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ऐसा क्या था पेन ड्राइव में जिसे मेल करते ही बुझ गया पाकिस्तानी एजेंट का चेहरा, पढ़िए फार्मूला की चोरी का तीसरा व अंतिम भाग aisa kya tha pen draiv mein jise mel karate hee bujh gaya paakistaanee ejent ka chehara, padhie phaarmoola kee choree ka teesara va antim bhaag

©श्याम कुंवर भारती

परिचय– बोकारो, झारखंड


 

रहस्य और रोमांच से भरी कहानी

 

दिल्ली में एक अति आवश्यक गोपनीय बैठक चल रही थी। बैठक में रक्षा मंत्री, गृहमंत्री, रा निदेशक हरपाल खन्ना, पुलिस कमिशनर रजनी शर्मा, पुलिश अधिक्षक प्रियंका गुप्ता, केन्द्रीय कृषि शोध संस्थान के अध्यक्ष डॉक्टर राजन यादव और रक्षा सलाहाकर सभी उपस्थित थे।

 

रक्षा मंत्री ने बैठक की शुरुआत करते हुये कहा -हमारे देश के महान युवा वैज्ञानिक डॉ राजन यादव जो फार्मूला बनाया है उसके बारे में आप सभी जानते ही है, लेकिन इस फार्मूले की चोरी कर भारत के साथ कुछ विदेशी दुश्मनों ने एक षड़यंत्र के तहत अपने जासूस भारत में भेज दिया है।

 

हमारे देश की सबसे बड़ी और विश्वश्नीय खुफिया एजेंसी जो विदेश मामलोँ को देखती है को इस फार्मूले की जिम्मेवारी दी गई है। इनके तीन धुरंधर और जाबांज एजेंट प्रतिभा, शिखा और दीपांशु उन जासूसों पर लागातार नजर रखे हुये है, लेकिन इसमे गृह मंत्रालय के सहयोग की आवश्यकता है।

 

गृह मंत्री ने कहा इसके लिए मैंने अपने सबसे ईमानदार और बहादुर पुलिस कमिशनर रजनी शर्मा और पुलिश अधिक्षक प्रियंका गुप्ता को जिम्मेवारी दिया है ताकि फार्मूले को चोरी होने से बचाया जा सके।

 

रक्षा सलाहकार ने कहा यह फार्मूले की चोरी का मामला ही नहीं बल्कि हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा का भी मामला है अगर हम सब मिलकर उस फार्मूले को नहीं बचा सके तो पूरे विश्व में हमारे देश के बारे में गलत संदेश जाएगा और कोई भी दुशमन देश कभी भी मुंह उठाकर भारत में सेंधा लगाने की कोशिश कर सकता है। कोई भी हमसे डरेगा नहीं और हमारी छवि खराब हो जाएगी।

 

निदेशक खन्ना ने कहा मेरी जानकारी में चीन और पाकिस्तान ने अपने जासूसों को मदद करने हेतु हमारे ही देश के कई लोकल एजेंटो को लगा दिया है जिनके पास सभी आधुनिक हथियार है और वे लोग बेदेशों में जाकर प्रशिक्षण ले चुके है। वे सभी हमारे द्वारा चिह्नित किए जा रहे है। मगर वे सभी कभी भी घटना को अंजाम दे सकते है। हम सबको अभी से सावधानी रखनी होगी। इसलिए मैं रक्षा मंत्री जी से सेना की मदद देने का भी अनुरोध करूंगा।

 

रक्षा मंत्री ने कहा मेरी तरफ से जब जैसी सहयोग की जरूरत पड़ेगी मैं देने को तैयार हूँ।

 

पुलिस कमिश्नर रजनी शर्मा ने कहा मैं और प्रियंका अपनी टीम के साथ लगातार संस्थान की निगरानी कर रहे हैं। हमारे रहते हुये वहा कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता।

 

