Bharat Natya Mahotsav- ? “छत्तीसगढ़ में रंगमंच का महासंगम: आदर्श कला मंदिर के ‘भरत नाट्य महोत्सव’ में जुटे दिग्गज!”
Bharat Natya Mahotsav- ?
? छत्तीसगढ़ में नाट्य कला का ऐतिहासिक पर्व: भरत नाट्य महोत्सव 2025
Bharat Natya Mahotsav- ? बिलासपुर, छत्तीसगढ़। रंगमंच प्रेमियों के लिए जून 2025 का महीना किसी उत्सव से कम नहीं रहा। आदर्श कला मंदिर नाट्य संस्था और श्लोक-ध्वनि फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 01 से 03 जून तक आयोजित हुआ ‘भरत नाट्य महोत्सव’, जिसने छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक नई चेतना का संचार किया।
स्थान: सिम्स ऑडिटोरियम, बिलासपुर
समय: प्रतिदिन संध्या 6 बजे से
उद्देश्य: रंगमंच को जन-जन तक पहुँचाना, नई प्रतिभाओं को मंच देना, और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक गरिमा को राष्ट्रीय पहचान दिलाना।
?️ महोत्सव की भव्य शुरुआत: 01 जून 2025
रविवार की संध्या को सिम्स ऑडिटोरियम दर्शकों से खचाखच भरा था, जहां कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ। मुख्य अतिथियों के रूप में मंच पर मौजूद थे:
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श्री सुशांत शुक्ला (विधायक, बेलतरा) – जिनके ओजपूर्ण भाषण ने युवाओं को कला के प्रति प्रेरित किया।
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श्री अटल श्रीवास्तव (विधायक, कोटा) – जिन्होंने छत्तीसगढ़ी रंगमंच की परंपरा को देशभर में ले जाने की अपील की।
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श्री विनय कुमार पाठक (कुलपति, थावे विद्यापीठ) – शिक्षा और कला के समन्वय पर प्रकाश डाला।
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श्रीमती रुचि शर्मा (अवर सचिव, संस्कृति विभाग) – जिन्होंने नाट्य कला में सरकारी सहयोग को विस्तार देने की बात कही।
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श्री प्रवीन झा (समाजसेवी) और श्री भागवत जायसवाल (डिप्टी सेक्रेटरी, खाद्य विभाग) की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ा।
✨ दूसरे दिन की रचनात्मक छटा: 02 जून 2025
Bharat Natya Mahotsav- ? सोमवार की संध्या को महोत्सव की रचनात्मक ऊर्जा अपने चरम पर थी। नाटकों, गीतों और संवादों की गूंज में शामिल रहे विशिष्ट अतिथि:
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डॉ. रमड़ेश मूर्ति (अधिष्ठाता, सिम्स) – जिन्होंने कला और मानसिक स्वास्थ्य के रिश्ते पर विचार साझा किए।
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डॉ. अजय पाठक (वरिष्ठ नवगीतकार) – जिनकी कविताओं ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
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अमित कुमार (नगर निगम आयुक्त) और संजय दुबे (चेयरमेन, सीएमडी कॉलेज) – जिन्होंने नगर और शिक्षा के सांस्कृतिक दायित्वों पर जोर दिया।
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रश्मिलता मिश्रा (कवयित्री) और हिमांशु गुप्ता (जनपद सीईओ) की उपस्थिति ने साहित्य और प्रशासन की साझेदारी का भाव प्रस्तुत किया।
? अंतिम दिन का आकर्षण: 03 जून 2025
Bharat Natya Mahotsav- ? तीसरे दिन यानी मंगलवार को नाट्य महोत्सव की समापन संध्या ऐतिहासिक बन गई। राजनीतिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों ने महोत्सव को नई ऊँचाइयाँ दीं:
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प्रबल प्रताप सिंहजूदेव (प्रदेश महामंत्री, भाजपा छ.ग.) – जिन्होंने कहा, “कला ही संस्कृति की आत्मा है।”
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किरणपाल सिंह चांवला (संस्थापक, अरपा रिवर वैली स्कूल) – जिन्होंने शिक्षा में रंगमंच की भूमिका को सराहा।
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डॉ. भारती भट्टाचार्या (समाज सेविका), डॉ. ए.के. यदु (साहित्यकार) और श्री शिव सिंह (डिवाइन करियर एजुकेशन) की उपस्थिति ने युवा प्रतिभाओं को संबल दिया।
? आयोजन के सच्चे नायक
Bharat Natya Mahotsav- ? इस पूरे आयोजन को सफल बनाने के पीछे डॉ. आनंद कश्यप (अध्यक्ष, आदर्श कला मंदिर), श्री कुमार (सचिव, आदर्श कला मंदिर) और सुमित शर्मा (श्लोक-ध्वनि फाउंडेशन) की अथक मेहनत और समर्पण प्रमुख रहे। उन्होंने न केवल इस आयोजन को दिशा दी, बल्कि बिलासपुर की सांस्कृतिक पहचान को नई उड़ान भी दी।
? रंगमंच का संदेश
महोत्सव के तीनों दिन अलग-अलग नाटकों का मंचन हुआ जिनमें सामाजिक विषमता, महिला सशक्तिकरण, पारिवारिक मूल्यों और ऐतिहासिक चेतना जैसे विषयों को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया गया। युवा कलाकारों की प्रतिभा ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
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? निष्कर्ष
Bharat Natya Mahotsav- ? ‘भरत नाट्य महोत्सव 2025’ सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव था। यह आयोजन यह साबित करता है कि जब प्रशासन, समाज और कलाकार मिलकर काम करते हैं, तब एक नई सांस्कृतिक क्रांति जन्म लेती है।












