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चीन में कोरोना लॉकडाउन, कोरोना के नए वैरिएंट ने भी बढ़ाई है टेंशन, दुनिया के सबसे बड़े iPhone प्लांट के आसपास से भाग खड़े हुए कंपनी के कर्मचारी | ऑनलाइन बुलेटिन

बीजिंग | [वर्ल्ड बुलेटिन] | चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने शहरों को एक बार फिर से लॉकडाउन की ओर से धकेल दिया है। कोरोना वायरस पर अंकुश लगाने के लिए चीन लॉक डाउन का सहारा ले रहा है।

 

चीनी अधिकारियों ने बुधवार को झॉन्गझॉय शहर में स्थित दुनिया के सबसे बड़े iPhone प्लांट के आसपास के क्षेत्र में लॉकडाउन लगा दिया है। जिसकी वजह से करीब 6 लाख लोग पूरी तरह से कोरोना पाबंदियों में कैद हो गए हैं। वहीं, प्लांट के कुछ कर्मचारी पाबंदियों से बचने के लिए भाग खड़े हुए हैं।

 

चीन के अधिकारियों ने कहा कि कोविड रोकथाम में लगे लोगों को छोड़कर और जरूरी काम पर लगे श्रमिकों को छोड़कर सभी लोगों को कोरोना टेस्टिंग और मेडिकल इमरजेंसी के अलावा किसी को भी अपने घरों से बाहर नहीं निकलने की निर्देश दिया गया है।

 

चीनी अधिकारियों की ओर से इस इलाके में पूरी तरह से लॉकडाउन लगाने का फैसला उसके बाद लिया गया है जब कुछ लोग पाबंदियों को तोड़ते हुए नजर आए थे। कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने कोरोना रोकथाम के लिए खराब व्यवस्था की शिकायत भी की थी।

 

कोरोना के नए वैरिएंट ने भी बढ़ाई है टेंशन

 

चीन में जीरो कोविड पॉलिसी लागू हुई है। हालांकि, कोरोना वायरस को रोकने में चीन की यह पॉलिसी अभी तक ज्यादा कारगर साबित नहीं हुई है। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ने चीन की टेंशन और बढ़ा दी है।

 

झॉन्गझॉय शहर के अधिकारियों ने बुधवार को कुछ प्रमुख कंपनियों में काम कर रहे लोगों को छोड़कर सभी कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश दिया है।

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निवासियों को हर दिन न्यूक्लिक एसिड टेस्ट जरूरी

 

नए आदेश के मुताबिक जिले के 6 लाख से अधिक निवासियों को हर दिन न्यूक्लिक एसिड टेस्ट करना होगा। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई होगी।

 

इससे पहले चीन में जीरो-कोविड नीति के तहत शंघाई सहित दर्जनों शहरों में पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया था जिसके कारण लोग कई सप्ताह तक अपने घरों में बंद रहने को मजबूर हो गए थे।

 

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