Ayushman Scheme Impact: हरियाणा के 1.18 लाख लाभार्थियों को मिला 122 करोड़ से ज्यादा का फ्री ट्रीटमेंट

यमुना नगर.

आयुष्मान चिरायु योजना का समय से पेमेंट न होने पर भले ही निजी अस्पताल विरोध में हो लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर पात्रों के लिए योजना वरदान बन रही है। जिले में सात लाख छह हजार पात्र हैं। जिन्हें पांच लाख रुपये तक के इलाज की चिंता नहीं है।

इसका खर्च सरकार उठा रही है। इलाज की बात करें तो पिछले दो वर्षाें में एक लाख 18 हजार 868 पात्रों ने आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराया है। जिसमें 122.64 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसका भुगतान सरकार की ओर से किया जाएगा। अब इस योजना का विस्तार करते हुए आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष के बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है।

वर्ष 2018 में लागू हुई थी आयुष्मान योजना
केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना लागू की। उसमें पांच लाख रुपये का निश्शुल्क इलाज लिया जा सकता है। उस समय जिले में लगभग साढ़े चार लाख पात्रों का चयन किया गया था। जिसके बाद राज्य सरकार ने इसमें बढ़ोतरी करते हुए नवंबर 2022 में आयुष्मान चिरायु भारत योजना शुरू की। इसमें अब एक लाख 80 हजार रुपये तक की आय वाले परिवारों को शामिल कर लिया गया।

यह है आयुष्मान योजना की स्थिति
आयुष्मान योजना के तहत जिले में दो लाख 74 हजार कार्ड बने हैं। आयुष्मान चिरायु योजना के चार लाख 84 हजार कार्ड बने हैं।आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत बुजुर्गों के 11 हजार 521 कार्ड बने हैं। कैशलेस योजना के तहत पेंशनर्स व सरकारी कर्मियों के 4374 आयुष्मान कार्ड बने हैं। आयुष्मान योजना के 44 हजार 419 पात्रों ने सरकारी अस्पतालों से 10 करोड़ 42 लाख रुपये का इलाज लिया है। निजी अस्पतालों में 74 हजार 456 कार्ड धारकों ने 113 करोड़ रुपये का इलाज लिया है।

इन बीमारियों के पात्रों को केवल सरकारी में इलाज
सरकार की ओर से आयुष्मान लाभार्थी मरीजों के घुटने, कूल्हा, कान का पर्दा, हार्निया, अपेंडिक्स, गले का लग जाना, टान्सिल, सांस, उल्टी दस्त, मोतियाबिंद, बवासीर, अंडकोष में पानी व यूरिनल के इलाज व आपरेशन की सुविधा केवल सरकारी अस्पतालों में की है। इन बीमारियों के पात्रों का इलाज निजी में नहीं होगा। इसके लिए गत वर्ष सरकार की ओर से सर्जिकल कैंप भी लगाए गए। जिसमें पात् मरीजों के आपरेशन किए गए। आयुष्मान योजना के डिस्ट्रिक इनफोर्मेशन मैनेजर संदीप शर्मा ने बताया कि आयुष्मान योजना से लोगों को नि:श्शुल्क इलाज का लाभ मिल रहा है। सरकारी अस्पतालों में मरीज बढ़े हैं। आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए सर्जिकल कैंप लगाकर आपरेशन किए गए। इस समय जिले में सरकारी व निजी सहित 54 अस्पताल पैनल पर हैं।

पात्रता के दायरे में आने वाले सभी पात्रों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। पात्र लोग मोबाइल एप के जरिए कार्ड खुद भी बना सकते हैं और अपनी पात्रता का पता कर सकते हैं। इसके साथ ही कैशलेस योजना में आने वाले सरकारी कर्मचारियों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्हें विभाग से रिकार्ड लेकर आना होगा।


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