Samvid 2026 Bhilai: युवाओं को मिला सफलता का मंत्र, I.P. मिश्रा और डॉ. जया मिश्रा ने दिया बड़ा संदेश
Samvid 2026 Bhilai: श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के MUN समापन सत्र में नेतृत्व, संवाद, भारतीय संस्कृति और बदलते समय के साथ आगे बढ़ने पर दिया गया जोर।
Samvid 2026 Bhilai:

Samvid 2026: युवाओं को मिला सफलता का मंत्र! I.P. मिश्रा ने बताया विरासत और संघर्ष का महत्व, डॉ. जया मिश्रा ने बदलाव पर दिया जोर
Samvid 2026 Bhilai: भिलाई, छत्तीसगढ़ | Samvid 2026 News: श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और श्री शंकराचार्य टेक्निकल कैंपस, जुनवानी, भिलाई में आयोजित वार्षिक टेक्नो-कल्चरल एवं मैनेजमेंट फेस्ट ‘सम्विद 2026’ के मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN) का समापन सत्र 25 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता, प्रभावी संवाद, तार्किक चिंतन और समस्या समाधान का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आई.पी. मिश्रा ने युवाओं को भारतीय संस्कृति और विरासत से जुड़े रहते हुए समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया, वहीं श्री गंगाजली एजुकेशनल सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. जया मिश्रा ने तेजी से बदलते दौर में स्वयं को विकसित करने और नई परिस्थितियों के अनुरूप ढालने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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Samvid 2026 Bhilai: सम्विद 2026 का आयोजन ‘Connecting Minds, Creating Future’ यानी विचारों को जोड़कर भविष्य का निर्माण करने की थीम पर किया गया। इस आयोजन के अंतर्गत मॉडल यूनाइटेड नेशंस ने विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, कूटनीति, विभिन्न देशों के दृष्टिकोण और वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान किया। समापन सत्र में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि आज के युवाओं के लिए केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नेतृत्व, निर्णय क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का साहस भी जरूरी है।
Samvid 2026 Bhilai: Samvid 2026: आई.पी. मिश्रा ने युवाओं को दिया विरासत संजोने का संदेश
सम्विद 2026 के समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आई.पी. मिश्रा ने मॉडल यूनाइटेड नेशंस के आयोजन से जुड़े विद्यार्थियों और आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत की बड़ी युवा आबादी के पास देश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और भविष्य के निर्माण में योगदान देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
आई.पी. मिश्रा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवाओं को केवल समस्याओं की पहचान करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें समस्याओं के कारणों को समझने, विभिन्न दृष्टिकोणों का विश्लेषण करने और व्यावहारिक समाधान तलाशने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
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उन्होंने प्रश्न पूछने, तार्किक ढंग से विचार करने और दूसरों के विचारों को समझने की क्षमता को युवाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, जब विद्यार्थी किसी विषय को अलग-अलग दृष्टिकोणों से समझना सीखते हैं, तब उनमें बेहतर निर्णय लेने और जटिल परिस्थितियों का समाधान खोजने की क्षमता विकसित होती है।
कुलाधिपति ने कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका की भूमिकाओं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को व्यवस्था, जिम्मेदारी और निर्णय प्रक्रिया को समझने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में अनेक प्रकार की चुनौतियां आती हैं, लेकिन सफलता के लिए जरूरी है कि व्यक्ति कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय उनका सामना करना सीखे।
Samvid 2026 Bhilai: नई शिक्षा नीति और भारतीय भाषाओं पर भी दिया जोर
