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यज्ञ के लिए इकट्ठा सवा लाख रुपए के लिए 95 साल के संत को गांव के दबंगों ने पीटा, प्राइवेट पार्ट में डाला स्टील का गिलास | ऑनलाइन बुलेटिन

भोपाल | [मध्य प्रदेश बुलेटिन] | प्रदेश के राजगढ़ जिले में शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यज्ञ के लिए इकठ्ठा सवा लाख से भी ज्यादा रकम के लिए दबंगों ने बुजुर्ग पुजारी के साथ जमकर मारपीट की। गांव के दबंगों ने पहले तो संत के साथ मारपीट की, इसके बाद उन्हें ग्लास के ऊपर बैठाकर दबा दिया। जिस वजह से उनके प्राइवेट पार्ट में ग्लास घुस गया। बुजुर्ग बीते 3 माह से तकलीफ सह रहा है।

 

जानकारी के मुताबिक, करीब 2 साल पहले संत ने गांव वालों के साथ मिलकर गांव में यज्ञ और पूजा-पाठ कराने का फैसला किया था। जिसके लिए उन्होंने चंदा भी इकठ्ठा कर लिया था। यज्ञ का आयोजन हो पाता इससे पहले ही कोरोना आ गया और इस वजह से गांव में पूजा नहीं हो पाई।

 

3 महीने पहले संत उन लोगों के घर गए और उनसे दोबारा पूजा कराने के लिए कहने लगे। इसी बात से नाराज होकर 3 गांवों (अमावता, कछोटिया और हलाहेड़ी) के कुछ दबंगों ने मिलकर उन्हें पीट दिया। पीटने के बाद दबंगों ने संत के प्राइवेट पार्ट में गिलास घुसा दिया।

 

3 महीने तक दर्द सहता रहा बुजुर्ग

 

पीड़ित बुजुर्ग 3 महीने तक दर्द सहता रहा और शर्म के मारे दूसरे गांवों में इलाज कराता रहा। जब कुछ फायदा नहीं हुआ और तकलीफ असहनीय हो गई तो वह शनिवार को इलाज कराने के लिए राजगढ़ जिला अस्पताल पहुंचा। जहां से रविवार को उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया।

 

यज्ञ के लिए इकट्ठा हुए थे सवा लाख से ज्यादा

 

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95 साल के पीड़ित संत का कहना है कि यज्ञ के लिए कितना पैसा इकट्ठा हुआ था, ये तो उन लोगों ने किसी को नहीं बताया, लेकिन इतना पता है कि कम से कम सवा लाख रुपये इकट्ठे हुए थे। मैंने उनसे कहा कि अब तो कोरोना खत्म हो गया है, अब यज्ञ करवा सकते हैं। इसी बात से वे लोग भड़क गए और मुझे मारने लगे।

 

इसके बाद उन्होंने मुझे स्टील के एक ग्लास पर बैठा दिया और फिर मुझे दबाने लगे। जिससे वो ग्लास मेरे अंदर चला गया। 3 महीने तक मैं छापीहेड़ा से दूर पिछोर में इलाज करा रहा था। मुझे यहां इलाज करवाने में डर लग रहा था, कहीं वो मुझे जान से न मार दें।

 

दूसरा यहां लोग मुझे जानते हैं, इसलिए यहां इलाज कराने में शर्म भी आ रही थी। हाल ही में जब तकलीफ बढ़ गई और सहन नहीं हुई तो पेट दर्द की बात कहकर ग्रामीणों के साथ राजगढ़ अस्पताल पहुंचा।

 

यह बोले डॉक्टर

 

राजगढ़ जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. राजेंद्र काठेरिया ने बताया कि हमने पीड़ित के अंदर से ग्लास निकालने की कोशिश की, लेकिन निकाल नहीं पाए। पीड़ित को भोपाल रेफर कर दिया गया है। ग्लास आंतों में पूरी तरह से चिपक चुका है। इसलिए हमने उन्हें भोपाल के हमीदिया अस्पताल में रेफर किया है।

 

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