Adult Literacy Program:??? “देवरानी-जेठानी और ननंद-भाभी ने साथ दी परीक्षा! कोटा में ‘उल्लास’ बना परिवारिक क्रांति ??”
कोटा उल्लास साक्षरता परीक्षा में देवरानी जेठानी और ननंद भाभी की भागीदारी

Adult Literacy Program:???

कोटा उल्लास साक्षरता परीक्षा में देवरानी जेठानी और ननंद भाभी की भागीदारी
? जब रिश्तों ने थामा शिक्षा का हाथ—कोटा में दिखा अनोखा नजारा
Adult Literacy Program:??? छत्तीसगढ़ के कोटा क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने साक्षरता अभियान को एक नया आयाम दे दिया है। ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत आयोजित राज्यव्यापी महापरीक्षा अभियान में एक ही परिवार की महिलाओं—देवरानी, जेठानी और ननंद-भाभी—ने साथ मिलकर परीक्षा दी।
यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं थी, बल्कि रिश्तों और शिक्षा का अनोखा संगम था।
Adult Literacy Program:??? ? मैंड्रापारा केंद्र बना आकर्षण का केंद्र
कोटा के मैंड्रापारा परीक्षा केंद्र पर उस समय खास माहौल बन गया, जब गांव की कई महिलाएं एक साथ परीक्षा देने पहुंचीं। इनमें शामिल थीं:
- श्रीमती पुन्नी बाई
- श्रीमती सुरजौतिन
- श्रीमती सरोजनी
- श्रीमती मोंगरा बाई
- श्रीमती ईश्वरी बाई
- श्रीमती रामप्यारी यादव
इन सभी महिलाओं का आपस में पारिवारिक रिश्ता है—कोई देवरानी है, कोई जेठानी, तो कोई ननंद-भाभी।
??? जब परिवार बना ‘क्लासरूम’
आमतौर पर पढ़ाई को व्यक्तिगत यात्रा माना जाता है, लेकिन यहां यह पूरी तरह परिवारिक आंदोलन बन गया।
इन महिलाओं ने:
- साथ में पढ़ाई की
- एक-दूसरे को सिखाया
- परीक्षा की तैयारी भी मिलकर की
इससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ा, बल्कि गांव में शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक माहौल भी बना।
Adult Literacy Program:???? महिलाओं का आत्मविश्वास—सबसे बड़ी जीत
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर महिलाओं को शिक्षा के अवसर कम मिलते हैं, लेकिन ‘उल्लास’ योजना ने इस सोच को बदल दिया है।
इन महिलाओं ने साबित कर दिया कि:
? सीखने की कोई उम्र नहीं होती
? अगर परिवार साथ दे, तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं होता
? उल्लास योजना: साक्षरता से आत्मनिर्भरता तक
‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना सिखाना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
इस योजना के तहत सिखाया जाता है:
- ✍️ पढ़ना और लिखना
- ➗ बुनियादी गणित
- ? डिजिटल साक्षरता
- ? रोजमर्रा की जिंदगी के जरूरी कौशल
Adult Literacy Program:???? गांव में शिक्षा का उत्सव जैसा माहौल
मैंड्रापारा गांव में इस परीक्षा के दौरान माहौल किसी उत्सव से कम नहीं था।
- महिलाएं साड़ी पहनकर पूरे उत्साह से परीक्षा देने पहुंचीं
- परिवार के अन्य सदस्य उनका हौसला बढ़ाने आए
- बच्चों ने भी अपनी माताओं को देखकर प्रेरणा ली
? क्यों वायरल हो रही है यह कहानी?
यह खबर तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, क्योंकि:
- इसमें रिश्तों की ताकत दिखती है
- यह महिला सशक्तिकरण का उदाहरण है
- यह बताती है कि गांव भी बदलाव की राह पर हैं
Adult Literacy Program:???? विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, जब परिवार मिलकर सीखता है, तो उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। इससे:
- ड्रॉपआउट रेट कम होता है
- आत्मविश्वास बढ़ता है
- समाज में सकारात्मक बदलाव आता है
? क्या यह मॉडल पूरे देश में लागू हो सकता है?
कोटा का यह उदाहरण बताता है कि अगर हर गांव में इस तरह की पहल हो, तो भारत में साक्षरता दर तेजी से बढ़ सकती है।
? परिवार आधारित शिक्षा मॉडल भविष्य में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
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Adult Literacy Program:???? निष्कर्ष: शिक्षा का असली मतलब क्या है?
कोटा के इस छोटे से गांव ने एक बड़ा संदेश दिया है—
? शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि यह रिश्तों को मजबूत करने और समाज को आगे बढ़ाने का माध्यम है।
देवरानी-जेठानी और ननंद-भाभी की यह कहानी हमें सिखाती है कि
अगर साथ हो, तो हर सपना पूरा हो सकता है।