आई.पी. मिश्रा ने नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के संदर्भ में हिंदी सहित भारतीय भाषाओं के उपयोग को महत्व देने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आधुनिक शिक्षा, वैश्विक दृष्टिकोण और तकनीकी विकास को अपनाने के साथ भारतीय भाषा, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े रहने का संदेश दिया।
उनका संदेश विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण रहा कि आधुनिकता और परंपरा एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की तैयारी के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत बनाए रख सकते हैं।

Samvid 2026 Bhilai: डॉ. जया मिश्रा ने कहा—बदलते समय के साथ खुद को विकसित करना जरूरी
श्री गंगाजली एजुकेशनल सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. जया मिश्रा ने अपने संबोधन में तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बदलाव की गति काफी तेज हो गई है। परिस्थितियां और आवश्यकताएं लगातार बदल रही हैं, इसलिए युवाओं को समय के साथ अपने ज्ञान, कौशल और सोच में भी विकास करना होगा।
डॉ. जया मिश्रा ने बताया कि बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालना और लगातार नई चीजें सीखते रहना विकास की महत्वपूर्ण शर्त है। उन्होंने मानव सभ्यता की विकास यात्रा का उदाहरण देते हुए समझाया कि समय और परिस्थितियों के अनुरूप बदलाव अपनाने से ही मनुष्य ने अपनी क्षमताओं का विस्तार किया है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे नई चुनौतियों को सीखने के अवसर के रूप में देखें। केवल पुराने तरीकों पर निर्भर रहने के बजाय नई तकनीकों, विचारों और कौशल को समझने की कोशिश करें। इससे वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में आने वाली चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेंगे।

Samvid 2026 Bhilai: छोटे स्कूल से बड़े शैक्षणिक संस्थान तक की यात्रा का उदाहरण
अपने संबोधन में डॉ. जया मिश्रा ने कुलाधिपति आई.पी. मिश्रा के जीवन संघर्ष और शैक्षणिक संस्थान के विकास का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि एक छोटे से स्कूल से शुरुआत कर लगभग 22 हजार विद्यार्थियों तक विस्तारित शैक्षणिक संस्थान का निर्माण दूरदृष्टि, निरंतर प्रयास और स्पष्ट लक्ष्य का उदाहरण है।
उन्होंने इस यात्रा के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए सकारात्मक सोच, मेहनत, धैर्य और दृढ़ संकल्प जरूरी हैं। सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि लगातार प्रयास करने और परिस्थितियों से सीखने के माध्यम से व्यक्ति अपने उद्देश्यों की ओर आगे बढ़ता है।
डॉ. जया मिश्रा ने युवाओं से अपनी क्षमताओं को पहचानने, समय के साथ खुद को विकसित करने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज के हित में करने का आह्वान किया।
Model United Nations: विद्यार्थियों को मिला वैश्विक मुद्दों को समझने का मंच
सम्विद 2026 के अंतर्गत आयोजित मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN) कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए सीखने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच बना। आयोजन की महासचिव नारायणी मिश्रा ने कार्यक्रम के उद्देश्यों और विद्यार्थियों के लिए इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
मॉडल यूनाइटेड नेशंस एक ऐसी शैक्षणिक गतिविधि है, जिसमें विद्यार्थी विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हुए अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, वैश्विक समस्याओं और कूटनीतिक प्रक्रियाओं पर चर्चा करते हैं। इसमें प्रतिभागियों को किसी विषय के विभिन्न पक्षों को समझने, अपने तर्क प्रस्तुत करने और सामूहिक समाधान तलाशने का अनुभव मिलता है।
सम्विद 2026 के MUN सत्र में विद्यार्थियों को विचारों के आदान-प्रदान, तार्किक बहस और संवाद के माध्यम से समस्याओं को समझने का अवसर मिला। इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ सार्वजनिक मंच पर विचार व्यक्त करने और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया को समझने में मदद करती हैं।
कार्यक्रम की थीम ‘Connecting Minds, Creating Future’ भी इसी उद्देश्य को दर्शाती है कि अलग-अलग विचारों और दृष्टिकोणों को जोड़कर बेहतर भविष्य के लिए समाधान तलाशे जा सकते हैं।
