Man With 5 Kidneys- दिल्ली के शख्स के शरीर में हैं 5 किडनियां, जानिए कैसे हुआ ये चमत्कार!

Man With 5 Kidneys-

Man With 5 Kidneys- आपने सुना है कि किसी के शरीर में दो किडनियां होती हैं, लेकिन क्या आपने कभी यह सुना है कि किसी के शरीर में पाँच किडनियाँ हों? हां, दिल्ली के रहने वाले देवेंद्र बारलेवार के शरीर में पांच किडनियां हैं, और इसका राज जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

देवेंद्र के शरीर में ये पांच किडनियां कैसे हैं और उनके बारे में दिलचस्प तथ्य क्या हैं, आइए जानते हैं।

कैसे हुआ देवेंद्र के शरीर में पांच किडनियां?

Man With 5 Kidneys- देवेंद्र बारलेवार एक केंद्रीय रक्षा मंत्रालय में कार्यरत साइंटिस्ट हैं, जो क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) से लंबे समय से ग्रस्त थे। इसके कारण उन्हें बार-बार डायलिसिस की जरूरत पड़ती थी। लेकिन उनकी कहानी कुछ अलग है, क्योंकि उन्हें अब तक तीन बार किडनी ट्रांसप्लांट मिल चुका है, और आज उनकी शरीर में पांच किडनियां हैं।

  1. पहला ट्रांसप्लांट: 2010 में देवेंद्र को उनकी मां से पहली किडनी मिली थी, जो सफल रहा।
  2. दूसरा ट्रांसप्लांट: 2012 में एक रिश्तेदार ने उन्हें दूसरी किडनी दान की थी।
  3. तीसरा ट्रांसप्लांट: 2023 में एक ब्रेन-डेड डोनर से तीसरी किडनी प्राप्त हुई।

इन तीन ट्रांसप्लांट्स के चलते उनके शरीर में अब पाँच किडनियां हैं, लेकिन मज़ेदार बात यह है कि उनमें से सिर्फ एक किडनी ही काम कर रही है। बाकी की किडनियां कार्यक्षमता से बाहर हैं।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद देवेंद्र का जीवन:

देवेंद्र के शरीर में पहले से चार किडनियां होने के बावजूद, डॉक्टरों ने उन्हें एक और किडनी ट्रांसप्लांट करने का निर्णय लिया। इस बार डॉक्टरों के लिए यह चुनौतीपूर्ण था, लेकिन डॉ. अनिल शर्मा के नेतृत्व में सफल ट्रांसप्लांट किया गया। अब देवेंद्र को राहत मिली है और उनकी किडनी सामान्य रूप से काम कर रही है।

किडनी ट्रांसप्लांट और अंग दान का महत्व

देवेंद्र की कहानी यह भी बताती है कि अंग दान कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। किडनी ट्रांसप्लांट से एक व्यक्ति का जीवन बदल सकता है, और देवेंद्र के लिए तो यह एक चमत्कार साबित हुआ। उन्हें तीन बार किडनी मिली, जो कि किसी के लिए भी एक बड़ी बात है क्योंकि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए एक मैचिंग डोनर ढूंढना बेहद मुश्किल होता है।

किडनी ट्रांसप्लांट क्या है?

किडनी ट्रांसप्लांट एक सर्जरी है, जिसमें एक व्यक्ति की खराब किडनी को एक डोनर की स्वस्थ किडनी से बदला जाता है। इसके बाद लोग सामान्य जीवन जी सकते हैं। डोनर से प्राप्त किडनी 20-25 साल तक काम करती है, जबकि मृत दानकर्ता से प्राप्त किडनी 15-20 साल तक काम करती है।

निष्कर्ष:

देवेंद्र बारलेवार का मामला एक उदाहरण है कि कैसे चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में लगातार विकास और किडनी ट्रांसप्लांट से किसी का जीवन बदल सकता है। देवेंद्र की संघर्षपूर्ण यात्रा यह भी साबित करती है कि अंग दान कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और कैसे किसी की छोटी सी मदद से जीवन बचाया जा सकता है।


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