Ullas Chhattisgarh- “छत्तीसगढ़ का ‘उल्लास’ बना देश का शिक्षा मॉडल: जब पूर्व नक्सली छोड़ने लगे हथियार और थाम ली कलम!”

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Ullas Chhattisgarh- ✨ छत्तीसगढ़ का ‘उल्लास’ कार्यक्रम बना पूरे देश का प्रेरणा स्रोत!

रायपुर, 7 मई 2025।
Ullas Chhattisgarh- ✨ कभी नक्सलवाद से जूझने वाले छत्तीसगढ़ में अब शिक्षा की नई रोशनी फैल रही है। छत्तीसगढ़ राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के तहत संचालित ‘उल्लास’ कार्यक्रम ने पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। इसकी गूंज अब राष्ट्रीय स्तर पर सुनाई देने लगी है, जब NCERT के मंच से इसका विशेष प्रसारण हुआ।

Ullas Chhattisgarh- ✨ NCERT के ऑफिशियल चैनल पर हुए इस खास शो में उल्लास कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व असिस्टेंट डायरेक्टर श्री प्रशांत पांडेय ने एक प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इस लाइव प्रसारण को एंकर हरप्रीत कौर ने होस्ट किया और देशभर के शिक्षा विशेषज्ञों ने इसे बड़े ध्यान से देखा।


? क्या है ‘उल्लास’ और क्यों हो रहा है इसकी चर्चा?

उल्लास’ केवल एक साक्षरता अभियान नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक परिवर्तन की लहर है, जो छत्तीसगढ़ की धरती से उठकर पूरे देश में एक मॉडल बन गई है।

इस अभियान के तहत प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक में साक्षरता की लौ जलाई गई है। कई पूर्व नक्सलियों ने हथियार छोड़कर कलम थाम ली है। वे अब ‘उल्लास केंद्रों’ में पढ़ाई कर रहे हैं और एक नए भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।


? नवाचार से सजी है ‘उल्लास’ की साक्षरता यात्रा

इस कार्यक्रम की खास बात है इसमें किया गया रचनात्मक नवाचार, जो इसे अन्य राज्यों से अलग बनाता है:

  • उल्लास रैली और नारा लेखन

  • साक्षरता चौक का निर्माण (रायपुर व दुर्ग में)

  • वीडियो, गीत, लाइव प्रदर्शनी और प्रेरक शपथ कार्यक्रम

  • ‘कभी भी, कहीं भी पढ़िए’ की अवधारणा को साकार करना

यह कार्यक्रम अब स्कूलों या सामुदायिक भवनों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि घरों, मोहल्लों, जंगलों, पहाड़ों तक फैल चुका है।


? शिक्षा का डिजिटल स्वरूप: QR कोड युक्त सामग्री और हाइब्रिड प्रशिक्षण

शिक्षार्थियों की सुविधा के लिए QR कोड युक्त पाठ्य सामग्री तैयार की गई है, जिसमें उनकी रुचि के अनुसार विषय शामिल किए गए हैं।

  • 150 से 200 घंटे का अध्यापन

  • प्रेरणा गीत, समाचार पाठन और सफल नवसाक्षरों की कहानियाँ

  • स्वयंसेवी शिक्षकों को हाइब्रिड मोड में प्रशिक्षण


? 23 मार्च को ‘महा परीक्षा’ में रचा इतिहास

इस अभियान का असर तब देखने को मिला जब 23 मार्च 2025 को आयोजित ‘महा परीक्षा’ अभियान में 4.60 लाख शिक्षार्थियों ने सफलता प्राप्त की।

यह छत्तीसगढ़ ही था, जिसने भारत सरकार के उल्लास पोर्टल में FLNAT परीक्षा परिणाम मात्र 15 दिनों में अपलोड कर दिया — और देश का पहला राज्य बन गया।


? सोशल मीडिया से गाँव तक फैल रही शिक्षा की लहर

प्रदेश में इस कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार हेतु कई माध्यम अपनाए गए:

  • सोशल मीडिया, पोस्टर, न्यूजलेटर, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया

  • 16 स्थानीय बोली-भाषाओं में अनुकूलित उल्लास गीत

  • CM, कलेक्टर, मंत्रीगण स्वयं लोगों को शपथ दिला रहे हैं


? बोनस अंक और प्रोत्साहन से युवा हो रहे प्रेरित

 

छत्तीसगढ़ सरकार ने 10वीं और 12वीं के 7128 स्वयंसेवी विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में 10 बोनस अंक देने का ऐलान किया है। साथ ही राज्य स्तर पर ‘अक्षर सम्मेलन’ और ‘उल्लास मेला’ का आयोजन किया गया।


? क्यों है यह कार्यक्रम गूगल न्यूज और डिस्कवर पर ट्रेंडिंग?

  • कम कॉम्पिटिशन वाले SEO Keywords पर आधारित

  • शिक्षा, नक्सलवाद, नवाचार और डिजिटल भारत जैसे टॉपिक का दमदार मिश्रण

  • NCERT व सरकारी मान्यता से विश्वसनीयता

  • वायरल टॉपिक: जब नक्सली बने पढ़ने वाले


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? निष्कर्ष: एक राज्य से राष्ट्र की दिशा तय करता ‘उल्लास’

उल्लास अब केवल साक्षरता कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की नई शिक्षा क्रांति का प्रतीक बन चुका है। छत्तीसगढ़ की यह पहल देश के अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल है।

अगर ऐसा ही जोश और नवाचार अन्य राज्यों में भी दिखे, तो वह दिन दूर नहीं जब भारत पूर्ण साक्षरता की ओर बड़ी तेज़ी से आगे बढ़ेगा।


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