JNU Viral News – JNU में जली वक्फ कानून की कॉपी!
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गरजे छात्र, NSUI-CRJD-PSA साथ आए एक मंच पर – जानें क्या है पूरा विवाद?
? जेएनयू फिर बना विरोध का केंद्र
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर चर्चा में है – इस बार वक्फ कानून को लेकर।
दिल्ली के इस प्रतिष्ठित कैंपस में वक्फ कानून की कॉपी जलाई गई, मोदी-शाह के खिलाफ नारे लगे और कांग्रेस, वामपंथी और RJD के छात्र संगठन एक साथ मंच पर नजर आए।
इस विरोध का नेतृत्व फ्रेटरनिटी मूवमेंट ने किया और साथ में PSA, CRJD और NSUI जैसे प्रमुख छात्र संगठन भी शामिल हुए।
? वक्फ कानून क्या है और क्यों है विवाद?
JNU Viral News – ? वक्फ कानून को लेकर कई मुस्लिम छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि नया कानून मस्जिदों, कब्रगाहों और धार्मिक स्थलों पर सरकार के अधिकार को बढ़ावा देता है।
छात्रों का कहना है कि सरकार इस कानून के माध्यम से मुस्लिम वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करना चाहती है।
विरोध कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि यह कानून मुस्लिम विरोधी मानसिकता से प्रेरित है और इससे धार्मिक स्वतंत्रता पर आघात होगा।

? JNU में जली वक्फ कानून की कॉपी
रविवार शाम जेएनयू कैंपस में छात्रों ने वक्फ कानून की प्रतियां जलाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया।
छात्रों ने कहा कि यह कानून मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को छीनने की साजिश है।
नारेबाजी में सुनाई दिए:
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“मोदी-शाह हो बर्बाद!”
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“वक्फ पर हमला नहीं सहेंगे!”
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“कब्रगाहों-मस्जिदों से दूर रहो सरकार!”
✊ विपक्षी छात्र संगठन एक साथ
JNU Viral News – ? इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि राजनीतिक रूप से अलग-अलग विचारधाराओं वाले छात्र संगठन जैसे:
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NSUI (कांग्रेस का छात्र संगठन)
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CRJD (राजद का छात्र संगठन)
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PSA (वामपंथी संगठन)
…एक साथ एक मंच पर आए और साझा संघर्ष का संदेश दिया।
यह JNU के राजनीतिक माहौल में एक अनूठा गठबंधन माना जा रहा है।
? छात्रों की प्रमुख आपत्तियाँ
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने मीडिया से बातचीत में कहा:
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सरकार धार्मिक स्थलों और कब्रगाहों पर हक जताने की कोशिश कर रही है।
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इस कानून से मुस्लिम समाज को निशाना बनाया जा रहा है।
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न्यायपालिका और लोकतंत्र की भूमिका कम की जा रही है।

? कृषि कानून जैसा विरोध?
छात्रों ने संकेत दिया कि जैसे किसानों के विरोध से केंद्र सरकार को कृषि कानून वापस लेने पड़े थे, वैसे ही अब संविधानिक और लोकतांत्रिक तरीकों से वक्फ कानून के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा।
छात्रों ने कहा कि वे सड़कों से लेकर अदालत तक अपनी आवाज उठाएंगे।
?️ क्या बोले फ्रेटरनिटी मूवमेंट?
फ्रेटरनिटी मूवमेंट के नेताओं ने कहा:
“हम वक्फ की संपत्तियों पर हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह कानून धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है और मुसलमानों के अस्तित्व पर सवाल उठाता है। यह सिर्फ मुस्लिम मुद्दा नहीं, बल्कि सभी लोकतांत्रिक नागरिकों का मुद्दा है।”

? निष्कर्ष: JNU बना लोकतांत्रिक प्रतिरोध की आवाज़
वक्फ कानून के खिलाफ JNU में उठी आवाज़ सिर्फ एक विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है। यह एक बड़े लोकतांत्रिक संघर्ष की शुरुआत का प्रतीक बन चुका है, जिसमें धर्मनिरपेक्षता, समानता और अधिकारों की रक्षा की बात हो रही है।
अब देखना यह है कि सरकार इस विरोध को कैसे लेती है – क्या कृषि कानून की तरह इसे भी वापस लिया जाएगा या फिर यह विवाद और बढ़ेगा?













