बच्चों के चंदा मामा…

Listen to this ©प्रीति विश्वकर्मा, ‘वर्तिका’, परिचय- प्रयागराज, उत्तर प्रदेश.   (बालकाविता)     मम्मी कहती, बहुत दूर है चंदा मामा, नभ न तारें बिखराते। इतनी दूर भला कैसे, बच्चे के हाथ पहुंच पाते। गहरा रिश्ता उनका हमसे, तभी चांदनी पहुंचाते। बच्चों, ज्यादा दूर नहीं मैं तुमसे, चंदा मामा बतलाते।   इसरो ने फिर हमें … Continue reading बच्चों के चंदा मामा…