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मानवाधिकार के लिए लड़ाई maanavaadhikaar ke lie ladaee

©नीलोफ़र फ़ारूक़ी तौसीफ़

परिचय– मुंबई, आईटी टीम लीडर


 

अधिकार मिले बहुत, उस वजूद को अस्तित्व में लाना है,

हक़ और अधिकार की ख़ातिर नींव मज़बूत बनाना है।

अत्याचार और जुर्म का डंका, जिसने बजाया दुनिया में,

मानवाधिकार के लिए लड़ाई लड़, उसे मज़ा चखाना है।

 

जाति, धर्म, रंग के नाम पे, आख़िर कब तक हो अत्याचार,

हे मानव! अपनी लड़ाई स्वंय लड़कर ले मानवाधिकार।

युग-युगांतर से असत्य मिटाने, भगवान ने भी लिए रूप,

जो भी अधिकार छीने मानवता का करो तुम बहिष्कार।

 

बात हो किसान की, रोजगार की या कोई नारी का अपमान

मानवाधिकार का करे जो हनन, क़तई न दो उसे सम्मान।

समाज है एक दर्पण, दिखता है हर एक मुखौटा सब का,

तीर लगेगी अधिकार के निशाने पे, सम्भाले रखना कमान।

 

डर गए जो मूर्खों से, टूट जाएगा समाज का अनोखा दर्पण,

भात-भात को तरसेंगे यहाँ, मिट जाएगा ग़रीब का बचपन,

सेना की विधवा क्यों, दर-दर भटके हर पल न्याय को,

इस द्वार से उस द्वार, बुढ़ापा भटके तब मिले उसे पेंशन।

 

मानवाधिकार की बातें करते सभी, समय आने पे कतराते,

मोमबत्ती जलाकर घण्टों बैठते, हक़ पे ख़ामोश हो जाते,

ज़ुल्म का वक़्क़ार बढ़ा लेता है अपना चादर अंधेरे में,

हक़ चाहते हैं यहाँ सब, पर अधिकार लेने पीछे हो जाते।

 

आँधियाँ थम जायेंगी जब भी मानवाधिकार मिल जाएगा।

स्वर्ग उतर आएगा ज़मीन पे, हर मानव यहाँ मुस्काएगा।

 

 

नीलोफ़र फ़ारूक़ी तौसीफ़

Nilofar Farooqui Tauseef

 

fight for human rights

 

 

Many rights are given, that existence has to be brought into existence,
For the sake of rights and rights, the foundation has to be strengthened.
The sting of tyranny and crime, which played in the world,
Fighting for human rights, he has to taste it.

 

In the name of caste, religion, colour, till how long will there be atrocities,
O human! Fight your own battle and take human rights.
Eradicating untruths from era to era, God also took form,
Whatever rights you take away from humanity, you boycott.

 

Whether it is a matter of farmer, employment or any woman’s insult
Whoever violates human rights, never give respect to him.
Society is a mirror, every mask is visible to all,
The arrow will hit the target of the right, take care of the command.

 

Afraid of the fools, the unique mirror of the society will be broken,
Will crave for rice and rice here, the childhood of the poor will be erased,
Why is the widow of the army, every moment wandering from door to door for justice,
If he wanders from this door to that door, old age gets his pension.

 

Everyone talking about human rights, shying away when the time comes,
Sitting for hours after lighting a candle, would be silent on the truth,
Increases the time of oppression in the darkness,
Everyone wants rights here, but they fall behind to take rights.

 

The storms will stop whenever human rights are found.
Heaven will come down to earth, every human will smile here.

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