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…जूही की बात सुन विधायक की त्योरी चढ़ गई, कहा- इस विषय पर कोई बात नहीं होगी, तुम जाओ मैं पूरे प्रखंड का चक्काजाम करा दूंगा, तुम्हारे ऑफिस में ताला लगवा दूंगा … पढ़ें जूही की महक भाग-9 …joohee kee baat sun vidhaayak kee tyoree chadh gaee, kaha- is vishay par koee baat nahin hogee, tum jao main poore prakhand ka chakkaajaam kara doonga, tumhaare ophis mein taala lagava doonga … padhen joohee kee mahak bhaag-9

©श्याम कुंवर भारती

परिचय- बोकारो, झारखंड


 

 

अगले दिन जूही ने सुधीर की मां और भाई बहन को शहर के सिटी सेंटर स्थित मॉल में ले गई और सबके लिए कपड़े खरीद दिए। सुधीर की मां ने मना भी किया मगर उसने कहा अगर आप लोग नहीं लोगे तो मैं आपके हाथ का बना खाना कभी नहीं खाऊंगी और न आपके घर जाऊंगी। सुनकर बेचारी चुप हो गई, बोली ठीक है बेटी जैसी तेरी मर्ज़ी।

 

इसके बाद वो सुधीर के लिए एक जींस, पेंट और टी शर्ट लेने गई मगर सुधीर अड़ गया बोला मैडम अब मैं आपकी मदद से कमाने लगा हूं उपहार तो मुझे आपको देना चाहिए उल्टे आप मुझे दे रहीं हैं।

 

जूही ने उसे डांटते हुए कहा चुपचाप रहो जो दे रही हूं ले लो जरा भी ना नुकुर किया तो तुम्हारी जान ले लुंगी।

 

ठीक है मैडम लेकिन मेरी एक शर्त है आपको भी मुझसे एक गिफ्ट लेनी होगी। सुधीर ने ज़िद किया।

 

अच्छा तो तुम्हारे पास इतना पैसा हो गया है की तुम मुझे गिफ्ट दोगे। अरे बुद्धू लड़की को गिफ्ट देने लगे तो तुम्हारी जेब ही नहीं तुम्हारा बैंक खाता भी खाली हो जायेगा। क्योंकि कुछ भी दोगे कभी खुश ही नहीं होगी, जूही ने हंसते हुए कहा।

 

मुझे इन सब बातों का कोई अनुभव नहीं है क्योंकि आजतक किसी लड़की को मैंने कोई गिफ्ट दिया ही नहीं है। मगर आज आपको मैं देना चाहता हूं। सुधीर ने जूही को मनाते हुए कहा।

 

जूही ने काफी ना नुकूर करने के बाद उसकी बात मान ही लिया। सुधीर ने भी जूही को एक सुंदर सलवार सूट और एक जींस पेंट और टी शर्ट खरीद कर जूही को दे दिया। जूही ने मुस्कुराकर कहा थैंक यू सुधीर।

 

फिर सबके साथ एक अच्छे रेस्टुरेंट में खाना खाया और फिर वापस सब सुधीर के घर आ गए। रात का खाना खाकर जूही ने सुधीर से कहा तुम मुझे अपनी बाइक से थोड़ा मुझे बाजार ले चलो मुझे कुछ जरूरी सामान घर के लिए लेना है। वहां से तुम मुझे मेरे आवास पर छोड़ देना।

 

सुधीर ने कहा ठीक है मैडम चलिए चलते हैं। जूही सुधीर की बाइक पर पीछे बैठ गई। जूही ने बाजार से जरूरी सामान ले लिया और अपने आवास पर आ गई।

 

जूही ने सुधीर को बीस हजार रुपए एक पुर्जा देते हुए कहा- तुम कल बैंक जाकर मेरी मां के बैंक खाते में जमा कर देना मैं मां को बोल दूंगी।

 

सुधीर ने कहा ठीक है मेडम। अब तुम जाओ रात के नौ बजे हैं। मुझे कई लोगों से फोन पर बात करनी है।

