.

प्रीत तिरंगा preet tiranga

©सरस्वती राजेश साहू

परिचय- बिलासपुर, छत्तीसगढ़


 

प्रणय हिंद का शान तिरंगा,

आजादी का घोतक है।

स्वतंत्रता का मूल तिरंगा,

ध्वजा हमारा सूचक है।।

 

बलिदानी ने लहू से सींचा,

मिट्टी में आजादी को।

इंकलाब के जन नारे ने,

जोश दिया आबादी को।।

 

माँ भारत के हरित वसन में,

ढकी हुई वसुधा रानी।

साक्षी है इतिहास सरोवर,

डूब गए सुत बलिदानी।।

 

आज उन्हें जय -विजय करे,

प्रीत तिरंगा फहराएँ।

भेद मिटा, मन मानवता धर,

हर्ष हृदय में लहराएँ।।

 

भारत का हर रजकण अपना,

माँ आँचल की छाया है।

मातृभूमि की सेवा करना,

नमन जन्म जो पाया है।।

 

 

सरस्वती राजेश साहू

Saraswati rajesh Sahu


 

love tricolor

 

 

Pranay Hind’s pride tricolor,
It is a sign of freedom.
The original tricolor of freedom,
The flag is our symbol.

The sacrificer irrigated with blood,
Freedom in the soil
People’s slogan of Inquilab
gave enthusiasm to the population.

Mother in the green forest of India,
Covered Vasudha Queen.
Witness is the history lake,
Sut sacrificers drowned.

May them be victorious today,
Hoist the love tricolor.
Eliminate the distinction, keep the mind humanity,
Wave joy in the heart.

Every Rajakan of India is his own,
Mother is the shadow of Aanchal.
serving the motherland,
Salute to those who have received birth.

 

 

मेरा देश mera desh

 

Related Articles

Back to top button