Bhim Army Bhopal CM House Gherao:? मध्य प्रदेश में बड़ा धमाका! 12 फरवरी को ‘भोपाल’ जाम करेगी भीम आर्मी, CM हाउस घेराव का ऐलान—UGC नियमों पर छिड़ा महासंग्राम!
Azad Samaj Party protest against UGC Equity Regulations 2026 stay in Madhya Pradesh

Bhim Army Bhopal CM House Gherao:?

Azad Samaj Party protest against UGC Equity Regulations 2026 stay in Madhya Pradesh
MP News: भीम आर्मी की भोपाल में हुंकार, सत्ता के गलियारों में हलचल
Bhim Army Bhopal CM House Gherao:? भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सामाजिक न्याय की लहर उठने वाली है। सांसद चंद्रशेखर आज़ाद की अगुवाई वाली आजाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) ने राजधानी भोपाल में अब तक के सबसे बड़े जन-आंदोलन की घोषणा कर दी है। आने वाली 12 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।
Bhim Army Bhopal CM House Gherao:? यह आंदोलन केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि दलित, पिछड़ा (OBC) और अल्पसंख्यक समाज की एकजुटता का एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। मामला सीधे तौर पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों और सामाजिक अस्मिता से जुड़ा है।
UGC इक्विटी रेगुलेशंस 2026: क्या है पूरा विवाद?
आंदोलन का मुख्य कारण विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए ‘इक्विटी रेगुलेशंस 2026’ पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक है। भीम आर्मी का दावा है कि ये नियम देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में दलित और ओबीसी छात्रों को भेदभाव से बचाने और उन्हें कैंपस में सुरक्षा देने के लिए बनाए गए थे।
पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य और DPSS के संस्थापक दामोदर यादव मंडल ने भोपाल में एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा, “UGC के ये नियम बहुजन समाज के छात्रों के लिए सुरक्षा कवच थे। सुप्रीम कोर्ट की रोक ने करोड़ों छात्रों को फिर से असुरक्षित महसूस कराया है। हम चुप नहीं बैठेंगे।”
चंद्रशेखर आज़ाद का संसद से सड़क तक संघर्ष
भीम आर्मी प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने संसद में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। पार्टी नेताओं का कहना है कि चंद्रशेखर आज़ाद ही एकमात्र ऐसे नेता हैं जो संसद में इन नियमों के हक में बोले। अब उनकी पार्टी इस लड़ाई को सड़कों पर ले आई है।
प्रेस वार्ता में दामोदर मंडल ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह भाजपा की ‘B टीम’ है। जब दलितों और पिछड़ों के हक की बात आती है, तो कांग्रेस मौन साध लेती है। अब OBC समाज को समझ आ गया है कि उनका असली दोस्त कौन है और दुश्मन कौन।”
अनिल गुर्जर का बड़ा आरोप: “क्या OBC हिंदू नहीं हैं?”
आजाद समाज पार्टी युवा विंग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल गुर्जर ने इस विवाद में धार्मिक एंगल को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने एक चुभता हुआ सवाल पूछा: “जो लोग दिन-रात हिंदू-हिंदू का नारा देते हैं, वे ही उन नियमों का विरोध कर रहे हैं जो OBC छात्रों की सुरक्षा करते हैं। क्या इसका मतलब यह है कि वे OBC वर्ग को हिंदू नहीं मानते? यह उनका दोहरा चरित्र है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि UGC के नियम कैंपस में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने के लिए जरूरी हैं और इनके बिना बहुजन समाज का छात्र उच्च शिक्षा में सुरक्षित नहीं रह सकता।
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ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबा साहेब की प्रतिमा: संकल्प यात्रा
Bhim Army Bhopal CM House Gherao:? प्रेस वार्ता में केवल UGC ही नहीं, बल्कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सम्मान का मुद्दा भी गूंजा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील अस्तेय ने बताया कि ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित करने के लिए ‘संकल्प यात्रा‘ का दूसरा चरण 14 फरवरी से भोपाल से शुरू होगा।
यह यात्रा नागपुर की दीक्षा भूमि से शुरू होकर मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए ग्वालियर पहुँचेगी। भीम आर्मी का कहना है कि यह केवल मूर्ति लगाने की मांग नहीं है, बल्कि संविधान निर्माता के सम्मान और सामाजिक न्याय की लड़ाई है।
12 फरवरी: भोपाल में क्या होगा? (आंदोलन की रूपरेखा)
भीम आर्मी के प्रदेश संयोजक सुनील बैरसिया के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता भोपाल पहुँचने की तैयारी कर रहे हैं। आंदोलन की रूपरेखा कुछ इस प्रकार है:
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भारी संख्या में घेराव: प्रदेश के हर जिले से कार्यकर्ताओं को भोपाल बुलाने के लिए ‘चलो भोपाल’ अभियान शुरू किया गया है।
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सीएम हाउस मार्च: कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से मुख्यमंत्री निवास तक मार्च करेंगे और UGC नियमों की बहाली की मांग करेंगे।
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ज्ञापन: राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा।
एमपी की राजनीति पर असर
Bhim Army Bhopal CM House Gherao:? मध्य प्रदेश में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी का बढ़ता जनाधार भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए चिंता का विषय है। विशेषकर ग्वालियर-चंबल और मालवांचल के क्षेत्रों में दलित-ओबीसी गठजोड़ चुनावी समीकरण बदल सकता है। 12 फरवरी का यह घेराव यह तय करेगा कि 2026-27 के आगामी चुनावों में भीम आर्मी कितनी बड़ी ताकत बनकर उभरेगी।

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निष्कर्ष: अधिकारों की जंग Bhim Army Bhopal CM House Gherao:?
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12 फरवरी का घेराव और 14 फरवरी की संकल्प यात्रा मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया तापमान पैदा करने वाली है। जहाँ एक तरफ सरकार कानून-व्यवस्था का हवाला देकर आंदोलन को रोकने की कोशिश कर सकती है, वहीं दूसरी तरफ भीम आर्मी इसे ‘आर-पार की लड़ाई’ मान रही है।