 

ठीक है मेडम अपना ख्याल रखना इतना कहकर सुधीर उसे प्रणाम कर चला गया।

 

घर के अंदर आते ही जूही ने डीडीसी को फोन लगाया और अपने कल के कार्यक्रम के बारे में बताया। सर मैं कल सबसे बैठक कर और राय मशवरा करके विधायक जी के साथ मीटिंग कर उनको मनाने की कोशिश करूंगी कि उन्होंने सरकार के नियम के खिलाफ जोर जबरजस्ती जो सर्वे करवाया है उसे रद्द कर फिर से नियमानुसार सर्वे करवाने में सहयोग करें।

 

डीडीसी ने कहा संभलकर उससे बात करना जूही, बहसबाजी मत करना, वो बहुत मुंह फट है। उसकी जुबान में लगाम नहीं है, बिना सोचे समझे कुछ भी बोल देता है।

 

आप चिंता न करें सर मैं सब संभाल लुंगी। जूही ने कहा और उनको गुड नाईट बोल सोने चली गई।

 

सोते समय उसने कल के कार्यक्रम के बारे में सोचा और कुछ निर्णय लिया।

 

फिर वो सुधीर के बारे में सोचने लगी कितना सीधा, शरीफ और भोला लड़का है। मेहनती और ईमानदार है। जूही उसे कितना परेशान करती है। उसका मजाक उड़ाती है मगर बेचारा मैडम- मैडम करते रहता है। सोचते हुए वो मुस्कुराने लगी और नींद की आगोश में चली गईं।

 

शुबह दस बजे उसने अपने ऑफिस में बड़े बाबू को बुलाया और पूछा सारी तैयारी हो गई क्या बड़े बाबू।

 

सोमनाथ ने कहा – जी मैडम सब तैयारी हो गई है सब लोग समय पर पहुंच जायेंगे और मीटिंग ठीक साढ़े दस बजे शुरू हो जाएगी।

 

जूही ने संतुष्टि में सिर हिलाते हुए कहा विधायक जी के साथ मीटिंग तय हुई क्या। उसने आगे पूछा। जी मैडम उनके निजी सचिव से बात हो गई है। आज ही दोपहर दो बजे का समय मिला है। मगर वो यहां नहीं आयेंगे आपको उनके आवास पर जाना होगा मैडम। बड़े बाबू ने बताया। लेकिन उनके आवास पर जाना क्या सही होगा मैडम बड़े बाबू ने चिंतित होकर कहा।

 

आप चिंता न करें मुझे उनके आवास पर जाने में को दिक्कत नहीं है। मेरे साथ एक दो आदमी रहेंगे बाकी मैं सब संभाल लुंगी।

 

जूही ने बड़े बाबू की चिंता दूर करते हुए कहा।

 

एक काम और करें आज ही शाम चार बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी रख लें। इस क्षेत्र के सभी प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया को बुला लें। क्योंकि क्षेत्र के लोगों को प्रेस के माध्यम से जागरूक करने में सुविधा होगी।

 

ठीक है मैडम मैं सबको सूचित करवाता हूं और मीटिंग शुरू होते ही आपको बुलाता हूं। सभा कक्ष में इतना कह कर वो चला गया।

 

साढ़े दस बजे मीटिंग शुरु होते ही जूही ने कहा आप सबको पता ही है आज की मीटिंग का एजेंडा। दरअसल जो गरीबी रेखा का सर्वे किया गया है उसमें बहुत सारी अनियमताएं हुईं हैं। जिनका नाम सूची में होना चाहिए था उनके छोड़ दिया गया है और साधन संपन्न लोगों को जोड़ा गया है। पता चला है ये सभी विधायक जी के आदमी हैं उनके पार्टी के लोग हैं।

 

हम सबको किसी पार्टी से विरोध नहीं है। किसी भी पार्टी का नागरिक अगर गरीब है तो उसे सूची में शामिल किया जा सकता है। मगर इसमें अधिकांश गरीब छूट गए हैं। आप सबको पता है इसी बीपीएल सूची के आधार पर सबको सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है जैसे राशन, गैस और आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपए तक का फ्री इलाज की सुविधा के अलावा अन्य योजना ओ का लाभ।

