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तुम्हारे दिल से | ऑनलाइन बुलेटिन

©आर एस आघात, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश

परिचय– बुद्ध शिक्षा प्रसार समिति अलीगढ़ के प्रचार सचिव, रन फॉर अम्बेडकर के अध्यक्ष हैं.


 

 

तुम्हारे दिल से

मेरे दर्द की आवाज़

नहीं आ सकती

क्योंकि मेरे दर्द को महसूस करना

सिर्फ़ और सिर्फ़ मुझे पता है ।

तुम्हारी संवेदना तो मिल सकती है

लेकिन उनमें भी छुपी हुई हैं

आपकी चाल

विश्वासघात

कूटनीति

और आपका फ़ायदा

इसलिए आपकी संवेदनाएं भी

मुझे स्वीकार नहीं हैं ।

 

तुम्हारे दिल से

मेरे लिए आवाज़

निकल तो सकती है

लेकिन इस आवाज़ में

वो न्याय व्यवस्था

समतामूलक समाज

संवैधानिक अधिकार

मेरे विचारों को तुम्हारे नभक्षेत्र में

रखने की अभिव्यक्ति

और मुझे संपूर्ण आज़ादी

कभी नहीं होगी

इसलिए आपकी आवाज़ भी

मुझे स्वीकार नहीं हैं ।

 

तुम्हारे दिल से

मेरे लिए दया तो निकल सकती है

लेकिन उस दया में

शामिल नहीं है

मुझे जीने का अधिकार

मूंछ रखने की आज़ादी

दूल्हा बन घोड़ी पर चलना

मेरा उच्च शिक्षित हो जाना

अच्छे स्वभाव से रहना

मेरी बहन – बेटियों का

होकर आज़ाद खुले

आसमां विचरण करना

इसलिए आपकी दया भी

मुझे स्वीकार नहीं है ।

 

तुम्हारे दिल से,

मेरे लिए सदैव क्रोध पनपता है

जिसमें मेरा अंत करने की साज़िश

मुझे सबक सिखाने की रणनीति

मेरे समाज की महिलाओं के

साथ दुर्व्यवहार, व्याभिचार करके

उनका शारीरिक शोषण करना

मानसिक उत्पीड़न करना

शरीर के अंगों को नोचना

जंगली भेड़ियों की मानिंद

अंततः मौत के घाट उतारना

अपने जुल्मों की हद को

फिर छुपाना वहसी बनकर

इसलिए आपका अहंकारी क्रोध

मुझे स्वीकार नहीं है ।

जातीय शोषण का हलफनामा jaateey shoshan ka halaphanaama
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