Sambhal Riots Of 1978- संभल दंगे 1978: मुलायम सरकार ने वापस लिए थे आठ मुकदमे, अब होगी दोबारा जांच?

1978 के संभल दंगों का सच: दोबारा खुल सकते हैं पुराने जख्म

Sambhal Riots Of 1978-

Sambhal Riots Of 1978- 1978 में संभल में हुए दंगे आज भी इतिहास के पन्नों में दर्ज एक काली घटना के रूप में याद किए जाते हैं। इस दंगे के दौरान कई निर्दोष लोगों की जान गई और सैकड़ों परिवारों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा। अब इस दंगे से जुड़े मुकदमों की वापसी और हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर इस मामले को चर्चा में ला दिया है।

मुकदमों की वापसी का विवाद

Sambhal Riots Of 1978- 1978 के संभल दंगे से जुड़े कुल 16 मुकदमों में से 8 मुकदमे तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की सरकार द्वारा 1994 में वापस ले लिए गए थे। इस बात का खुलासा हाल ही में एक पत्र के सामने आने से हुआ, जो 23 दिसंबर, 1993 को शासन द्वारा मुरादाबाद के डीएम को भेजा गया था। इस पत्र में मुकदमों की वापसी के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए गए थे।

पांच जनवरी, 1994 को जिला शासकीय अधिवक्ता ने अदालत में जाकर मुकदमों की वापसी का अनुरोध किया था। हालांकि, यह साफ नहीं है कि इस फैसले के पीछे क्या कारण थे।

मुकदमों के प्रभावित पक्ष और उनकी लड़ाई

Sambhal Riots Of 1978- दंगे के पीड़ितों के परिजन अब इन मुकदमों को दोबारा शुरू कराने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें न्याय नहीं मिला और सरकार के इस कदम ने उन्हें और अधिक पीड़ा पहुंचाई।

हिंसा का कारण और परिणाम

Sambhal Riots Of 1978- 29 मार्च, 1978 को संभल में भड़की इस हिंसा का केंद्र हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच बढ़ता तनाव था। दंगे के दौरान कई हिंदुओं को जिंदा जला दिया गया, और सैकड़ों परिवारों को अपना घर छोड़कर पलायन करना पड़ा।

हाल ही में 14 दिसंबर, 2024 को खग्गू सराय में एक पुराने शिव मंदिर के मिलने के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया। यह वही मंदिर है जो 1978 के दंगे के बाद से बंद पड़ा था।

दोबारा जांच की संभावना

Sambhal Riots Of 1978- संभल प्रशासन ने दंगे की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भी संभावित है कि सरकार इस मामले की दोबारा जांच के आदेश दे।

विवादित मुकदमे

शासन के पत्र के अनुसार, जिन मुकदमों को वापस लिया गया था, उनमें शामिल थे:

  1. मुकदमा अपराध संख्या- 89/78 (राज्य बनाम मुनाजिर आदि)
  2. मुकदमा अपराध संख्या- 105/78 (राज्य बनाम इरफान आदि)
  3. मुकदमा अपराध संख्या- 110/78 (राज्य बनाम इरफान)
  4. मुकदमा अपराध संख्या- 113/78 (राज्य बनाम गिनजार हुसैन आदि)

निष्कर्ष

संभल दंगे के घाव आज भी ताजा हैं। इन मुकदमों की वापसी पर सवाल खड़े हो रहे हैं और पीड़ित न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अब यह देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या दोबारा जांच के आदेश दिए जाते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख घटनाओं पर आधारित है और जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसका उद्देश्य किसी भी समुदाय या व्यक्ति को आहत करना नहीं है।

 


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