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आज की मीटिंग का उद्देश है कि आप सबको यह जानकारी और जवाबदेही देना की पूर्व की सूची को रद्द किया जा रहा है। अब आप सबको एक महीने के भीतर पूरे प्रखंड के अंतर्गत सभी पंचायतों के गरीबी रेखा के नीचे रह रहे लोगों का सर्वे सरकार के नियम और दिशा निर्देश के अनुसार करना है। पुराने राशन कार्ड की भी जांच होगी अगर कोई भी गलत सूचना देकर राशन कार्ड बनवाया होगा तो उसका कार्ड रद्द किया जायेगा और जरूरत पड़ने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी।

 

आप सभी बेफिक्र और निडर होकर इस कार्य को पूरी ईमानदारी और तत्परता से पूरा कर हमारा सहयोग करे।

 

इस कार्य में सभी मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, आंगनवाड़ी सेविका, प्रार्थमिक विद्यालय के शिक्षक गण और पंचायत सेवक सहयोग करेंगे।

 

अगर किसी को किसी तरह की समस्या हो तो मेरे ऑफिस के तुरंत सूचित करे।

 

आप लोगों को कुछ पूछना है तो कुछ सकते हैं। इतना बोलकर जूही चुप हो गई।

 

तभी किसी ने कहा मैडम इसमें विधायक के आदमी विरोध कर सकते हैं, हमलोगों के साथ मारपीट भी कर सकते हैं।

 

आपने ठीक सवाल किया है। मैं आज विधायक जी से उनके निवास पर दो बजे मीटिंग करने जा रही हूं और उनको समझाने का प्रयास करती हूं, अगर मान गए तो ठीक वरना कोई और उपाय करेंगे। फिर क्षेत्र में जो भी विरोध करे आप सभी तुरंत उसके खिलाफ थाना में सरकारी काम में बाधा डालने की शिकायत दर्ज कराएं। बाकी मैं सब संभाल लुंगी। आप लोगों को किसी से डरने की जरुरत नहीं है। इतना कहकर जूही उठ जाती है।

 

दो बजे जूही विधायक मनमोहन गुप्ता के निवास पर पहुंच गई। उसके साथ बड़े बाबू और कंप्यूटर ऑपरेटर था। उसे विधायक के बैठक खाने में बैठाया गया। थोड़ी देर में विधायक आकर उसके सामने वाली कुर्सी पर बैठे जाता है। जूही खड़ी होकर उसका अभिवादन करती है।

 

गुप्ता ने उसे देखते ही उसकी तारीफ करते हुए कहा वाह मैडम आप तो काफी जवान और खूबसूरत हो। बड़ा अफसोस है मैं पहले आप से नहीं मिल सका।

 

जी धन्यवाद सर मैं भी आपसे मिली नहीं थी इसलिए आज आपसे मिलने चली आई। जूही ने संयम रखते हुए कहा।

 

बहुत अच्छा किया मुझसे मिलते रहें, फायदे में रहेंगी। गुप्ता ने गंदी हंसी हंसते हुए कहा।

 

जी सर आप विधायक हैं आपसे मिलना जुलना तो होता ही रहेगा। जूही ने जवाब दिया।

 

पहले बताए क्या लेंगी चाय या काफी गुप्ता ने पूछा।

 

जी धन्यवाद कुछ नहीं चाहिए बस आपसे कुछ जरूरी बात करनी थी। जूही ने शालीनता से कहा।

 

ठीक है बताओ क्या बात करनी है। गुप्ता अब आप से तुम पर आ गया था। जूही ने ध्यान देकर भी जाहिर नहीं किया।

 

जी सर दरअसल मैं बीपीएल सूची के बारे में बात करने आई है। जूही ने मुद्दे पर आते हुए बोलना शुरू किया।

 