रक्षा सलाहकर ने खन्ना साहब आप अपनी टीम और रजनी शर्मा जी की टीम के साथ आज ही बैठक कर एक रणनीति बना ले ताकि कोई चूक न होने पाये। इसके बाद बैठक समाप्त हो गई।

 

रा के कार्यालय में हरपाल खन्ना और प्रतिभा, शिखा और दीपांशु के अलावा करीब दस लोग और बैठक में सामील थे।

 

खन्ना ने प्रतिभा शिखा और दीपांशु की तारीफ करते हुये कहा – तुम तीनों ने बहुत ही बहादुरी का कार्य किया है। उन दुश्मन देश के जासूसों को भी पता चला दिया की भारतिय जासूस भी किसी से कम नहीं है। उनको अफसोस होता होगा की आखिर वे भारत में क्यों घुस आए। मुझे तुम तीनों पर गर्व है।

 

प्रतिभा ने कहा सर मुझे कलकत्ता की कॉल गर्ल गुंजन की बहुत चिंता हो रही है। हालांकि मेरी आंटी सी बी आई ऑफिसर संतोष अग्रवाल उसके इलाज में मदद कर रही है मगर आखिर उसने मेरे कहने पर ही इतना बड़ा खतरा उठाया था। उसने अपनी राष्ट्र भक्ति की मिसाल दिया और आज वो अपनी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। आप अपने स्तर से उसके बेहतर इलाज की व्यवस्था करवाएं।

 

खन्ना ने कहा तुम उसकी चिंता मत करो मैंने वहा के स्वस्थ मंत्री जी से बात कर लिया है वे अपने स्तर से लगे हुये है ताकि उसकी जान बचाई जा सके।

 

प्रतिभा ने कहा पाकीस्तान के जिन दोनों जासूसों के पीछे मैं लगी हुई थी उसमे से एक का गुंजन ने मुझे मोबाइल नंबर दिया था मुझे। उस नंबर को ट्रेक कर मैं लगातार उनके लोकेसन पर नजर रख रही हूँ। अभी वे दोनों दिल्ली में ही है है। अगर आपका आदेश हो तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाय।

 

खन्ना ने कहा – नहीं अभी नहीं अब जबकि वे लोग दिल्ली आ ही गए है तो उन्हें रंगे हाथों पकड़ा जाय। ताकी हमारे दुशमन देश हम पर अंगुली नहीं उठा सके।

 

शिखा ने कहा सर उन दोनों चीनी जासूसों से हमारी मुठभेड़ होने के बाद अजब वे दोनों भागने में सफल रहे हम दोनों ने उसके कमरे की तलासी लिया जिसमें उनके चीनी गुप्तचर एजेंसी का एजंट होने का सबूत मिला है और कई हथियार भी मिले हैं। शिखा की बात खत्म होते ही दीपांशु ने सभी जब्त समान टेबल पर रख दिया।

 

खन्ना ने कहा बहुत अच्छा किया तुम दोनों ने। यह सब उनके खिलाफ बड़ा सुबुत साबित होगा।

 

इसके बाद सबने आगे की रणनीति पर चर्चा किया और बैठक समाप्त हो गई। बैठक की समाप्ति के बाद खन्ना ने उन तीनों से कहा तुम तीनों सावधानी रखना क्योंकि अब तुम तीनों उनकी नजर में आ चुके हो। वे लोग खुद या अपने इंडियन अजेंट से तुम तीनों पर हमला कर सकते हैं।

 

प्रतिभा ने कहा सर आप हमारी चिंता न करे। उनकी सामत आएगी कि वे सब हम तीनों से भिड़े। इस बार अगर हम तीनों एक साथ उनसे भीड़ गए तो उन चारों को मार मार कर उनका भरत्ता बना देंगे।

 

