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चीतों की सुरक्षा में कुत्तों को किया तैनात, शिकारियों से करेगा इनकी रक्षा, शिकारियों से रक्षा करेंगे प्रशिक्षित कुत्ते | ऑनलाइन बुलेटिन

भोपाल | [मध्य प्रदेश बुलेटिन] | अक्सर गांवों में बच्चों को सुलाने के लिए माताएं कहती है कि बेटा सो जा, नहीं तो शेर/चीता आ जाएगा। वैसे भी चीते को कुत्ते से काफी शक्तिशाली माना जाता है, लेकिन कूनो नेशनल पार्क में कुत्ता चीतों की सुरक्षा करेगा। खासतौर से कुत्ता चीतों को शिकारियों से बचाएगा। यह डाग प्रशिक्षत होगा। इसे पंचकूला हरियाणा में विशेष ट्रेनिंग दी गई है। कूनो में चीते तो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे, लेकिन इनकी सुरक्षा करने वाला प्रशिक्षित कुत्ता भी पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करेगा।

 

प्रधानमंत्री ने शनिवार को अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को कूनो में छोड़ दिया है। इन चीतों की सुरक्षा के लिए फीमेल डाग को प्रशिक्षित किया गया है, जो चीतों की सुरक्षा करेगा। अब हर समय ट्रेंड डॉग तैनात रहेगा, जो शिकारियों को उनकी गंध के सहारे घर तक से खींचकर ले आएगा।

 

कूनो नेशनल पार्क में तेंदुआ तक का शिकार कर लेने वाले शिकारियों की अब खैर नहीं होगी। कारण, कूनो पार्क प्रबंधन द्वारा जर्मन शेफर्ड नस्ल का एक डाग लाया गया है, इस डाग को पंचकूला में ट्रेनिंग दी गई है। आठ महीने का प्रशिक्षण लेने के बाद यह कूनो नेशनल पार्क में आएगा। अभी इसका डेढ़ महीने का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।

 

कूनो नेशनल पार्क, श्योपुर सहित पूरा ग्वालियर- चंबल अंचल मध्यप्रदेश का नया पर्यटन हब बनेगा। इसके साथ ही प्रदेश को वैश्विक पटल पर पर्यटन के क्षेत्र में अलग स्थान मिलेगा। डीएफओ पीके वर्मा का कहना है कि चीतों की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद डाग कूनो नेशनल पार्क लाया जाएगा। ये डाग शिकारी की गंध पाकर सूंघते हुए उसके ठिकाने पर पहुंचकर उसको पकड़कर लाएगा।

 

भैंसे के मीट का किया नाश्ता, 3 दिन से भूखे थे

 

कूनो नेशनल पार्क में आए नए मेहमान चीतों ने पहले दिन भैंसे के मीट का नाश्ता किया। चीते भारत आने के दो दिन पहले से भूखे थे, तीन दिन के बाद चीतों ने भारत में पहली बार नाश्ता किया है। चीते कुछ दिन छोटे बाड़े में क्वारंटीन में रहेंगे, फिर उन्हें बड़े बाड़े में शिफ्ट किया जाएगा। बता दें, अफ्रीका के नामीबिया से आए चीतों को शनिवार को पीएम ने अपने जन्मदिन के अवसर पर कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था।

 

कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ प्रकाश वर्मा के अनुसार चीते पिछले 3 दिन से भूखे थे तो पीएम के कार्यक्रम का समापन हो जाने के बाद बाड़े में छोड़े गए। चीतों को भैंसे का मांस परोसा गया। वहीं, उन्होंने बताया कि अभी चीतों को एक महीने तक क्वारंटाइन रखा जाएगा। इस दौरान उन्हें यही भोजन दिया जाएगा। उसके बाद उन्हें चेकअप के बाद बड़े बाड़े में छोड़ा जाएगा। फिलहाल, चीतों से मिलने के लिए पर्यटकों को 3 महीने इंतजार करना पड़ेगा।

 

 

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