उस सूची में गरीबों को शामिल किया जाना चाहिए था मगर ऐसा नहीं हुआ है लगभग लोग साधन संपन्न है जो सरकार के नियम के खिलाफ है। मुझे पता चला है वे सभी आपके लोग हैं। अगर यह सूची सरकार के पास गई और जांच हो गई तो सबके लिए मुश्किल हो जायेगी।

 

मैं चाहती हूं आप इसमें मदद करें और पुरानी सूची को रद्द कर नया सर्वे करवाने दें। जूही ने हिम्मत जुटाकर बड़े शांत लहजे में कहा।

 

सुनते ही गुप्ता की त्योरी चढ़ गई। उसने कहा पुरानी सूची को मेरी मर्जी के बिना कौन रद्द करेगा। किसकी हिम्मत है। बताओ तुम करोगी या तुम्हारा डीसी करेगा।

 

सर आप नाराज न हो इसमें अब आप अपने लोगों को शामिल कर सकते हैं। मगर जो बिल्कुल गरीब हैं। जूही ने अनुरोध किया।

 

ऐसा हरगिज नहीं होगा। इससे तो मेरी राजनीति ही खत्म हो जायेगी। सभी मेरे वोटर हैं उन्हीं के बल पर में हमेशा चुनाव जीतता हूं।

 

सर अब भी जीत सकते हैं आप अपने लोगों को किसी अन्य योजना का लाभ दिला सकते हैं। लेकिन इससे गरीबों का हक नहीं मारा जायेगा।

 

तुम मुझे सिखाओगी मुझे कैसे राजनीति करनी है। अभी चार दिन भी नहीं हुआ वीडियो बने हुए और मुझे सिखाने चली है, गुप्ता ने भड़कते हुए कहा।

 

अगर मेरे लोगों का नाम सूची से हटाया गया तो मैं आफ़त मचा दूंगा। किसी को नहीं छोड़ूंगा।

 

गुप्ता ने झटके से खड़े होते हुए चिल्लाकर कहा।

 

जूही भी खड़ी हो गई, मगर शांत लहजे में कहा, सर आप शांत हो मैं तो एक छोटी सी सरकारी नौकर हूं और आप जनप्रतिनिधि हैं। क्षेत्र के विकास के बारे में मुझसे बेहतर आप सोच सकते हैं।

 

बेहतर है आप इस विषय पर पुनः शांति से विचार करें और हमारा सहयोग करें।

 

इस विषय पर कोई बात नहीं होगी। सूची जैसी थी वैसी ही रहनी चाहिए। तुम जाओ मैं जिला मुख्यालय में डीसी से बात करता हूं अगर वो भी नहीं माने तो मैं पूरे प्रखंड का चक्काजाम करा दूंगा। तुम्हारे ब्लॉक ऑफिस में ताला लगा दूंगा। गुप्ता ने गुस्से से कहा।

 

सर आप अभी गुस्से में हैं इसलिए मैं चलती हूं। फिर आपसे अनुरोध कर के जा रही हूं इतना जल्दी कोई निर्णय लेने से पहले आप अपने लोगों से बात कर ले राय मशवरा कर ले।

कहानी- जूही की महक भाग -16, लेखक- श्याम कुंवर भारती | ऑनलाइन बुलेटिन
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मुझे आपका सहयोग चाहिए।

 

इतना कहकर जूही ने गुप्ता का अभिवादन किया और वहां से निकल गई।

 

 

शेष अगले भाग – 10 में।

 

 

 

 

श्याम कुंवर भारती

Shyam Kunwar Bharti


 

… listening to Juhi, the MLA got angry, said – there will be no talk on this subject, you go, I will get the whole block blocked, I will get the lock in your office … Read Juhi’s fragrance part-9

 

 

The next day, Juhi took Sudhir’s mother and siblings to the mall in the city center and bought clothes for everyone. Sudhir’s mother also refused, but she said that if you people do not come, I will never eat your hand cooked food nor will I go to your house. Hearing this, the poor thing became silent, said it is fine daughter, as you wish.

