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आपसी प्रेम | Onlinebulletin.in

©अशोक कुमार यादव, अलवर, राजस्थान


 

 

अनुभव से कही बातें
होती ही सच्ची हैं
सुखमय जीवन उसी का है
जिसकी पड़ोस अच्छी है
जीवन में सुख दुःख तो
आता ही रहता है
इन सब बातों का ज्ञान
पड़ोसी को रहता है
सब के सुख में अपना सुख
ये बात सच्ची है
सुखमय जीवन उसी का है
जिसकी पड़ोस अच्छी है
इतिहास बताता है हमें
ये महापुरुषों की वाणी है
मानव से ही समाज बनता है
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है
आपसी प्रेम वहीं बनता है
जहां नियम होती अच्छी है
अनुभव से कही बातें
होती ही सच्ची हैं
सुखमय जीवन उसी का है
जिसकी पड़ोस अच्छी है ….

80 कली का घाघरा पहन कर लगातार चक्करदार नृत्य करते हैं फिर भी चक्कर नहीं आता, राजस्थान के चकरी नृत्य ने लुभाया दर्शकों को | ऑनलाइन बुलेटिन डॉट इन
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