Mallikarjun Kharge Farewell Speech:? “हमसे प्यार किया और शादी मोदी जी से कर ली…”: खड़गे के इस कटाक्ष पर लोटपोट हुए PM मोदी, राज्यसभा में आया हंसी का सैलाब!
Kharge humorous remark on HD Deve Gowda and PM Modi in Rajya Sabha

Mallikarjun Kharge Farewell Speech:?

Mallikarjun Kharge Farewell Speech:? Kharge humorous remark on HD Deve Gowda and PM Modi in Rajya Sabha
Mallikarjun Kharge Farewell Speech:? नई दिल्ली:
Mallikarjun Kharge Farewell Speech:? भारतीय लोकतंत्र के मंदिर, संसद में अक्सर हंगामे, तीखी बहस और शोर-शराबे की खबरें ही सुर्खियां बनती हैं। लेकिन कभी-कभी कुछ ऐसे पल भी आते हैं जब सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों अपनी कड़वाहट भूलकर एक साथ ठहाके लगाते नजर आते हैं। बुधवार को राज्यसभा में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) अपने विदाई भाषण के लिए खड़े हुए।
खड़गे ने अपने भाषण में एक ऐसा ‘ह्युमर का छौंका’ लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए और पूरा सदन तालियों और ठहाकों से गूंज उठा।
“डेट हमसे किया, प्यार हमसे किया, और शादी मोदी जी से…”
Mallikarjun Kharge Farewell Speech:? खड़गे के विदाई भाषण का सबसे चर्चित हिस्सा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा (HD Deve Gowda) को लेकर था। खड़गे और देवगौड़ा का रिश्ता दशकों पुराना है। इसी का जिक्र करते हुए खड़गे ने मुस्कुराते हुए कहा:
“मैं देवगौड़ा जी को पिछले 54 सालों से जानता हूँ। मैंने उनके साथ काम किया है। लेकिन मुझे समझ नहीं आया कि क्या हुआ… उन्होंने हमारे साथ डेटिंग की, हमसे प्यार किया (Loved us), लेकिन अंत में शादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से कर ली।”
जैसे ही खड़गे ने यह बात कही, राज्यसभा में मौजूद हर सदस्य खिलखिलाकर हंस पड़ा। खुद प्रधानमंत्री मोदी, जो सदन में मौजूद थे, सिर झुकाकर काफी देर तक हंसते हुए देखे गए। खड़गे का यह तंज देवगौड़ा की पार्टी JDS के कांग्रेस का साथ छोड़कर BJP के साथ गठबंधन करने की ओर था।
क्यों खास था खड़गे का यह ‘राजनीतिक तंज’?
खड़गे का यह बयान केवल एक मजाक नहीं था, बल्कि कर्नाटक की राजनीति के उस उतार-चढ़ाव भरे इतिहास का आईना था जिसे दोनों नेताओं ने करीब से देखा है।
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1996 का दौर: जब देवगौड़ा प्रधानमंत्री बने थे, तब कांग्रेस ने ही उन्हें बाहर से समर्थन दिया था।
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2018 का गठबंधन: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद JDS और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई थी और देवगौड़ा के बेटे कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने थे।
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2024 की ‘शादी’: अब JDS और BJP का गठबंधन (NDA) हो चुका है, जिसे खड़गे ने ‘शादी’ का नाम देकर सदन का माहौल हल्का कर दिया।
अठावले और उनकी ‘कविता’ पर भी लिए मजे
Mallikarjun Kharge Farewell Speech:? मल्लिकार्जुन खड़गे केवल देवगौड़ा पर ही नहीं रुके। उन्होंने केंद्रीय मंत्री और RPI (A) प्रमुख रामदास अठावले (Ramdas Athawale) को भी अपने निशाने पर लिया। अठावले अपनी तुकबंदी वाली कविताओं के लिए जाने जाते हैं। खड़गे ने चुटकी लेते हुए कहा, “अठावले जी हमेशा अपनी कविताओं में केवल मोदी जी की तारीफ करते हैं। मुझे लगता है उन्हें इसके अलावा और कोई कविता आती ही नहीं है।”
इस पर अठावले और मोदी समेत कांग्रेस के सदस्यों के चेहरे पर भी मुस्कान तैर गई।
शरद पवार और तिरुचि शिवा का भी जिक्र
खड़गे ने अपने विदाई भाषण में NCP के संस्थापक शरद पवार और DMK के तिरुचि शिवा का भी सम्मान के साथ जिक्र किया। उन्होंने खुशी जताई कि पवार और शिवा जैसे अनुभवी नेता एक बार फिर राज्यसभा में चुनकर वापस आ रहे हैं, जिससे सदन की गरिमा और अनुभव बना रहेगा। खड़गे ने कहा कि सदन ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है और वे इन यादों को हमेशा साथ रखेंगे।
PM मोदी की प्रतिक्रिया: “राजनीति में कोई फुल स्टॉप नहीं होता”
Mallikarjun Kharge Farewell Speech:? प्रधानमंत्री मोदी ने भी रिटायर हो रहे सांसदों को विदाई देते हुए बेहद सकारात्मक बात कही। उन्होंने खड़गे, देवगौड़ा और शरद पवार जैसे दिग्गजों को ‘संसदीय पाठशाला’ बताया। मोदी ने कहा:
“राजनीति में कोई फुल स्टॉप नहीं होता। भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। आपके अनुभव और योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। नए सांसदों को खड़गे जी और देवगौड़ा जी जैसे अनुभवी नेताओं से सीखना चाहिए, जिन्होंने अपने जीवन का आधा हिस्सा संसदीय कार्यों में बिताया है।”
प्रधानमंत्री ने रामदास अठावले को ‘एवरग्रीन’ बताते हुए कहा कि आजकल सदन में हास्य और व्यंग्य कम होता जा रहा है, लेकिन अठावले जी इसकी कमी पूरी कर देते हैं।
37 सीटों का समीकरण और विदाई की बेला
Mallikarjun Kharge Farewell Speech:? गौरतलब है कि इस साल राज्यसभा की 37 सीटें खाली हुई थीं। इनमें से 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जबकि बाकी सीटों पर सोमवार को चुनाव हुए। इस विदाई के साथ सदन के कई अनुभवी चेहरे ओझल हो जाएंगे, लेकिन जिस तरह से आज सदन में हंसी-मजाक हुआ, उसने यह संदेश दिया कि राजनीतिक विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन व्यक्तिगत सम्मान और शिष्टाचार बना रहना चाहिए।
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निष्कर्ष: लोकतंत्र की खूबसूरती
Mallikarjun Kharge Farewell Speech:? खड़गे का विदाई भाषण इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र केवल तर्कों और झगड़ों का नाम नहीं है। “शादी मोदी जी से कर ली” जैसा जुमला बोलकर खड़गे ने न केवल माहौल को हल्का किया, बल्कि यह भी दिखाया कि परिपक्व राजनीतिज्ञों के बीच कड़वाहट के बीच भी हास्य की जगह हमेशा बनी रहती है। यह पल भारतीय संसद के इतिहास में सबसे यादगार विदाई भाषणों में से एक के रूप में दर्ज हो गया है।














