नेपाल लिंक वाले हवाला-साइबर गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस ने घोड़ासहन में की छापेमारी

मोतिहारी
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन इलाके में पुलिस ने साइबर ठगी और हवाला कारोबार से जुड़े एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि इस कार्रवाई में करीब 69 लाख रुपए बरामद किए गए हैं और सीमा पार फैले एक बड़े वित्तीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
साइबर टीम को मिली खुफिया खबर से खुला राज
साइबर थाना और चार स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने गुरुवार देर रात घोड़ासहन मेन रोड, बाजार क्षेत्र और वीरता चौक समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान करीब आधा दर्जन दुकानों की तलाशी ली गई। साइबर सेल के एसडीपीओ अभिनव पराशर ने बताया कि पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि साइबर ठगी से कमाया गया पैसा सीमा पार नेपाल में संचालित बैंक खातों के जरिए भेजा जा रहा है।
नेपाली बैंकिंग चैनलों में घुमाया जाता था पैसा, 68 लाख कैश मिले
सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जो अवैध रकम को नेपाली बैंकिंग चैनलों के जरिए घुमाकर जांच एजेंसियों से बचाने की कोशिश कर रहा था। एसडीपीओ ने बताया, 'छापेमारी के दौरान इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से 69 लाख रुपए, 11 मोबाइल फोन, करेंसी गिनने की मशीन, नेपाल के कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और संपर्क के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कई व्हाट्सएप नंबर बरामद किए गए।'
आम लोगों के बैंक खातों का होता था इस्तेमाल
पुलिस का कहना है कि जब्त सामान पूरे साइबर क्राइम नेटवर्क का पता लगाने में अहम भूमिका निभाएगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर साइबर ठगी का कारोबार चला रहा था और इसके जरिए 50 करोड़ रुपए से अधिक के लेनदेन की आशंका है। गिरोह पर आरोप है कि वह आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध रकम के लेनदेन के लिए करता था और इसके बदले कमीशन देता था।
जुटाई गई जानकारी के आधार पर छापेमारी की गई। इस दौरान 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 69 लाख रुपए, 11 मोबाइल फोन, करेंसी गिनने की मशीन, नेपाल के कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज मिले।
नेटवर्क की जड़ें इंटरनेशनल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूर्वी चंपारण से जुड़े इस नेटवर्क की जड़ें काफी गहरी हैं और इसमें राज्य के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई लोग शामिल हो सकते हैं। अब पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की पहचान में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और छापेमारी और तलाशी अभियान जारी रहने की संभावना है।