खन्ना ठहाका मारकर हंसने लगे। सच में तुम तीनों दुशमनों के लिए आफत हो। तुम सबसे भगवान ही उनकी रक्षा कर पाएँगे। प्रतिभा, शिखा और दीपांशु भी हसते हुये ऑफिस से बाहर निकल गए।

 

एक सप्ताह बाद दिन के बारह बजे केंद्रीय कृषि शोध संस्थान के अंदर बाहर कड़ी सुरक्षा की ब्यवस्था दिख रही थी। सस्थान का काम सामान्य रूपसे चल रहा था। गेट पर हर जाने वाले की कड़ी जांच करने के बाद ही उसे जाने दिया जा रहा था। यह नियमित रूटीन वर्क था।

 

अंदर जहा फार्मूला रखा गया था वहा भी बाहर कडा पहरा था। वहा सिर्फ राजन, रजनी और संस्थान के कर्मचारी ही आ जा पा रहे थे। ऐसा नियम बना दिया गया था। बाहरी किसी को वहाँ जाने की अनुमति नहीं थी।

 

पुलिस कमिशनर रजनी शर्मा और एस पी प्रियंका गुप्ता भी वहाँ मौयुद थी। प्रियंका बाहर की सुरक्षा देख रही थी और रजनी अंदर की सुरक्षा खुद अपनी निगरानी में देख रही थी। कोई भी जरा सी भी भूल चूक नहीं होने देना चाहती थी।

 

संस्थान के भार कुछ दूर पर कुछ ग्रामीण चरवाहे अपनी गाय भैंसों को चरा रहे थे। साथ में कुछ चरवाहे जंगल में अपनी भेड़ बकरियां भी चरा रहे थे। मगर उनको संस्थान के अंदर बाहर चल रही हलचल से बेपरवाह अपनी धुन में लाठियाँ लेकर जानवरों को चराने में मस्त थे। अचानक संस्थान एक गेट पर पांच बोलेरो गाड़ियां बड़ी तेजी से आई और आते ही उनमें सवार लोगों ने सुरक्षा में तैनात जवानों पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया।

 

अचानक हुई इस फायरिंग से वहाँ भगदड़ मच गई। हर तरफ अफरा तफरी मच गई। बाहर निगरानी कर रही प्रियंका ने अपना रिवाल्वर निकाल कर एक गाड़ी के पीछे छिपकर अपना पोजीसन ले लिया और डॉ हमला वरों को मार गिराया।

 

जवानों ने भी अपनी बंदुकें उन हमलावरों पर दागना शुरू कर दिया। तभी उन लोगों ने लगातार पाँच बम अंदर बाहर फेंके। हर तरफ धुआं धुआं हो गया।

 

अंदर रजनी शर्मा ने भी मोर्चा संभाल लिया था। गोलियों की परवाह किए बिना अपने जवानों और संस्थान की सुरक्षा में अपनी जान जोखिम में डालते हुये ताबड़ तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। उसने तीन लोगों को मार गिराया। पाँच लोग अंदर घुस आए थे उनमें से तीन रजनी ने मार गिराया था मगर पाँच और लोग गोलियां बरसाते हुये घुस आए।

 

उनका पीछा करती हुई प्रियंका भी पहुँच गई। रजनी ने उसे डांटते हुये कहा रे तुम क्यों अंदर आ गई यहाँ मैं थी न। क्यों न आउं दीदी आप माँ बनने वालीं हैं फिर भी आप देश के लिये यहाँ दुशमनों से लड़ने चली आईं हैं। तभी रजनी के पेट में दर्द उठा। मगर उसने अपने दर्द की परवाह किए बिना उसने सामने से आते हुये एक हमलावर पर अपनी गोली चला दिया वरना वो प्रियंका को निशाना बना देता।

 

प्रियंका रजनी का हाथ पकड़कर उसे एक सुरक्षित जगह पर ले गई और खुद भी मोरचा संभाल लिया। रजानी ने कहा तुझे बड़ा मेरी फिक्र है मगर तेरी भी तो शादी झोने वाली है दो दिन बाद तेरी बारात आनेवाली है और तू भी यहाँ अपनी जान खतरे में डाल कर लड़ रही है।

