.

कुछ अलग कुछ खास | ऑनलाइन बुलेटिन

©उषा श्रीवास, वत्स

परिचय- बिलासपुर, छत्तीसगढ़.


 

 

एक अनजानी सी एहसास

और एक अजनबी का साथ

पूस की ओ!! रात

हकीकत थी या ख्वाब?

 

ख्यालों में रहती हर दिन

सुबह शाम और रात

चन्दन सी महक गई जिन्दगी

देखके उसके मेंहदी वाले हाथ।

 

उस अनजान अजनबी से

अब होने लगी पहचान

सिलसिले ये खूबसूरत

कुछ अलग कुछ खास।

 

मदमस्त आंखे नागिन सी चाल

दिल की गहराई में

बूंद बूंद बरसता प्यार

वत्स ! बता वो हकीकत है या ख्वाब?

 

जुड़ने लगे अब उससे

दिल के सारे बंधन

काश! की मैं जान पाता

उसमें भी है मिलन की आस?

 

 

सूरज की तरह ढलने वाली है | ऑनलाइन बुलेटिन

 

 

Related Articles

Back to top button