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प्रशांत किशोर ने बताया कि बीजेपी को उत्तर भारत में यूपी, एमपी और राजस्थान में कोई ज्यादा नुकसान नहीं होने वाला

भोपाल

 मध्य प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों पर मतदान हो चुका है और अब चुनाव नतीजों का बेसब्री से इंतजार है. वहीं देश भर में लोकसभा चुनाव के पांच चरण के मतदान हो चुके हैं. छठे चरण के चुनाव 25 मई और सातवें और आखिरी चरण का चुनाव 1 जून को होगा. 4 जून को नतीजे आने हैं. बीजेपी इस बार के चुनाव को लेकर कह चुकी है कि वे 400 पार सीटें हासिल करेगी. वहीं विपक्ष इंडिया ब्लॉक का कहना है कि 4 जून को उनकी सरकार बनने वाली है.

 
प्रशांत किशोर का कहना है कि बीजेपी फिर एक बार सरकार बनाने जा रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को लेकर न तो कोई खास असंतोष है और न ही किसी अन्य विकल्प की कोई मांग हो रही है.

मध्य प्रदेश में बीजेपी को कितना नुकसान?

प्रशांत किशोर ने बताया कि बीजेपी को उत्तर भारत में यूपी, एमपी और राजस्थान में कोई ज्यादा नुकसान नहीं होने वाला है. ऐसे में बीजेपी को 300 सीटें आसानी से मिलती हुई दिखाई दे रही हैं. यहां बता दें कि मध्य प्रदेश में 29 सीटें हैं, जिसमें बीजेपी का 28 सीटों पर कब्जा है. वहीं एकमात्र सीट छिंदवाड़ा पर कांग्रेस का कब्जा है. लेकिन इस बार छिंदवाड़ा के साथ -साथ राजगढ़, रतलाम-झाबुआ और मंडला लोकसभा सीटों पर कड़ा मुकाबला है.

बीजेपी को मिलेंगी 300 सीटें- प्रशांत किशोर

 प्रशांत किशोर ने कहा कि बीजेपी के लिए अपने दम पर 370 सीटें हासिल करना असंभव है और पार्टी को लगभग 300 सीटें मिलेंगी.पीएम मोदी ने जब कहा था कि बीजेपी को 370 सीटें मिलेंगी और एनडीए 400 का आंकड़ा पार करेगा, मैंने कहा कि यह संभव नहीं है. यह सब कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए किया जा रहा है. बीजेपी के लिए 370 सीटें पाना नामुमकिन है, लेकिन ये भी तय है कि पार्टी 270 के आंकड़े को पार करेगी. प्रशांत किशोर ने कहा, 'मुझे लगता है कि बीजेपी पिछले लोकसभा चुनाव में जितनी संख्या हासिल कर पाई थी, यानी 303 सीटें या शायद उससे थोड़ी बेहतर, उतनी ही सीटें हासिल करने में कामयाब होगी.'

पीके ने ऐसे समझाया उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम का गणित

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बीजेपी को उत्तर और पश्चिम क्षेत्रों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हो रहा है, जबकि दक्षिण और पूर्व में उसकी सीटों में बढ़ोतरी देखी जाएगी. उन्होंने बताया कि 'देखिए कि 2019 के चुनाव में बीजेपी ने अपनी 303 सीटें कहां से हासिल कीं. उन 303 सीटों में से लगभग 250 सीटें उत्तर और पश्चिम क्षेत्र से आईं. मुख्य सवाल ये है कि क्या बीजेपी को इस बार सीटें हासिल करने वाले क्षेत्रों में नुकसान झेलना पड़ रहा है.

पूर्व और दक्षिण में बीजेपी के पास फिलहाल लोकसभा की करीब 50 सीटें हैं. इन क्षेत्रों में बीजेपी के वोट शेयर में काफी बढ़ोतरी मानी जा रही है. इसलिए पूर्व और दक्षिण में बीजेपी की सीट हिस्सेदारी 15-20 सीटों तक बढ़ने की उम्मीद है, जबकि उत्तर और पश्चिम में कोई महत्वपूर्ण नुकसान नहीं होगा'


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