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गोमूत्र- गोबर से स्नान कर मुस्लिम युवती बनी हिंदू, प्रेमी युवक से शादी के बाद बोली- समाज से खतरा | ऑनलाइन बुलेटिन

भोपाल | [मध्य प्रदेश बुलेटिन] | एक मुस्लिम युवती ने गोबर, गोमूत्र, दूध सहित पंचगव्य से स्नान कर हिंदू धर्म अपना लिया और अपने प्रेमी युवक से शादी कर ली। यह मामले एमपी के मंदसौर में सामने आया। जहां राजस्थान की एक मुस्लिम युवती ने अपना धर्म बदलकर सनातन धर्म अपना लिया और हिंदू लड़के से शादी कर ली। यह युवती बीते 3 साल से एक हिंदू युवक से प्रेम प्रसंग में थी। उसने शादी से पहले गोबर, गोमूत्र, दूध सहित पंचगव्य से स्नान कर पूरे विधि-विधान से धर्म बदला।

 

3 महीने पहले मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना चुके चेतन सिंह (पहला नाम जफर शेख) ने इन दोनों की मदद की। राहुल के पिता मंदसौर में रहते हैं, लेकिन उन्होंने दूसरी महिला से शादी कर ली, इसीलिए राहुल बचपन से अपनी मां के साथ नाना-नानी के घर जोधपुर में रहा है। इकरा-बी (19) राहुल की नानी के पड़ोस में ही रहती है।

 

नाबालिग होने से 3 साल इंतजार किया

 

3 साल पहले ही इकरा और राहुल को प्यार हो गया था, लेकिन तब वे नाबालिग थे। बालिग होने पर दोनों ने घर से भागकर शादी करने की ठानी। हालांकि, राहुल के परिवार को दोनों की शादी से ऐतराज नहीं था। परिवार ने दोनों की उदयपुर में एग्रीमेंट मैरिज कराई। इसके बाद मंदसौर के गायत्री मंदिर में हिंदू रीति से विवाह करा दिया।

मंदसौर के गायत्री मंदिर में इकरा- बी को दूध, गोबर, गोमूत्र सहित पंचगव्य से स्नान कराया गया। उसे नया नाम इशिका दिया गया। इशिका का कहना है कि उसने अपनी मर्जी से सनातन धर्म अपनाया है। उसे परिवार और मुस्लिम समाज के लोगों से खतरा है।

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बता दें, राहुल अभी पढ़ाई कर रहा है और इशिका नौवीं क्लास तक पढ़ी है।

 

मंदसौर के जफर शेख भी बन गए चेतन सिंह राजपूत

तीन महीने पहले मंदसौर के रहने वाले जफर शेख ने मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया था। अब शेख जफर को चेतन सिंह राजपूत के नाम से जाना जाता है। उनकी पत्नी पहले ही हिंदू धर्म से थीं।

 

पशुपतिनाथ मंदिर में 46 साल के शेख को महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती द्वारा विधि-विधान से पूजन हवन कर हिंदू धर्म की दीक्षा दी गई थी। इस दौरान उन्हें गोबर और गोमूत्र से स्नान भी करवाया गया। चेतन सिंह ने बताया कि राहुल के परिजन ने उनसे कॉन्टैक्ट किया था।

 

इसके बाद हमने शहर कोतवाली थाने में इसकी लिखित सूचना दी। गायत्री मंदिर में पुलिस सूचना की कॉपी दिखाई। इसके बाद यहां युवती का धर्म परिवर्तन कराकर युवक-युवती का विवाह कराया।

 

एक ही परिवार के 18 लोगों ने अपनाया हिंदू धर्म

 

जफर शेख के हिंदू धर्म अपनाने के 13 दिन बाद रतलाम के आम्बा में 18 लोगों ने मुस्लिम धर्म त्यागकर हिंदू धर्म अपनाया। परिवार के मुखिया मोहम्मद शाह अब राम सिंह बन गए हैं। भीमनाथ मंदिर में महा शिवपुराण की पूर्णाहुति पर स्वामी आनंदगिरी महाराज के सानिध्य में सभी ने गोबर और गोमूत्र से नहाकर जनेऊ धारण किया।

 

इसके पहले सभी ने शपथ-पत्र तैयार कराया। इसमें उन्होंने बिना किसी दबाव के धर्म बदलने की बात लिखी। इससे पहले इस परिवार के मुखिया ने स्वामी आनंदगिरी के पास जाकर धर्म परिवर्तन करने की इच्छा जाहिर की थी।

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धर्म परिवर्तन पर क्या कहता है कानून?

 

भोपाल के वकील यावर खान के मुताबिक, धर्म बदलने के लिए एफिडेविट बनवाना जरूरी होता है। इसे नोटरी से अटैच करवाना होता है। इसके बाद दो राष्ट्रीय दैनिक अखबारों में धर्म परिवर्तन की जानकारी देनी होती है। सरकारी तौर पर दर्ज कराने के लिए गजट ऑफिस में आवेदन करना होता है। हर प्रदेश का अपना गजट ऑफिस होता है।

 

आमतौर पर ये काम कलेक्टर कार्यालयों से होता है। इसमें कई डॉक्यूमेंट और पासपोर्ट साइज की फोटो लगती है। परिवार की गवाही होती है। धर्म बदलने का कारण पूछा जाता है। इस तरह की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद व्यक्ति को कानूनी मान्यता मिल जाती है।

 

 

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