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समाजवादी पार्टी से बढ़ रही कुंडा विधायक और जनसत्तादल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष राजाभैया की नजदीकी

प्रतापगढ़

कुंडा के विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजाभैया बड़ा दिल दिखाते हुए सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे को वापस लेंगे। राजाभैया का यह रुख समाजवादी पार्टी से बढ़ रही नजदीकी के तौर पर देखा जा रहा है।

राजाभैया ने 2019 के चुनाव में सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। अब राजाभैया सपा नेता को माफ करने का मन बना लिया है और इस मुकदमे को वापस लेने की तैयारी कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में भी राजाभैया ने भाजपा को समर्थन न देकर सपा की ओर बढ़ रहे झुकाव का संकेत दिया है। चर्चा यह भी है कि राजाभैया ने समर्थकों से सपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र सरोज के साथ जुटने के लिए संकेत दिया है।

सपा और भाजपा दोनों ने मांगा था समर्थन
रघुराज प्रताप उर्फ राजाभैया ने मौजूदा लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से कौशाम्बी और प्रतापगढ़ से उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा है। इसके कारण सपा और भाजपा दोनों पार्टी के नेताओं ने राजाभैया से मुलाकात कर समर्थन की अपील की थी। केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान कौशाम्बी के भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर को लेकर मंगलवार को राजाभैया के कुंडा स्थित आवास बेती कोठी पर पहुंचे थे। इसके पहले सोमवार को सपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र सरोज भी अपने पिता इंद्रजीत सरोज के साथ समर्थन मांगने पहुंचे थे। राजाभैया ने किसी भी पार्टी को समर्थन नहीं देने का एलान कर दिया। साथ ही समर्थकों से आह्वान किया है कि वह अपने विवेक से योग्य प्रत्याशी को मतदान करें। राजाभैया का यह रुख भी सपा के पक्ष में नजर आया।

सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंत्रजीत सरोज ने 2019 के चुनाव में राजाभैया को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस पर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के समर्थकों में उबाल आ गया था। राजा भैया के कानूनी सलाहकार हनुमान प्रसाद पांडेय ने इंद्रजीत सरोज के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दाखिल किया था। हालांकि, अब राजा भैया के निर्देश पर उनके अधिवक्ता इंद्रजीत सरोज के खिलाफ मानहानि का मुकदमा वापस लेंगे।

 


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