंगाली स्कूल चौक में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ मोनिका खुरशैल जी को श्रद्धांजलि अर्पित करना नहीं था, बल्कि संगीत के माध्यम से समाज को जोड़ने और सकारात्मक बदलाव लाने की एक पहल भी था।
इस भव्य आयोजन के मुख्य अतिथि के रूप में मान. श्रीमती पूजा विधानी जी, महापौर नगर निगम बिलासपुर उपस्थित थीं, जिन्होंने इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम को अपने आशीर्वाद से पूरा किया। उनके शब्दों में, “मोनिका खुरशैल जी जो आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी याद में यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।”

विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी:
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री एच.एस. भदोरिया जी (समाज सेवा समिति के अध्यक्ष) और श्री प्रभात कुमार पासवान जी (एस.सी.एस.टी. रेलवे कर्मचारी संगठन, बिलासपुर) भी शामिल हुए। इन अतिथियों ने इस कार्यक्रम को एक और खास बना दिया।
संगीत प्रतियोगिता और सम्मान समारोह:
कार्यक्रम में एक संगीत प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के संगीत प्रेमियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और पारितोषिक प्रदान किए गए। साथ ही, सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए, जिससे हर प्रतिभागी को सम्मानित किया गया। यह आयोजन सभी संगीत प्रेमियों के लिए प्रेरणादायक था।

समाज सेवा का संदेश:
इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल संगीत का आनंद लेने के लिए नहीं था, बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी था। संगीत और समाज सेवा को जोड़ते हुए कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी को सामाजिक उद्देश्य के प्रति प्रेरित करने की कोशिश की गई।
खुरशैल परिवार की भूमिका:
यह शानदार आयोजन खुरशैल परिवार और उनके रिश्तेदारों, मित्रों के सहयोग से संभव हुआ, जिनका इस कार्यक्रम में अहम योगदान था। इस प्रकार के आयोजनों में भाग लेने से न केवल संगीत प्रेमियों को प्रेरणा मिलती है, बल्कि यह सांस्कृतिक एकता और समाजिक सौहार्द को भी बढ़ावा देता है।

समाप्ति:
मोनिका खुरशैल की जयंती पर आयोजित यह संगीत कार्यक्रम न केवल एक कला का उत्सव था, बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव की दिशा में एक कदम था। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक प्रभाव डालने का भी एक प्रभावशाली तरीका है। अगर आप भी संगीत प्रेमी हैं और समाज में बदलाव लाने की इच्छा रखते हैं, तो ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेकर आप भी अपनी भूमिका निभा सकते हैं!

पाशर्व गायिका मोनिका खुरशैल की जयंती अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में गायक सर्वश्री
सुजॉय भट्टाचार्य ने “मैं निकला गड़डी लेकर….”
रानु पसेरिया ने “तुने ओ रंगीले कैसा जादू किया”
राधे श्याम जी ने “मेरे नैना सावन भादो”
विकास चंद ने “चंदन सा बदन”
मास्टर तनिष्क ने “ओम नम: शिवाय”
विष्णु वर्धन ने “तेरे नाम हमने किया है”
एम वैष्णवी ने “उनसे मिली नजर”
परदेसी ने “कोई रोको ना”
रीतु राय ने “किसका रस्ता देखे”
कृष्णा तिवारी ने “किसका रस्ता देखे”
आशुतोष कटकवार ने “आंख है भरी भरी”
बी जॉन ने “चिंगारी कोई भड़के”
सुभाष मौर्य ने “गाड़ी बुला रही है”
तिलक राव ने “ये जो…”
पिताम्बर ने “फूल कली चांद सितारे” गानों पर अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुति दी।













