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आज़ादी- कश्मीर और नागालैंड | ऑनलाइन बुलेटिन

©नीरज यादव, चम्पारण, बिहार


 

 

75 वर्ष हो चुके आज़ादी के,

फिर भी तिरंगे को लेकर सवाल क्यों?

एक देश में एक ही झंडा हो,

फिर कश्मीर और नागालैंड में बवाल क्यों?

 

एक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी,

इन दोनों जगहों पर भी होनी चाहिए।

जहां किसी को एकता का ज्ञान ना हो,

वहीं एकता की बीज बोना चाहिए।

 

अनगिनत सैनिक हुए शहीद,

आज़ादी की लड़ाई में।

फिर भी कहते हमें आज़ादी दो,

और यही पढ़ाते बच्चों की पढ़ाई में।

 

अगर ये भारत को एक ही परिवार मानते,

तो ILP का सामना हमें नहीं करना होता।

और ना ही इन जगहों पर,

हमें किसी से डरना होता।

 

अभी भी वक्त है, कुछ बीता नहीं,

समझौते के वजाय समझदारी लाओ।

हम सब एक है, एक ही रहेंगे,

इसी बात पर एक-दूसरे को गले लगाओ।

 

उसके तो चार-चार हैं साहब ...
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