 

प्रियंका ने कहा दीदी आपकी तरह मेरे लिए भी देश से बड़ा कुछ भी नहीं है। जबतक जिंदा रहूँगी एक भी दुश्मन को नहीं छोड़ूंगी। और फिर दोनों हमलावरो से लोहा लेने लगीं।

 

उधर जंगल में चरवाहे इस गोली बारी से डरकर पेड़ों की ओट में छिप गए। तभी उन सबने देखा पाँच अपराधी किस्म के लोग अपने हाथों में रायफलें लिए हुई संस्थान की तरफ बढ़ने लगे। एक चरवाहा लाजों देखने में लड़की मालूम पड़ रही अछनक अपनी जेब से रिवाल्वर निकाली और उनपर फायर कर दी। दो लोग चीख मारकर जमीन पर गिर पड़े। बाकी दोनों चरवाहों ने भी अपनी बंदुकें निकाल लिया बाकी बचे तीन लोगों पर निसाना साधा, मगर तबतक वे लोग सावधान हो चुके थे।

 

उलट कर उन तीनों ने भी गोलियां चलाना शुरू किया मगर तीनों ने पेड़ों की ओट में अपने आपको बचा लिया। एक चरवाहे लड़के ने अपनी गोली से तीनों अपराधियों के हाथ घायल कर दिया। उनके हथियार जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद तीनों चरवाहों ने उन तीनों अपराधियों को आपने लात जूतों से धुन कर रख दिया। गोलियां चलने की आवाज सुनकर दस और गुंडे हथियार लेकर जंगल की तरफ से आते नजर आए।

 

तीनों चरवाहों ने उन तीनों को मार कर अधमरा करने के बाद उन दस गुंडों से लोहा लेना शुरू किया मगर उनको ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। कुछ ही देर में सेना के पाँच जवानों ने उन दस गुंडों को घेर कर ढेर कर दिया।

 

कुछ देर बाद पाँच लोग संस्थान की तरफ से भागते हुये आए। एक चरवाहे लड़की ने निसाना लगाने से मना किया और कहा इनको जंगल में जाने दे और इनको घेर कर रखना है मगर इनको पता नहीं चलना चाहिए।

 

वे पांचों जंगल के अंदर चले गए और एक खाली सुनसान जगह पर बैठ गए। एक ने अपने बैग से एक लेपटोप निकाला और एक पेन ड्राइव उसमें लगाया और मेल करने लगा। मेल के जाते ही वो खुशी से चिल्लाने लगा। तभी उसके मोबाइल पर फोन आया फोन उठाते ही उसका चेहरा बुझ गया। उसकी सिटी वीटी गुम हो गई। उसने अपना माथा पकड़ लिया।

 

तभी तीनों चरवाहों और पंचो सेना के जवानों ने उनको घेर लिया। प्रतिभा, शिखा और दीपांशु जो चरवाहा के भेष में थे अपने रिवाल्वर उन पर तान दिया।

 

प्रतिभा ने कहा क्यों क्या हुआ तुम्हारे पाकिस्तानी आका की डांट पड़ी क्या। तुम लोग क्या सोच कर भारत आए थे की हमारे रहते फार्मूला चुरा लोगे। फार्मूला तो छोड़ो तुमलोग बिना हमारी मर्जी के एक सुई भी चुरा नहीं सकते।

 

उसमें से चार जासूस थे। दो पाकिस्तानी और दो चीनी। चारों ने अचानक तीनों पर छलांग लगा दी, मगर वे लोग उन तीनों को छू पाते इससे पहले ही उन तीनों ने अपने रिवाल्वर से उनके पैर घायल कर दिये।

 

