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IMD ने अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में चार डिग्री तापमान वृद्धि की भविष्यवाणी की

नईदिल्ली

उत्तर भारत में आखिर गर्मी का प्रकोप कब थमेगा…इन दिनों सभी के दिमाग में बस यही सवाल चल रहा है. हाल ये है कि उत्तर भारत के आठ राज्यों में पारा 43 डिग्री से ऊपर बना हुआ है. राजस्थान के कई इलाकों में तापमान 48 डिग्री के पार जा चुका है. गुजरात में भी पारा 45 के पार जा चुका है. ऐसे में अब सभी को राहत की फुहारों का इंतजार है लेकिन उत्तर भारत से बादल अभी दूर हैं. हालांकि दिल्ली में सुबह शाम हवाओं ने चढ़ते पारे को जरा थाम रखा है लेकिन अगले कुछ दिनों में प्रचंड गर्मी की संभवना जताई गई है.

3 से 4 डिग्री और चढ़ेगा पारा

भारत के बड़े हिस्से में पड़ रही प्रचंड गर्मी भी बदस्तूर जारी रही और बाड़मेर में इस साल का अब तक सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया. प्रचंड गर्मी के बीच दिल्ली में यमुना नदी के जल स्तर में भी गिरावट आई है, जिससे जल आपूर्ति प्रभावित हुई. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में तीन से चार डिग्री की वृद्धि की भविष्यवाणी के साथ स्थितियां और खराब होने की संभावना जताई है.

गर्म रातें बढ़ाएंगी परेशानी

मौसम विभाग ने राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें सभी उम्र के लोगों में गर्मी से होने वाली बीमारियों और हीटस्ट्रोक की "बहुत अधिक संभावना" जताई है. आईएमडी के मुताबिक,  गर्म रात की स्थिति अगले चार दिनों में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में गर्मी से संबंधित तनाव को और बढ़ा सकती है.

खतरनाक हैं गर्म रातें

रात का उच्च तापमान खतरनाक माना जाता है क्योंकि इससे शरीर को ठंडा होने का मौका नहीं मिलता है. शहरों में रात के समय गर्मी बढ़ना आम है. इसमें मेट्रो सिटी में अपने आसपास के इलाकों की तुलना में ज्यादा गर्म होती हैं.  प्रचंड गर्मी बिजली ग्रिडों पर दबाव डाल रही है और जलस्रोत सूख रहे हैं, जिससे देश के कुछ हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो रही है.

सूख रहे जलाशय

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, भारत के 150 प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण पिछले सप्ताह पांच सालों में अपने सबसे निचले स्तर पर गिर गया, जिससे कई राज्यों में पानी की कमी बढ़ गई और जलविद्युत उत्पादन पर काफी असर पड़ा. विशेषज्ञों का कहना है कि बाहर काम करने वाले मजदूरों, बुजुर्गों और बच्चों को गर्मी से होने वाली थकावट और हीटस्ट्रोक का खतरा अधिक होता है.

हीटवेव से हजारों मौतें

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 1998 से 2017 के बीच हीटवेव से 1,66,000 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले साल जुलाई में संसद को बताया था कि भारत में 2015 और 2022 के बीच हीटवेव के कारण 3,812 मौतें हुईं, अकेले आंध्र प्रदेश में 2,419 मौतें हुईं.

24 स्थानों पर 45 डिग्री के पार तापमान

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश में कम से कम 24 स्थानों पर बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया गया. राजस्थान के बाड़मेर में अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस, चुरू में अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री, फलोदी में 47.8 डिग्री और जैसलमेर में 47.2 डिग्री दर्ज किया गया. मध्य प्रदेश के रतलाम में अधिकतम तापमान 45 डिग्री, महाराष्ट्र के अकोला में 44.8 डिग्री, हरियाणा के सिरसा में 47.7 डिग्री, पंजाब के भटिंडा में 46.6 डिग्री, गुजरात के कांडला में 46.1 डिग्री और उत्तर प्रदेश के झांसी में 45 डिग्री दर्ज किया गया.

 


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