बच्चों के चंदा मामा…

🔊 Listen to this ©प्रीति विश्वकर्मा, ‘वर्तिका’, परिचय- प्रयागराज, उत्तर प्रदेश.   (बालकाविता)     मम्मी कहती, बहुत दूर है चंदा मामा, नभ न तारें बिखराते। इतनी दूर भला कैसे, बच्चे के हाथ पहुंच पाते। गहरा रिश्ता उनका हमसे, तभी चांदनी पहुंचाते। बच्चों, ज्यादा दूर नहीं मैं तुमसे, चंदा मामा बतलाते।   इसरो ने फिर … Continue reading बच्चों के चंदा मामा…