चारों चीख मारते हुये जमीन पर बैठ गए। शिखा ने कहा तुम सबका खेल खत्म हो गया। अब तुम लोग भारत की गिरफ्त में हो।

 

प्रतीभा ने कहा – मैं लगातार तुम्हारे मोबाइल के जरिये तुम्हें ट्रेक कर रही थी। तुम जिससे जब भी जो भी बात करते थे मुझे पता चल जाता था। तुम्हारी सारी योजना मुझे पता चल गई थी। इसलिए तुम सबको रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई थी और हमने चरवाहा का भेष बनाया था।

 

तुमने जो पेन ड्राइव में फार्मूला चोरी किया था उसमे फार्मूला था ही नहीं। उसमेँ हिन्दी और भोजपुरी गाना भरा हुआ था। ओरिजिनल फार्मूला मैंने पहले ही वहाँ से हटा दिया था।

 

केवल तुम सबको रंगे हाथोँ पकड़ने के लिए यह सब जाल बिछाया गया था। तभी उन पांचो का पीछा करते हुये पुलिस कमिशनर रजनी शर्मा, एसपी प्रियंका गुप्ता और निदेशक हरपाल खन्ना भी अपने दल बल के साथ पहुँच गए।

 

सबने उन तीनों की खूब तारीफ किया। उन पांचोँ को गिरफ्तार कर लिया गया। पाँचवाँ दिल्ली निवासी ही था जो उनके एजेंट के रूप में काम करता था। सब लोग जैसे ही संस्थान पहुंचे वहाँ सभी मीडिया वाले पहुँच चुके थे।

 

सबने फटाफट उनका फोटो खींचना शुरू किया और हरपाल खन्ना से सारी जानकारी लिया। खन्ना ने प्रतिभा और रजनी से कहा आप दोनों सारी जानकारी प्रेस को दे दो।

 

अगले दिन सभी अखबारों और चैनलोँ पर रजनी, प्रियंका, प्रतिभा, शिखा और दीपांशु की बहादुरी की खबरेँ पूरे विस्तार से दी गईँ थी।

 

भारत सरकार ने पांचो को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। गृह मंत्री और रक्षा मंत्री ने भी सबकी काफी प्रसंशा किया।

 

समाप्त

 

 

श्याम कुंवर भारती

Shyam Kunwar Bharti

 

 

 

What was it like in the pen drive that the face of the Pakistani agent was extinguished as soon as it was mailed, read the third and final part of the theft of the formula

 

 

Story full of mystery and adventure

 

 

An urgent secret meeting was going on in Delhi. Defense Minister, Home Minister, Ra Director Harpal Khanna, Police Commissioner Rajni Sharma, Police Superintendent Priyanka Gupta, President of Central Agricultural Research Institute Dr Rajan Yadav and Defense Advisor were all present in the meeting.

 

Initiating the meeting, the Defense Minister said – You all know about the formula made by the great young scientist of our country, Dr. Rajan Yadav, but by stealing this formula, some foreign enemies along with India under a conspiracy. The spy has been sent to India.

 

The biggest and credible intelligence agency of our country which looks after foreign affairs has been given the responsibility of this formula. Their three wily and brilliant agents Pratibha, Shikha and Deepanshu are constantly keeping a watch on those spies, but this requires the cooperation of the Ministry of Home Affairs.

 

The Home Minister said that for this I have given the responsibility to my most honest and brave Police Commissioner Rajni Sharma and Police Superintendent Priyanka Gupta so that the formula can be saved from theft.

 

The Defense Advisor said that this is not only a case of theft of the formula but also a matter of internal security of our country, if we all together cannot save that formula, then a wrong message will be sent to the whole world about our country and no enemy country will ever Can also try to break into India by raising its mouth. No one will be afraid of us and our image will be tarnished.

 

Director Khanna said that to my knowledge, China and Pakistan have engaged many local agents of our own country to help their spies, who have all modern weapons and they have gone abroad for training. All of them are being marked by us. But they can all happen at any time. We all have to be careful from now on. Therefore, I will also request the Defense Minister to give the help of the army.

