Listen to this ©श्याम कुंवर भारती परिचय- बोकारो, झारखंड आइल बिपतीया कटत नईखे रतिया बतिया सुना दईबा। थर थर कांपे छतिया जड़वा के रतिया बतिया सुना दईबा। घरवा रजाई नईखे धनवा पिटाइल नईखे । पोरवा बिछाई कहवा टूटल बाड़े खटिया। बतिया सुना दइबा। सर सर बहे ठंडी बयरिया बिना केवाड़ी के दुअरिया। … Continue reading जड़वा के रतिया…
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