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Samvid 2026 Bhilai: कुलपति डॉ. स्मिता सेलट ने युवाओं की प्रतिभा को सराहा
विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. स्मिता सेलट ने अपने संबोधन में नई पीढ़ी की प्रतिभा, बुद्धिमत्ता और स्वतंत्र सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के युवा समस्याओं को पहचानने के साथ-साथ उनके समाधान तलाशने की दिशा में भी सक्रिय रूप से सोच रहे हैं।
उन्होंने मॉडल यूनाइटेड नेशंस जैसे मंचों को विद्यार्थियों की क्षमताओं को पहचानने और उन्हें विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण बताया। ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थी अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना, दूसरों की बात सुनना और सामूहिक निर्णय लेना सीखते हैं।
डॉ. स्मिता सेलट के अनुसार, शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों में स्वतंत्र चिंतन, तार्किक विश्लेषण और जिम्मेदारी के साथ निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Samvid 2026 Bhilai: डॉ. पी.बी. देशमुख ने प्रभावी संवाद को बताया जरूरी
एसएसटीसी के डायरेक्टर डॉ. पी.बी. देशमुख ने अपने संबोधन में संवाद की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावी संवाद व्यक्तिगत संबंधों को मजबूत बनाने के साथ परिवार और समाज से जुड़ी समस्याओं को समझने में भी सहायता करता है।
जब लोग एक-दूसरे के विचारों को ध्यानपूर्वक सुनते हैं और अपनी बात स्पष्ट रूप से रखते हैं, तो मतभेदों को समझना और समाधान तक पहुंचना आसान हो जाता है। विद्यार्थियों के लिए यह कौशल विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि भविष्य में उन्हें विभिन्न लोगों और परिस्थितियों के साथ मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने संवाद को केवल अपनी बात कहने का माध्यम नहीं, बल्कि दूसरों के दृष्टिकोण को समझने और सहयोग की भावना विकसित करने का जरिया भी बताया।
सम्विद 2026 का संदेश: शिक्षा के साथ नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी
सम्विद 2026 के मॉडल यूनाइटेड नेशंस के समापन सत्र ने विद्यार्थियों को शिक्षा और व्यक्तित्व विकास से जुड़ा व्यापक संदेश दिया। वक्ताओं के विचारों में नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान, तार्किक चिंतन, प्रभावी संवाद और सामाजिक जिम्मेदारी प्रमुख रूप से सामने आए।
कार्यक्रम से यह संदेश मिला कि युवाओं को अपने लक्ष्य निर्धारित करने के साथ उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्हें कठिन परिस्थितियों से सीखना, बदलती आवश्यकताओं के अनुसार अपने कौशल को बेहतर बनाना और समाज की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।
इसके साथ ही भारतीय भाषा, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है। आधुनिक ज्ञान और वैश्विक दृष्टिकोण को अपनाते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए रखना युवाओं को संतुलित और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद कर सकता है।
समापन सत्र में विभिन्न विभागों के प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सम्विद 2026 ने विद्यार्थियों को विचार-विमर्श, नेतृत्व और सामूहिक समाधान की प्रक्रिया से जोड़ते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने की प्रेरणा दी।
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Samvid 2026 Bhilai: निष्कर्ष: भिलाई स्थित श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और श्री शंकराचार्य टेक्निकल कैंपस में आयोजित सम्विद 2026 का MUN समापन सत्र युवाओं के लिए नेतृत्व, संवाद और निरंतर सीखने का संदेश लेकर आया। आई.पी. मिश्रा ने सांस्कृतिक विरासत और समस्या समाधान पर जोर दिया, जबकि डॉ. जया मिश्रा ने बदलते समय के अनुरूप स्वयं को विकसित करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम ने रेखांकित किया कि ज्ञान, कौशल, संघर्ष का सामना करने का साहस और सामाजिक जिम्मेदारी ही युवाओं को भविष्य के लिए सक्षम बना सकते हैं।
Meta Description
Samvid 2026 Bhilai के MUN समापन सत्र में I.P. मिश्रा और डॉ. जया मिश्रा ने युवाओं को नेतृत्व, संवाद, संघर्ष और सांस्कृतिक विरासत का संदेश दिया।












