हड़ताल पर सफाई कर्मचारी, शहर की सफाई कार्य ठप, राजस्थान की राजधानी जयपुर में लगने लगा कचरे के ढेर, जल्द नहीं लौटे तो संक्रामक बीमारी फैलने का अंदेशा…
Rajasthan News राजस्थान की राजधानी जयपुर में कचरे के ढेर लगने लगे हैं। जयपुर में सफाई कर्मचारी फिर से हड़ताल पर चले गए हैं। इसकी वजह से कई इलाकों में कूड़ा साफ नहीं हो पा रहा है। जयपुर में भारी बारिश के कारण सड़कों पर कचरा फैला हुआ है। वहीं सफाई कर्मचारियों के मांगों को लेकर हड़ताल पर चले जाने से संक्रामक बीमारी फैलने का अंदेशा बना हुआ है। जिसे लेकर लोगों के हाथ पांव फूल रहे है। वहीं पानी की किल्लत से लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सफाईकर्मियों ने भी सरकार को चेतावनी दी है।
Rajasthan News सफाईकर्मियों का कहना है कि अगर सरकार सफाईकर्मियों की मांगों को स्वीकार नहीं करती है। इसलिए, राज्य में सभी सफाई कार्यों को रोककर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है।
क्या है कर्मचारियों की मांग?
Rajasthan News सफाई कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि 24,797 पदों पर भर्ती मस्टर रोल के आधार पर की जानी चाहिए। सफाईकर्मियों की बहाली में वाल्मीकि समुदाय को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कर्मचारी इस मांग के विरोध में कार्य बहिष्कार कर रहे थे। हड़ताल के कारण कचरा इकट्ठा करने वाले वाहनों को एक स्थान पर रोक दिया गया है। लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आम लोगों का कहना है कि कचरा गाड़ी समय पर आती थी लेकिन हड़ताल के कारण 12 बजे तक कचरा नहीं उठाया गया। इससे काफी परेशानी हो रही है। बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया। इससे मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
वहीं, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण राज्य में दस हजार से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। लेकिन सफाईकर्मियों की हड़ताल के बारे में सफाईकर्मियों का कहना है कि जो भर्ती 2012 और 2018 में की गई थी। आवेदकों से जल्द से जल्द संपर्क किया जाए। साथ ही अगर इन मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता है तो वाल्मीकि समाज उनकी मांगों को लेकर सरकार के सामने करो या मरो की स्थिति पैदा कर देगा।
वहीं, श्रीगंगानगर नगर परिषद के स्थायी और अस्थायी सफाई कर्मचारियों ने शहर की स्वच्छता प्रणाली को ठप कर दिया। हड़ताल के कारण शहर में सफाई का काम ठप हो गया। भारी बारिश के कारण नदियां, नाले और नहरें उफान पर हैं। साफ-सफाई के अभाव में शहर के विभिन्न हिस्सों में कचरे के ढेर लग गए हैं। अखिल भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष उमेश वाल्मीकि और जिला अध्यक्ष अनिल धारीवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सफाई कर्मचारियों की भर्ती में वाल्मीकि समुदाय और अस्थायी सफाई कर्मचारियों को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर बुधवार सुबह 10.30 बजे हड़ताल की। सफाईकर्मी गुरुवार शाम को जयपुर के लिए रवाना होंगे और शुक्रवार को सुबह 10 बजे विधानसभा का घेराव करेंगे। इसके लिए यहां से बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी जयपुर जाएंगे।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
सबसे पहले सफाई कर्मचारी नगर परिषद के बाहर इकट्ठा हुए और वहां एक बैठक की और जिला कलेक्टर कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इसके बाद नगर परिषद के बाहर सफाईकर्मियों का विरोध प्रदर्शन पूरे दिन शाम 5 बजे तक जारी रहा। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से काम कर रहे वाल्मीकि समाज और अस्थायी सफाईकर्मियों को सफाईकर्मियों की भर्ती में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। संघ के जिला सचिव आर्यन भारती ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वाल्मीकि समुदाय और अस्थायी कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान होने तक धरना और हड़ताल जारी रहेगी।
प्रदर्शनी में शामिल
इस मौके पर एडीएम डॉ. आरपी सिंह, एडीएम डॉ. आरपी सिंह, एडीएम डॉ. आरपी सिंह, एएसपी डॉ. आरपी सिंह, एएसपी डॉ. आरपी सिंह, एएसपी डॉ. आरपी सिंह, एएसपी डॉ. आरपी सिंह, एएसपी डॉ. आरपी सिंह, एएसपी डॉ. आरपी सिंह, एएसपी डॉ. आरपी सिंह, एएसपी डॉ. आरपी सिंह, एएसपी डॉ. आरपी सिंह आदि मौजूद रहे।
तथ्य फाइल
स्थायी कर्मचारी-800
अस्थायी कर्मचारी-300
हड़ताल पर रहे
नगर परिषद के सफाई कर्मचारी स्थायी और अस्थाई आज हड़ताल पर रहे। इससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है, लेकिन बुधवार से काम नहीं तो वेतन नहीं के आदेश जारी किए गए हैं। यदि कोई सफाई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आ रहा है तो उसके वेतन में कटौती जाएगी। उसको किसी प्रकार का अवकाश नहीं दिया जाएगा।
यशपाल आहुजा, आयुक्त, नगर परिषद, श्रीगंगानगर।