 

After this she went to get a jeans, paint and t-shirt for Sudhir, but Sudhir was adamant and said madam, now I have started earning with your help, so I should give you gifts, on the contrary you are giving me.

 

Juhi scolded him and said, be quiet, take whatever I am giving, if you do not hesitate at all, I will take your life.

 

Ok ma’am but I have one condition you also have to take a gift from me. Sudhir insisted.

 

Well then you have got enough money that you will give me a gift. Oh idiot, if you start giving gifts to the girl, not only your pocket but your bank account will also be empty. Because nothing you give will never be happy, said Juhi with a laugh.

 

I have no experience of all these things because till date I have not given any gift to any girl. But today I want to give it to you. Sudhir said celebrating Juhi.

 

Juhi agreed to his point after not much disapproval. Sudhir also bought Juhi a beautiful salwar suit and a jeans pant and T-shirt and gave it to Juhi. Juhi smiled and said thank you Sudhir.

 

Then ate dinner with everyone in a good restaurant and then everyone came back to Sudhir’s house. After having dinner, Juhi said to Sudhir, take me to the market a little on your bike, I have to take some important things for home. From there you drop me at my residence.

 

Sudhir said okay madam, let’s go. Juhi sat behind on Sudhir’s bike. Juhi took the necessary items from the market and came to her residence.

 

Juhi gave Sudhir twenty thousand rupees a part and said – You go to the bank tomorrow and deposit it in my mother’s bank account, I will tell my mother.

 

Sudhir said okay madam. Now you go, it’s nine o’clock in the night. I have to talk to many people on the phone.

 

Alright madam, take care of yourself, saying this, Sudhir went away after bowing to her.

 

As soon as she comes inside the house, Juhi calls up the DDC and tells about her tomorrow’s schedule. Sir, by meeting everyone tomorrow and after consulting the MLA, I will try to persuade him to cancel the survey which he has done forcibly against the rule of the government and cooperate in conducting the survey again as per the rules.

 

DDC said, talk to him carefully, Juhi, don’t argue, he is very angry. There is no bridle in his tongue, he speaks anything without thinking.

 

Don’t worry sir I will take care of everything. Juhi said and went to sleep saying good night to them.

 

While sleeping he thought about tomorrow’s schedule and made some decisions.

 

Then she started thinking about Sudhir, what a straightforward, honest and innocent boy. Hardworking and honest. Juhi bothers her so much. Makes fun of her but the poor madam keeps on making fun of her. Thinking she smiled and went into the lap of sleep.

 

At ten o’clock in the morning he called Bade Babu to his office and asked whether all the preparations were done Bade Babu.

 

Somnath said – Sir, all the preparations have been done, everyone will reach on time and the meeting will start at exactly 10:30.

 

Juhi shook her head in satisfaction and said whether the meeting with the MLA was fixed. he asked further. I have spoken to his private secretary, madam. It’s two o’clock in the afternoon today. But he will not come here, you have to go to his residence, madam. The elder babu told. But would it be right to go to his residence, Madam Bade Babu worriedly said.

 

Don’t worry, I don’t mind going to his residence. One or two men will stay with me, rest I will take care of.

 

Juhi said while removing the worries of Bade Babu.

 

Do one more thing and also hold a press conference today at four o’clock in the evening. Call all print and electronic media in this area. Because it will be convenient to make the people of the area aware through the press.

 

Ok ma’am let me inform everyone and call you as soon as the meeting starts. Having said this in the meeting room, he left.

 

As soon as the meeting started at 10:30, Juhi said that you all know the agenda of today’s meeting. In fact, there have been many irregularities in the poverty line survey that has been done. Those whose names should have been in the list have been left out and resourceful people have been added. It is learned that all these MLAs are men of his party.

 

We are not opposed to any party. If a citizen of any party is poor, then he can be included in the list. But most of the poor have been left out. You all know that on the basis of this BPL list, everyone gets the benefit of welfare schemes of the government such as ration, gas and free treatment facility up to five lakh rupees under the Ayushman Bharat scheme, besides the benefits of other schemes.

