Guru Ghasidas Central University- 11वें दीक्षांत समारोह में गणेश कुमार कोशले को पीएचडी की उपाधि, छत्तीसगढ़ की अनुसूचित चेतना पर अंबेडकरवाद का प्रभाव

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Guru Ghasidas Central University- बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में छत्तीसगढ़ के इतिहास और अनुसूचित चेतना पर शोध करने वाले गणेश कुमार कोशले को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उनका शोध विषय था “छत्तीसगढ़ में अनुसूचित चेतना में अंबेडकरवाद का प्रभाव: 1947 से 2000 तक जांजगीर-चांपा जिले के विशेष संदर्भ”

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाई गरिमा

Guru Ghasidas Central University-  इस भव्य समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति महामहिम जगदीप धनखड़ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, ऑल इंडिया टेक्निकल एजुकेशन के अध्यक्ष प्रो. टी. जी. सीतारमण, राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृत उत्थान श्री अतुल कोठारी, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साहू, और विश्वविद्यालय के कुलपति श्री आलोक कुमार चक्रवाल भी मौजूद थे।

शोध कार्य की मुख्य विशेषताएं

Guru Ghasidas Central University- गणेश कुमार कोशले ने अपने शोध में अंबेडकरवाद के प्रभाव को गहराई से समझा और छत्तीसगढ़ की अनुसूचित जाति की चेतना के विकास पर इसके प्रभाव का अध्ययन किया। यह शोध 1947 से 2000 तक जांजगीर-चांपा जिले पर केंद्रित था और इस अवधि के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक बदलावों का विश्लेषण करता है। उनके शोध ने यह स्थापित किया कि अंबेडकरवादी विचारधारा ने इस क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता और सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उपराष्ट्रपति ने दी बधाई

Guru Ghasidas Central University-भारत के उपराष्ट्रपति महामहिम जगदीप धनखड़ ने इस अवसर पर शोधार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी का शोध और शिक्षा में योगदान हमारे देश की प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने अनुसंधान के क्षेत्र में नए दृष्टिकोण अपनाने और समाज को लाभ पहुंचाने वाले शोध कार्य करने की प्रेरणा दी।

दीक्षांत समारोह का महत्व

Guru Ghasidas Central University- गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के इस दीक्षांत समारोह में 500 से अधिक छात्रों को उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह में छात्रों के शैक्षणिक और शोध कार्यों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिससे विश्वविद्यालय में शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में प्रगति को प्रदर्शित किया गया।

छत्तीसगढ़ में अनुसंधान की नई दिशा

Guru Ghasidas Central University- गणेश कुमार कोशले का यह शोध न केवल छत्तीसगढ़ की अनुसूचित जातियों के इतिहास और अंबेडकरवाद की भूमिका को समझने में मदद करेगा, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में नए दृष्टिकोण भी प्रस्तुत करेगा।

 

निष्कर्ष
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय का यह 11वां दीक्षांत समारोह शिक्षा और शोध के क्षेत्र में प्रेरणादायक रहा। यह समारोह छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और सामाजिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण योगदान के रूप में दर्ज होगा।

डिस्क्लेमर: यह लेख दीक्षांत समारोह से प्राप्त जानकारी पर आधारित है और इसका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और प्रासंगिक जानकारी पहुंचाना है।

 

 


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