दाग पुरानी गुलामी का धोया। माटी ने जब -जब पुकारा रे ! ये तिरंगा हमारा। एकता की गंगा बहाया रे ! ये तिरंगा हमारा। लहर – लहर लहराया रे ! ये तिरंगा हमारा।  जवान -किसान का सबका दुलारा

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