 

Defense Minister said that I am ready to give whatever cooperation is needed from my side.

 

Police Commissioner Rajni Sharma said that Priyanka and I are constantly monitoring the institute with our team. No bird can kill even there while we are there.

 

The defense advisor, Khanna sahib, meeting with your team and Rajni Sharma ji’s team today, should make a strategy so that no mistake can be made. After that the meeting ended.

 

Besides Harpal Khanna and Pratibha, Shikha and Dipanshu in Ra’s office, there were about ten other people present at the meeting.

 

While praising Pratibha Shikha and Dipanshu, Khanna said – All three of you have done an act of bravery. The spies of those enemy countries also came to know that Indian spies are no less than anyone. They must have regretted that why did they enter India. I am proud of all three of you.

 

Pratibha said Sir I am very worried about Gunjan, the call girl of Calcutta. Although my aunt CBI officer Santosh Agrawal is helping him in his treatment, after all, he took such a big risk only at my behest. She gave an example of her patriotism and today she is fighting for her life and death. Make arrangements for his better treatment from your level.

 

Khanna said that you do not worry about him, I have talked to the healthy minister there, he is engaged from his level so that his life can be saved.

 

Pratibha said that Gunjan had given me the mobile number of one of the two spies of Pakistan I was behind. By tracking that number, I am constantly keeping an eye on his location. Right now both of them are in Delhi only. If you order, they should be arrested.

 

Khanna said – No, not now, when those people have come to Delhi, then they should be caught red handed. So that our enemy countries could not point fingers at us.

 

Shikha said Sir, after our encounter with those two Chinese spies, strangely they both managed to escape, both of us searched his room in which evidence of him being an agent of Chinese intelligence agency and many weapons were also found. As soon as Shikha’s talk was over, Dipanshu put all the confiscated items on the same table.

 

Khanna said you both did very well. All this will prove to be a big proof against him.

 

After this everyone discussed the further strategy and the meeting ended. After the end of the meeting, Khanna told the three of them to be careful because now all three of you have come in his sight. They can attack you three by themselves or with their Indian agent.

 

Pratibha said sir, don’t worry about us. Their power will come that they all fight with the three of us. This time if all three of us go against them together, then we will kill all four of them and make them recruit.

 

Khanna burst out laughing. Truly you are a disaster for all three enemies. Only God will be able to protect you. Pratibha, Shikha and Deepanshu also left the office laughing.

 

A week later, at twelve o’clock in the day, tight security arrangements were visible outside the Central Agricultural Research Institute. The work of the institute was going on as normal. He was being allowed to leave only after checking every passerby at the gate. It was regular routine work.

 

Where the formula was kept inside, it was also tightly guarded outside. Only Rajan, Rajni and the employees of the institute were able to come there. Such a rule was made. No one outside was allowed to go there.

 

Police Commissioner Rajni Sharma and SP Priyanka Gupta were also present there. Priyanka was looking after the security outside and Rajni was watching the inside security under her own supervision. No one wanted to let the slightest mistake happen.

 

Burden of the Institute Some village shepherds were grazing their cows and buffaloes at a distance. Along with some shepherds were also grazing their sheep and goats in the forest. But he was fond of grazing the animals with sticks to his tune, regardless of the commotion going on outside the institute. Suddenly, five Bolero vehicles came very fast at a gate of the institute and as soon as they arrived, the people in them started firing on the security personnel.

 

There was a stampede due to this sudden firing. There was chaos everywhere. Priyanka, who was monitoring outside, took out her revolver hiding behind a car and took her position and killed Dr.

 

The soldiers also started firing their guns at those attackers. Then they continuously threw five bombs inside and out. There was smoke everywhere.