शहर से दूर shahar se door
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The purpose of today’s meeting is to give you all this information and accountability that the earlier list is being cancelled. Now all of you have to survey the people living below the poverty line of all the panchayats under the entire block within a month as per the rules and guidelines of the government. The old ration card will also be investigated, if anyone has got the ration card made by giving wrong information, then his card will be canceled and if needed, legal action will also be taken against him.

 

All of you carelessly and fearlessly, cooperate with us by completing this task with complete honesty and promptness.

 

In this work, all the chiefs, panchayat samiti members, anganwadi workers, primary school teachers and panchayat servants will cooperate.

 

If anyone has any kind of problem, then inform my office immediately.

 

If you guys want to ask something, you can do something. After saying this, Juhi fell silent.

 

Then someone said, madam, the MLA’s men can protest in this, they can also beat us up.

 

You have asked the right question. I am going to meet the MLA today at two o’clock at his residence and try to convince him, if he agrees, then he will do something else. Then whoever opposes in the area, all of you should immediately file a complaint against him in the police station for obstructing government work. I’ll take care of the rest. You guys don’t need to be afraid of anyone. Juhi wakes up saying this.

 

At two o’clock, Juhi reached the residence of MLA Manmohan Gupta. He was accompanied by Bade Babu and a computer operator. He was made to sit in the MLA’s meeting dinner. After a while the MLA comes and sits on the chair in front of him. Juhi stands up and greets him.

 

On seeing her, Gupta praised her and said, Wow madam, you are very young and beautiful. Very sorry I could not meet you earlier.

 

Thank you sir, I also did not meet you, so today I came to meet you. Juhi said with restraint.

 

Well done, keep meeting me, you will be in profit. Gupta said with a filthy laugh.

 

Sir, you are MLA, meeting with you will continue to happen. Juhi replied.

 

First, tell me whether you will take tea or coffee, Gupta asked.

 

Thank you, nothing is needed, just had to talk to you about something important. Juhi said politely.

 

Ok tell me what to talk about. Gupta had now come from you to you. Juhi did not even express her attention.

 

Yes sir actually i have come to talk about bpl list. Juhi started speaking coming on the issue.

 

The poor should have been included in that list but it has not happened, almost people are resourceful which is against the rule of the government. I know they are all your people. If this list goes to the government and the investigation is done then it will be difficult for everyone.

 

I want you to help in this and cancel the old list and allow new survey to be done. Juhi gathered courage and said in a very calm tone.

 

Upon hearing this, Gupta was shocked. He said who will cancel the old list without my consent. Who has the courage? Tell will you do or your DC will.

 

Sir, do not be angry, now you can involve your people in this. But those who are absolutely poor. Juhi requested.

 

This will not happen at all. This will end my politics. All are my voters, I always win elections on their strength.

 

Sir you can still win you can give benefit of any other scheme to your people. But this will not kill the rights of the poor.

 

You will teach me how to do politics. Even for four days, the video has not been made and has gone to teach me, Gupta said furiously.

 

If my people’s name is removed from the list, I will create a disaster. I will not leave anyone.

 

Gupta stood up in shock and shouted.

 

Juhi also stood up, but said in a calm tone, Sir, you are calm, I am a small government servant and you are a public representative. You can think of the development of the area better than me.

 

It is better that you think calmly on this matter again and cooperate with us.

 

There will be no talk on this subject. The list should remain as it was. You go, I talk to the DC at the district headquarters, if he does not agree, then I will get the whole block done. I will lock your block office. Gupta said angrily.

 

Sir you are angry now so I will leave. Then I am going to request you, before taking any decision so soon, you should talk to your people and consult.

 

I need your cooperation.

 

Saying this, Juhi greeted Gupta and left from there.

 

 

The rest in the next part – 10.

 

 

 

लाउडस्पीकर पर अजान से किसी के मौलिक अधिकार का नहीं होता उल्लंघनः हाई कोर्ट laudaspeekar par ajaan se kisee ke maulik adhikaar ka nahin hota ullanghanah haee kort

 

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