 

Inside, Rajni Sharma also took the lead. Irrespective of the bullets, risking his life for the safety of his soldiers and the institution, he started firing in a hurry. He killed three people. Five people had entered inside, three of them were killed by Rajni but five more people came in firing bullets.

 

Following him, Priyanka also reached. Rajni scolded him and said why did you come inside, I was not here. Why don’t you come, sister, you are going to become a mother, yet you have come here to fight enemies for the country. Then there was pain in Rajni’s stomach. But regardless of his pain, he opened fire on an attacker coming from the front or else he would have targeted Priyanka.

 

Priyanka took Rajni’s hand and took her to a safe place and herself also took care of the front. Rajani said that you are very worried about me, but you are also going to get married after two days, your procession is about to come and you are also fighting here by risking your life.

 

Priyanka said, Didi, like you, nothing is bigger than the country for me. As long as I am alive, I will not leave a single enemy. And then both started taking iron from the attackers.

 

On the other hand, the shepherds in the forest were afraid of this bullet and hid in the cover of the trees. Then all of them saw that five criminal types of people with rifles in their hands started moving towards the institute. Seeing a shepherd’s eyes, the girl seemed to have suddenly pulled out a revolver from her pocket and opened fire on her. Two people screamed and fell on the ground. The other two shepherds also took out their guns and looked down upon the remaining three men, but by then they had become alert.

 

On the contrary, all three of them also started firing, but all three saved themselves under the cover of trees. A cowboy boy injured the hands of the three criminals with his bullet. His weapons fell on the ground. After this, the three shepherds kept those three criminals in tune with your kick shoes. Hearing the sound of gunshots, ten more goons were seen coming from the forest side carrying weapons.

 

After killing all the three shepherds, they started fighting with those ten goons, but they did not have to work hard. Within no time, five soldiers of the army surrounded and killed those ten goons.

 

After sometime five people came running from the side of the institute. A shepherd girl refused to apply Nisana and said that let them go into the forest and keep them surrounded but they should not be known.

 

The five of them went inside the forest and sat down in an empty deserted place. One took out a laptop from his bag and put a pen drive in it and started mailing it. As soon as the mail left, he started screaming with joy. Then a call came on his mobile, his face got extinguished as soon as he picked up the phone. His City VT went missing. He held his head.

 

Then the three shepherds and the soldiers of Pancho’s army surrounded him. Pratibha, Shikha and Dipanshu, who were disguised as shepherds, pointed their revolvers at them.

 

Pratibha said why what happened, did your Pakistani master get scolded. What did you guys come to India thinking that you would steal the formula while we were there? Leave the formula, you cannot steal a needle without our consent.

 

Four of them were spies. Two Pakistanis and two Chinese. All four suddenly jumped on all three, but before they could touch them all three of them injured their feet with their revolvers.

 

All four screamed and sat on the ground. Shikha said your game is over. Now you guys are in the grip of India.

 

Pratibha said – I was constantly tracking you through your mobile. I used to know whatever you used to talk to. I knew all your plans. That’s why we had planned to catch you all red handed and we disguised as shepherds.

 

The pen drive that you stole the formula did not contain the formula. It was full of Hindi and Bhojpuri songs. I had already removed the original formula from there.

 

All this trap was laid just to catch you all red handed. Then chasing those five, Police Commissioner Rajni Sharma, SP Priyanka Gupta and Director Harpal Khanna also reached with their team force.

 

Everyone praised all three of them very much. Those five were arrested. The fifth was a Delhi resident who worked as his agent. As soon as everyone reached the institute, all the media persons had reached there.

 

Everyone immediately started taking his photo and took all the information from Harpal Khanna. Khanna asked Pratibha and Rajni to give all the information to the press.

 

The next day the news of the bravery of Rajni, Priyanka, Pratibha, Shikha and Deepanshu was given in full detail in all the newspapers and channels.

 

The Government of India honored the five with awards. The Home Minister and Defense Minister also praised everyone a lot.

End

 

 

 

 

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